बेंगलुरु में फूड डिलीवरी सर्विस को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। जल्द ही स्विगी और ज़ोमैटो से आपका पसंदीदा खाना मिलना बंद हो सकता है। शहर के सैकड़ों रेस्टोरेंट्स ने इन कंपनियों को चेतावनी दी है। रेस्तरां मालिक भारी कमीशन और सख्त डिस्काउंट की नीतियों से परेशान हैं। उन्होंने कंपनियों को दो हफ्तों का समय दिया है। अगर शर्तें नहीं मानी गई, तो 15 अगस्त से इन ऐप्स पर खाने के ऑर्डर बंद कर दिए जाएंगे।
दरअसल रेस्टोरेंट ओनर्स का कहना है कि ऑपरेशनल कॉस्ट में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। वहीं, फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म भी ज्यादा चार्ज वसूल रहे हैं। ऐसे में कई बिज़नेस के लिए प्रॉफिट कमाना मुश्किल हो गया है।

रेस्टोरेंट्स ने दिया 15 दिन का अल्टीमेटम
इस मामले में रेस्टोरेंट मालिकों ने दोनों कंपनियों को 15 दिन की डेडलाइन दी हैं। समस्याओं का समाधान न होने पर कड़ा कदम उठाया जाएगा। रेस्टोरेंट ओनर्स ने साफ कह दिया है कि वे 15 अगस्त से स्विगी और ज़ोमैटो पर ऑर्डर लेना बंद कर देंगे। इन सब के चलते बेंगलुरु के हजारों ग्राहकों को परेशानी हो सकती है।
रेस्टोरेंट इंडस्ट्री का कहना है कि मौजूदा बिजनेस मॉडल अब कई रेस्टोरेंट के लिए फायदे का सौदा नहीं रह गया है। उनका मानना है कि इस मॉडल में लंबे समय तक कारोबार चलाना मुश्किल हो रहा है।
रेस्टोरेंट्स की क्या हैं शिकायतें?
बता दें कि रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म की कई पॉलिसी पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि ज्यादा कमीशन, डिस्काउंट और अलग-अलग प्लेटफॉर्म फीस से उनका खर्च बढ़ रहा है। इसके अलावा, प्रमोशन का खर्च भी उन्हें ही उठाना पड़ता है।
रेस्टोरेंट्स का कहना है कि इन वजहों से मुनाफा लगातार घट रहा है। उनका आरोप है कि प्लेटफॉर्म पर बने रहने के लिए उन्हें कई बार मजबूरी में डिस्काउंट देना पड़ता है।
फिलहाल, रेस्टोरेंट्स ज्यादा ट्रांसपेरेंट प्राइसिंग स्ट्रक्चर और बेहतर कारोबारी शर्तों की मांग कर रहे हैं।
कस्टमर्स पर पड़ सकता है असर
अगर यह बॉयकॉट लागू होता है, तो बेंगलुरु में ग्राहकों को स्विगी और ज़ोमैटो पर कुछ रेस्टोरेंट्स नहीं मिल पाएंगे। हालांकि, वे सीधे रेस्टोरेंट से खाना मंगवा सकते हैं या दूसरे विकल्प अपना सकते हैं।
बताया जा रहा है की बड़ी संख्या में रेस्टोरेंट के शामिल होने पर ऑनलाइन फूड डिलीवरी के ऑप्शन कम हो सकते हैं। इस बीच, रेस्टोरेंट एसोसिएशन और दोनों प्लेटफॉर्म के बीच बातचीत जारी रहने की उम्मीद है।
डेडलाइन से पहले समाधान की उम्मीद
15 अगस्त की डेडलाइन नजदीक आ रही है। ऐसे में इंडस्ट्री से जुड़े लोगों को उम्मीद है कि स्विगी और ज़ोमैटो के साथ बातचीत से कोई समाधान निकल सकता है।
रेस्टोरेंट एसोसिएशन का कहना है कि उनका उद्देश्य ग्राहकों को परेशानी में डालना नहीं है। वे सिर्फ ऐसा बिजनेस मॉडल चाहते हैं, जिससे रेस्टोरेंट, डिलीवरी प्लेटफॉर्म और ग्राहकों, सभी को फायदा मिले। अब आने वाले दिनों में साफ होगा कि बातचीत से रास्ता निकलता है या बेंगलुरु में फूड डिलीवरी पर असर पड़ता है।
60-Words Summary:
बेंगलुरु में सैकड़ों रेस्टोरेंट्स ने Swiggy और Zomato को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है। उनकी शिकायत भारी कमीशन और डिस्काउंट नीतियों को लेकर है। शर्ते नहीं मानी गई, तो 15 अगस्त से इन ऐप्स पर ऑर्डर बंद किए जा सकते हैं। इससे ग्राहकों के फूड डिलीवरी विकल्प प्रभावित हो सकते हैं। फिलहाल, रेस्टोरेंट एसोसिएशन और दोनों कंपनियों के बीच बातचीत जारी है।
