दिग्गज IT कंपनी Wipro ने FY26-27 के पहले क्वार्टर के रिजल्ट जारी कर दिए हैं। कंपनी ने अप्रैल-जून तिमाही में ₹3,352 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफ़िट दर्ज किया। पिछले साल के मुकाबले इस बार कंपनी के रेवेन्यू और प्रॉफिट, दोनों में बढ़ोतरी हुई।
इसके बावजूद, कंपनी के नतीजे बाज़ार की उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके। इससे साफ है कि ग्लोबल IT सर्विसेज़ सेक्टर अब भी चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहा है।

कंपनी ने ₹2 प्रति शेयर डिविडेंड का किया ऐलान
इस बीच, कंपनी के बोर्ड ने क्वार्टरली रिजल्ट के साथ शेयरहोल्डर्स के लिए ₹2 प्रति इक्विटी शेयर का अंतरिम डिविडेंड भी घोषित किया है। यह डिविडेंड एलिजिबल शेयरहोल्डर्स को कंपनी के तय रिकॉर्ड डेट के अनुसार दिया जाएगा।
रेवेन्यू और प्रॉफिट ने किया निराश
इस क्वार्टर में विप्रो का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹24,479 करोड़ रहा। हालांकि एनुअल बेसिस पर इसमें अच्छी ग्रोथ देखी गई है। इसके बावजूद, कंपनी का रेवेन्यू और नेट प्रॉफिट दोनों ही एनालिस्ट्स के अनुमान से कम रहे। इससे स्पष्ट है कि टेक्नोलॉजी सेक्टर में डिमांड में सुधार अभी भी पूरी तरह नहीं हुआ है।
पिछले तीन महीनों में कंपनी के ऑपरेटिंग मार्जिन पर भी दबाव देखा गया। हालांकि, विप्रो मजबूत कैश जेनरेशन और ऑपरेशनल एफिशिएंसी बनाए रखने में कामयाब रही।
नए कॉन्ट्रैक्ट्स से कंपनी को मिली मजबूती
Wipro के कमज़ोर वित्तीय प्रदर्शन के बावजूद, कंपनी ने डील बुकिंग में अच्छी रफ्तार दर्ज की। पिछले कुछ समय में कंपनी को बड़े एंटरप्राइज कॉन्ट्रैक्ट मिले हैं। यह दर्शाता है कि डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और AI बेस्ड टेक्नोलॉजी सर्विस के लिए ग्लोबल यूजर्स की मांग लगातार बनी हुई है।
मैनेजमेंट का मानना है कि ऐसी डील्स भविष्य की ग्रोथ के लिए एक मजबूत आधार तैयार करते हैं। हालांकि, इसका वित्तीय फायदा आने वाले समय में देखने को मिलेगा।
भविष्य की ग्रोथ को लेकर Wipro सतर्क
Wipro ने जुलाई-सितंबर अवधि के लिए रेवेन्यू को लेकर अपना अनुमान जारी किया है। कंपनी का मानना है कि इस दौरान IT सर्विस से होने वाली कमाई में मामूली गिरावट या फिर हल्की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।
कंपनी का यह अनुमान ग्लोबल टेक्नोलॉजी खर्च में धीमी रफ्तार को दिखाता है। क्लाइंट्स फिलहाल सोच-समझकर निवेश कर रहे हैं। वे ऐसे प्रोजेक्ट्स को प्राथमिकता दे रहे हैं। जो काम करने के तरीके को बेहतर बनाएं और AI को अपनाने में मदद करें।
₹2 प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड को मंजूरी
कंपनी के बोर्ड ने हर इक्विटी शेयर पर ₹2 के अंतरिम डिविडेंड को मंजूरी दी है। इससे शेयरहोल्डर्स को कंपनी की ओर से रिटर्न मिलेगा। इस दौरान Wipro का कैश फ्लो काफी बेहतर रहा। इतना ही नहीं, फ्यूचर ग्रोथ के लिए कंपनी नए टैलेंट, AI और जरूरी प्रोजेक्ट्स में लगातार इन्वेस्ट कर रही है।
AI से बढ़ेगी टेक्नोलॉजी सर्विसेज़ की मांग
पिछले कुछ समय में टेक कंपनियों के बीच AI आधारित बिज़नेस मॉडल अपनाने का चलन बढ़ा है। ऐसे में Wipro को उम्मीद है कि टेक्नोलॉजी ट्रांसफॉर्मेशन सर्विसेज़ की मांग धीरे-धीरे बढ़ेगी। हालांकि, आने वाले समय में बाजार का माहौल चुनौतीपूर्ण बना रह सकता है।
