पुणे को जल्द भारी ट्रैफिक से राहत मिलने वाली है। शहर में तीन नए एलिवेटेड हाईवे कॉरिडोर बनाए जाएंगे। इन प्रोजेक्ट्स पर करीब 18,000 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इनका उद्देश्य ट्रैफिक जाम कम करना और सफर को आसान बनाना है। महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (MSRDC) इन प्रोजेक्ट्स को तैयार करेगा। इनके बनने से शहर के सबसे व्यस्त हाईवे पर भी कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
इन तीन हाईवे पर बनेगा नया एलिवेटेड कॉरिडोर
ये एलिवेटेड कॉरिडोर मुंबई, सोलापुर और अहिल्यानगर हाईवे पर बनाए जाएंगे। इनका उद्देश्य ट्रैफिक का दबाव कम करना है। इससे ट्रैफिक वाले हिस्सों से बचना आसान होगा। नतीजतन, यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा।

जाम से राहत दिलाएंगे नए कॉरिडोर
इन तीन एलिवेटेड कॉरिडोर के बनने से शहर के ट्रैफिक में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। लोकल और हाईवे ट्रैफिक के लिए अलग रास्ते होंगे। इससे मुख्य चौराहों पर लगने वाला जाम कम होगा। आम लोगों का रोजाना सफर आसान बनेगा।
कमर्शियल व्हीकल की आवाजाही भी तेज होगी। यानी शहर में बिना बार-बार रुके सफर करना पहले से ज्यादा आसान हो जाएगा।
इतना ही नहीं, यह नया रोड नेटवर्क पुणे की रफ्तार भी बढ़ाएगा। इससे मेट्रो और सड़क नेटवर्क के बीच बेहतर तालमेल बनेगा। शहर के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचना आसान होगा। साथ ही, भविष्य के दूसरे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को भी इसका फायदा मिलेगा।
नए हाईवे पर लगेगा 9 रुपये प्रति किमी टोल
सुविधाजनक सफर के साथ यात्रियों की जेब पर टोल का खर्च भी आएगा। अधिकारियों ने इन एलिवेटेड हाईवे पर 9 रुपये प्रति किलोमीटर टोल का प्रस्ताव रखा है। हाईवे शुरू होने के बाद यह टोल 25 साल तक वसूला जाएगा। इस बजट से प्रोजेक्ट के कंस्ट्रक्शन और मेंटेनेंस का खर्च पूरा किया जाएगा।
ट्रैफिक में कमी और फ्यूल की बचत से यात्रियों का सफर आसान होगा। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, समय की बचत इस टोल का सबसे बड़ा फायदा साबित हो सकती है।
पुणे के इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगा बढ़ावा
यह प्रोजेक्ट पुणे और आस-पास के इलाकों की कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा। इससे शहर के तेजी से होते विस्तार को भी नई दिशा मिलेगी। बेहतर सड़कें बनने से लोकल इंडस्ट्री को काफी फायदा होगा। लॉजिस्टिक्स और बिजनेस से जुड़े लोगों के लिए ट्रांसपोर्ट की सुविधा अब और बेहतर हो जाएगी।
यह प्रोजेक्ट राज्य सरकार के बड़े मास्टर प्लान का हिस्सा है। इसका उद्देश्य सड़कों को आधुनिक बनाना है। इतना ही नहीं, इससे शहरों में बढ़ते ट्रैफिक से निपटना काफी आसान हो जाएगा।
कई चरणों में पूरा होगा हाईवे प्रोजेक्ट
बताते चलें कि इन एलिवेटेड हाईवे प्रोजेक्ट्स का काम कई फेज में पूरा किया जाएगा। इसके लिए सबसे पहले जरूरी अप्रूवल, लैंड एक्युजीशन और डिटेल्ड रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इन कॉरिडोर से शहर के प्रमुख रुट्स पर ट्रैफिक का दबाव कम होने की उम्मीद है। साथ ही, पूरे पुणे में वाहनों की आवाजाही बेहतर हो सकेगी।
प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद ये एलिवेटेड हाईवे शहर के भविष्य के ट्रांसपोर्ट नेटवर्क का अहम हिस्सा बन सकते हैं। इससे पुणे की कनेक्टिविटी को लंबे समय तक फायदा मिलने की संभावना है।
