Mumbai के Local Passengers के लिए खुशखबरी! 238 नई AC Trains की तैयारी 


Bhawna Mishra

Bhawna Mishra

Aug 22, 2026


मुंबई के सबअर्बन रेलवे नेटवर्क में बड़ा अपग्रेड होने जा रहा है। इंडियन रेलवे 2030 तक 238 नई एयर-कंडीशन्ड लोकल ट्रेनें लाने की योजना बना रहा है।इनमें से पहली AC लोकल ट्रेन 2027 में आने की उम्मीद है। 

इस योजना से लोकल ट्रेनों की क्षमता बढ़ेगी।इतना ही नहीं, इससे लोकल ट्रेनों में भीड़ कम हो सकती है। साथ ही, मुंबई में रोजाना सफर करने वाले लाखों यात्रियों को आरामदायक और सुरक्षित सफर मिलेगा।

मुंबई लोकल में जुड़ेंगे 2,856 नए AC कोच 

बता दें इस योजना के तहत कुल 238 AC लोकल रेक शामिल होंगे। हर रेक में 12 कोच होंगे। इस हिसाब से मुंबई के सबअर्बन नेटवर्क को 2,856 नए AC कोच मिलेंगे। 

इस प्रोजेक्ट के लिए रोलिंग स्टॉक का एस्टिमेटेड बजट करीब ₹19,293 करोड़ है।

मुंबई में लोकल ट्रेनों को बेहतर बनाने और उनकी क्षमता बढ़ाने के प्लान के तहत ये ट्रेनें तैयार की जा रही हैं।


तीन रेलवे फैक्ट्रियों में बनेंगी AC लोकल

इंडियन रेलवे इन ट्रेनों के लिए सिर्फ एक मैन्युफैक्चरर पर निर्भर नहीं रहेगा। यह प्रोडक्शन का काम तीन रेलवे फैक्ट्रियों में बांटा गया है। चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) 120 रेक बनाएगी। 

कपूरथला की रेल कोच फैक्ट्री (RCF) 71 रेक तैयार करेगी। 

वहीं, रायबरेली की मॉडर्न कोच फैक्ट्री (MCF) 47 रेक बनाएगी। 

तीन जगहों पर एक साथ प्रोडक्शन होने से काम तेजी से पूरा होने की उम्मीद है। इससे शुरुआती रेक को जल्द सर्विस में शामिल किया जा सकता है।

पहली लोकल 2027 में दौड़ने की उम्मीद 

पहली AC लोकल ट्रेन 2027 में आने की उम्मीद है। वहीं, सभी 238 रेक 2030 तक उपलब्ध होने की योजना है। पहले इन ट्रेनों को लाने में ज्यादा समय लग रहा था। 2023 में इसके लिए अंतरराष्ट्रीय टेंडर जारी किया गया था।

हालांकि बार-बार डिले के चलते पहली ट्रेन 2030 के आसपास ही आ पाती। पूरे रेक को आने में 2034 तक का समय लग सकता था। सरकार ने इस डेडलाइन को स्वीकार नहीं किया। जिसके बाद ट्रेनें मैन्युफैक्चरिंग के लिए के लिए अलग स्ट्रेटेजी अपनाई गई। 

ऑटोमैटिक दरवाज़ों से सुरक्षित होगा सफर

नई AC लोकल ट्रेनों में ऑटोमैटिक दरवाज़े होंगे। ये दरवाज़े ट्रेन चलने के बाद अपने-आप बंद हो जाएंगे। इससे यात्रियों के खुले दरवाज़ों के पास खड़े होकर सफर करने का जोखिम कम हो सकता है। 

मुंबई की लोकल ट्रेनों में खुले दरवाज़े लंबे समय से देखे जाते हैं। इससे पैसेंजर्स की सेफ्टी को लेकर चिंता रहती है।  

AC और ऑटोमैटिक दरवाजों वाली ये लोकल ट्रेनें, खासकर  पीक आवर्स के समय सफर को ज्यादा सुरक्षित बना सकती हैं।

मुंबई लोकल नेटवर्क पर खर्च होंगे ₹22,000 करोड़ 

नई AC लोकल ट्रेनों के साथ मुंबई के सबअर्बन रेलवे नेटवर्क को भी अपग्रेड किया जा रहा है। इस पूरे काम पर करीब ₹22,000 करोड़ खर्च किए जा रहे हैं। 

इसमें नए रेलवे कॉरिडोर बनाए जाएंगे। लंबे प्लेटफॉर्म तैयार किए जाएंगे। रेलवे यार्ड में भी सुधार किया जाएगा।

इन प्रोजेक्ट्स को 2027 से 2030 के बीच अलग-अलग फेज में पूरा करने की उम्मीद है। कोशिश है कि नई ट्रेनें आने तक उन्हें चलाने के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर भी तैयार हो जाए।


