महाराष्ट्र ने कैब सर्विस के सेक्टर में एक नई पहल की है। दरअसल राज्य सरकार ने नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ‘भारत टैक्सी’ नाम का कोऑपरेटिव-बेस्ड राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। इसे ओला और उबर जैसी प्राइवेट कैब एग्रीगेटर कंपनियों के ऑप्शन के तौर पर लॉन्च किया गया है। इस खास सर्विस का उद्घाटन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने किया।
सहकारी मॉडल पर शुरू की गई ‘भारत टैक्सी’ में यात्रियों को कम किराए पर कैब सर्विस मिलेगी। साथ ही, ड्राइवरों को अपनी इनकम का बड़ा हिस्सा मिलेगा। इससे उनकी आमदनी बढ़ेगी और उन्हें ज्यादा आर्थिक सुरक्षा भी मिलेगी।

क्या है ‘भारत टैक्सी’ मॉडल?
भारत टैक्सी दूसरे कैब प्लेटफॉर्म से अलग तरीके से काम करती है। यह ज़ीरो-कमीशन सहकारी मॉडल पर आधारित है। इसमें ड्राइवरों से कोई कमीशन नहीं लिया जाता। इसमें ड्राइवरों को ‘सारथी’ कहा जाता है। yahan वे सिर्फ काम नहीं करते, बल्कि कंपनी के मालिक भी होते हैं। उन्हें अपनी कमाई का पूरा हिस्सा मिलता है। अगर कोऑपरेटिव को मुनाफा होता है, तो उसका हिस्सा भी ड्राइवरों को दिया जाता है।
बता दें कि यह प्लेटफॉर्म एक ही मोबाइल ऐप पर कार, ऑटो और बाइक टैक्सी की सुविधा देता है। ऐसे में यूजर्स को सभी राइड सर्विस एक ही जगह मिल जाती हैं।
कोई सर्ज चार्ज या हिडन प्राइस नहीं
भारत टैक्सी में सर्ज प्राइसिंग नहीं होगी। यानी पीक आवर्स, त्योहारों या खराब मौसम में भी किराया अचानक नहीं बढ़ेगा। प्लेटफॉर्म किसी तरह का छिपा हुआ चार्ज भी नहीं लेगा। ऐप यूजर्स को सिर्फ मामूली सर्विस फीस देनी होगी।
महाराष्ट्र सरकार के मुताबिक, भारत टैक्सी का किराया मुंबई की पारंपरिक काली-पीली टैक्सी के किराए जैसा ही रखा गया है। इसमें पहले 1.5 किलोमीटर के लिए ₹31 किराया लगेगा। इसके बाद हर अतिरिक्त किलोमीटर के लिए ₹21 देने होंगे।
ड्राइवरों को मिलेगा मालिकाना हक
भारत टैक्सी का कोऑपरेटिव मॉडल ड्राइवरों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने पर फोकस करता है। इसमें ड्राइवर सिर्फ सर्विस प्रोवाइडर ही नहीं, बल्कि प्लेटफॉर्म के को-ओनर भी होते हैं। उनकी कमाई सीधे बैंक अकाउंट में जमा होगी। साथ ही, कोऑपरेटिव को प्रॉफिट होने पर उन्हें डिविडेंड के रूप में हिस्सा भी मिलेगा।
सरकार के अनुसार, अब तक देशभर में करीब 8 लाख ड्राइवर भारत टैक्सी से जुड़ चुके हैं। बिना किसी कमीशन डिडक्शन के ड्राइवरों को सीधे ₹77 करोड़ से ज्यादा की रकम ट्रांसफर की जा चुकी है।
नौकरी और कमाई के नए अवसर
भारत टैक्सी की शुरुआत नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से की गई है। पहले फेज में इस सेवा के लिए 600 टैक्सियां शामिल की गई हैं। सरकार की योजना जल्द ही टैक्सियों की संख्या बढ़ाकर 1,000 से ज्यादा करने की है। इससे राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
भारत टैक्सी के विस्तार के लिए स्वर्गीय डी. बी. पाटिल कोऑपरेटिव ट्रांसपोर्ट सोसाइटी के साथ एग्रीमेंट किया गया है। इस योजना से एयरपोर्ट के आसपास रहने वाले करीब 3,000 से 4,000 युवाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद है।
मुंबई में शुरुआत के बाद, यह सेवा पुणे, नागपुर और महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों तक पहुंचाने की तैयारी है।
शहरी सफर के लिए नई पहल
महाराष्ट्र सरकार के अनुसार, ‘भारत टैक्सी’ शहरी परिवहन का एक नया मॉडल पेश कर सकती है। यह डिजिटल टेक्नोलॉजी और कोऑपरेटिव ओनरशिप को जोड़ती है। इस मॉडल में मिडिल मैन की भूमिका कम होगी। किराया भी ज्यादा पारदर्शी रहेगा।
इतना ही नहीं, ड्राइवरों को प्लेटफॉर्म में हिस्सेदारी मिलेगी। इससे यात्रियों और ड्राइवरों, दोनों को फायदा पहुंचाने की कोशिश है। साथ ही, इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और ज्यादा लोगों को आर्थिक मदद मिलेगी।
60-Words Summary:
महाराष्ट्र सरकार ने नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ‘भारत टैक्सी’ लॉन्च की है। यह ओला और उबर के विकल्प के रूप में शुरू की गई है। यह ज़ीरो-कमीशन कोऑपरेटिव मॉडल पर आधारित है। इसमें ड्राइवरों को कमाई का बड़ा हिस्सा मिलेगा। यात्रियों को कम किराए पर कैब सेवा मिलेगी। पहले चरण में 600 टैक्सियां शामिल हैं। सरकार इसे महाराष्ट्र के अन्य शहरों तक भी विस्तार देने की तैयारी में है।
