पति की Salary जानने के लिए RTI का इस्तेमाल कर सकती है पत्नी? कोर्ट ने दिया बड़ा फैसला


Bhawna Mishra

Bhawna Mishra

Jul 21, 2026




राजस्थान हाई कोर्ट ने एक बड़ा और अहम फैसला सुनाया है। अब कोई भी पत्नी सिर्फ RTI लगाकर अपने पति की सैलरी स्लिप नहीं मांग सकती। कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि नौकरी और सैलरी से जुड़ी जानकारी प्राइवेट होती है। दरअसल, RTI कानून की धारा 8(1)(j) ऐसी जानकारी को सुरक्षा प्रदान करती है। इसलिए इसे पब्लिक नहीं किया जा सकता।


सैलरी और नौकरी की जानकारी रहेगी प्राइवेट

इस फैसले ने एक बात फिर से पूरी तरह साफ कर दी है। किसी भी व्यक्ति के वित्तीय और नौकरी से जुड़े दस्तावेज उसकी निजी संपत्ति हैं। जब तक कोई बड़ा जनहित का मामला न हो, इन्हें सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। कोर्ट का यह कदम राइट टू प्राइवेसी को और मजबूत करता है।

महिला की RTI अर्जी से शुरू हुआ मामला

यह पूरा मामला एक महिला की RTI अर्जी से जुड़ा था। दरअसल महिला ने सरकारी विभाग से अपने पति की सैलरी स्लिप की कॉपी मांगी थी, जहां वह कार्यरत थे। हालांकि, डिपार्टमेंट ने यह मांग स्वीकार नहीं की। 

अधिकारियों ने कहा कि सैलरी से जुड़ी जानकारी तीसरे पक्ष की निजी सूचना है। इसलिए इसे बिना कानूनी आधार या उचित कारण के उपलब्ध नहीं कराया जा सकता।

सैलरी रिकॉर्ड पर कोर्ट का बड़ा फैसला

राजस्थान हाई कोर्ट ने विभाग के फैसले को सही माना। अदालत ने कहा कि किसी कर्मचारी की सैलरी से जुड़ी जानकारी उसके निजी सर्विस रिकॉर्ड का हिस्सा होती है। 

इसलिए ऐसी जानकारी को सामान्य तौर पर RTI के तहत सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बिना किसी ठोस कारण के इसे किसी के साथ  शेयर नहीं किया जा सकता।

मेंटेनेंस केस में बदल जाते हैं नियम

हालांकि मेंटेनेंस और वैवाहिक मामलों में नियम अलग हो सकते हैं। लीगल एक्सपर्ट्स के अनुसार, अगर किसी अदालत में मैंटेनेंस अलाउंस या मैट्रिमोनियल डिस्प्यूट से जुड़ी सुनवाई चल रही हो। तो आय की जानकारी मांगी जा सकती है। 

ऐसी स्थिति में अदालत सही खर्च तय करने के लिए पति को इनकम स्टेटमेंट देने का निर्देश दे सकती है। इतना ही नहीं, ज़रूरत पड़ने पर कोर्ट पति के दफ्तर से भी उसकी सैलरी की जानकारी मांग सकता है।

इसका मतलब यह है कि सामान्य परिस्थितियों में जीवनसाथी की सैलरी जानकारी के लिए RTI का सहारा नहीं लिया जा सकता। हालांकि, अगर मामला अदालत में चल रहा हो और आय की जानकारी जरूरी हो, तो यह संभव है। 

कोर्ट ने स्पष्ट किए प्राइवेसी संबंधी नियम

कोर्ट का यह फैसला बताता है कि  राइट टू प्राइवेसी और जरूरत के समय आय की जानकारी के बीच संतुलन जरूरी है। कोर्ट का मानना है कि शादी के झगड़ों से किसी की निजता का अधिकार खत्म नहीं होता। RTI के तहत पति की सैलरी जैसी निजी जानकारी पाना गलत है। 

हालांकि सही वित्तीय आंकड़े हासिल करने के लिए फैमिली कोर्ट और पारिवारिक कानूनों की मदद ही ली जा सकती है।


RTI नहीं, अदालत से मिलेगी मदद

इस फैसले से आम लोगों के लिए स्थिति साफ हो गई है। वैवाहिक विवादों में RTI कानूनी प्रक्रिया का विकल्प नहीं है। अगर कोई व्यक्ति मैंटेनेंस अलाउंस या एलिमनी के लिए अपने पार्टनर की आय की जानकारी चाहता है, तो उसे अदालत का रुख करना होगा। ऐसी जानकारी के लिए सिर्फ RTI पर निर्भर नहीं रहा जा सकता।

60-Words Summary:

राजस्थान हाई कोर्ट ने पति की सैलरी स्लिप को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि पत्नी सिर्फ RTI के जरिए यह जानकारी नहीं मांग सकती। नौकरी और आय से जुड़ी जानकारी निजी होती है। इसे RTI कानून के तहत सुरक्षित रखा गया है। मेंटेनेंस या वैवाहिक विवाद का मामला अदालत में होने पर कोर्ट जरूरत पड़ने पर आय की जानकारी साझा की जा सकती है।


Bhawna Mishra
Bhawna Mishra
  • 666 Posts

She is a seasoned writer with a passion for Storytelling and a keen interest in diverse topics. With 2.5 years of experience, she excels in writing about Tech, Sports, Entertainment, and various Niche topics. Bhawna holds a Postgraduate Degree in Journalism and Mass Communication from St Wilfred’s College of Jaipur.

Subscribe Now!

Get latest news and views related to startups, tech and business

You Might Also Like

Recent Posts

Related Videos

   

Subscribe Now!

Get latest news and views related to startups, tech and business

who's online