15-कोच वाली ट्रेनों के लिए बढ़ेंगे प्लेटफॉर्म

मुंबई लोकल नेटवर्क में प्लेटफॉर्म को भी एक्सपैंड किया जा रहा है। इसका एक बड़ा कारण 15-कोच वाली ट्रेनों को ज्यादा जगह देना है। लंबे प्लेटफॉर्म से इन ट्रेनों को चलाना आसान होगा। 

साथ ही, हर ट्रेन में ज़्यादा लोग सफर कर सकेंगे। नई ट्रेनें आने और बेहतर सुविधाएं मिलने से मुंबई लोकल की क्षमता भी बढ़ेगी।

ट्रेनों और इंफ्रास्ट्रक्चर का सही तालमेल जरूरी 

मुंबई का सबअर्बन नेटवर्क अभी कई जगहों पर अपग्रेड हो रहा है। ऐसे में नई ट्रेनों और नए इंफ्रास्ट्रक्चर का समय पर तैयार होना जरूरी है।

अगर इंफ्रास्ट्रक्चर पहले तैयार हो गया और ट्रेनें कम रहीं, तो उसका पूरा फायदा नहीं मिल पाएगा। वहीं, नई ट्रेनें पहले आ गई और नेटवर्क तैयार नहीं हुआ, तो उन्हें चलाने में दिक्कत आ सकती है।

इसी वजह से रेलवे ट्रेनें बनाने और इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने का काम साथ-साथ करने की कोशिश कर रहा है।

2027 से मुंबई लोकल में दिखेगा बड़ा बदलाव 

मुंबई के यात्रियों के लिए 2027 अहम साल हो सकता है। इसी साल पहली नई AC लोकल ट्रेनें आने की उम्मीद है। वहीं, सभी 238 ट्रेनें 2030 तक लाने का लक्ष्य है। 

नई ट्रेनें धीरे-धीरे सेवा में शामिल की जाएंगी। इन्हें अपग्रेडेड रेलवे नेटवर्क पर चलाया जाएगा। इससे पैसेंजर्स को बेहतर और आरामदायक लोकल सर्विस मिलने की उम्मीद है।

मुंबई की लाइफलाइन को मिलेगा शानदार अपग्रेड 

मुंबई की लोकल ट्रेनें शहर की लाइफलाइन मानी जाती हैं। लाखों लोग रोजाना सफर के लिए इन पर निर्भर हैं। ऐसे में 238 नई ट्रेनों की योजना सिर्फ AC सुविधा तक सीमित नहीं है। यह प्लान से लोकल ट्रेनों में बेहतर सेफ्टी सुनिश्चित करता है।

 साथ ही, मुंबई के सबअर्बन रेलवे नेटवर्क को भी मॉडर्न बनाया जाएगा। ट्रेनों के साथ ₹22,000 करोड़ का इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट भी किया जा रहा है। इससे ज्यादा ट्रेनें चलाने के लिए जरूरी सुविधाएं तैयार की जाएंगी।


2027 से शुरू होगी बदलाव की नई कहानी

अगर यह प्रोजेक्ट समय पर आगे बढ़ा, तो 2027 से मुंबई पैसेंजर्स को ज्यादा लोकल ट्रेनें मिल सकती हैं। पहली ट्रेनें अगले साल आने की उम्मीद है। तीन रेलवे फैक्ट्रियों में इनका काम साथ-साथ चलता रहेगा। ऐसे में 2030 तक कुल 238 ट्रेनों को शामिल करने का टारगेट है।

मुंबई लोकल में रोज़ की भीड़ एक बहुत बड़ी समस्या है। ऐसे में ज्यादा AC ट्रेनें, ऑटोमैटिक डोर, लंबे प्लेटफॉर्म और अपग्रेडेड रेलवे नेटवर्क से पैसेंजर्स को काफी फायदा मिल सकता है।

60-Words Summary:


मुंबई लोकल नेटवर्क में बड़ा बदलाव होने वाला है। रेलवे 2030 तक 238 नई AC लोकल ट्रेनें शामिल करने की तैयारी कर रहा है। पहली AC लोकल 2027 में आने की उम्मीद है। कुल 2,856 नए AC कोच जोड़े जाएंगे। ट्रेनों में ऑटोमैटिक दरवाजे होंगे। इन्हें तीन रेलवे फैक्ट्रियों में तैयार किया जाएगा। करीब ₹22,000 करोड़ के निवेश से रेलवे नेटवर्क का अपग्रेड होगा।


Bhawna Mishra
Bhawna Mishra
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She is a seasoned writer with a passion for Storytelling and a keen interest in diverse topics. With 2.5 years of experience, she excels in writing about Tech, Sports, Entertainment, and various Niche topics. Bhawna holds a Postgraduate Degree in Journalism and Mass Communication from St Wilfred’s College of Jaipur.

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