महिंद्रा अब इलेक्ट्रिक पैसेंजर कारों और छोटे कमर्शियल व्हीकल से आगे बढ़ रही है। कंपनी इलेक्ट्रिक ट्रकों पर भी काम शुरू कर रही है। इससे इलेक्ट्रिक कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में उसकी मौजूदगी बढ़ेगी। वहीं, SML महिंद्रा भी इलेक्ट्रिक बस लाने की तैयारी में है। कंपनी FY2027 में अपनी पहली इलेक्ट्रिक बस लॉन्च कर सकती है। इससे इलेक्ट्रिक बस और कमर्शियल व्हीकल मार्केट में ग्रुप की पकड़ और मजबूत हो सकती है।

मांग बढ़ने पर लॉन्च करने की तैयारी
महिंद्रा ने इलेक्ट्रिक ट्रकों पर काम शुरू कर दिया है। हालांकि, यह प्रोजेक्ट अभी शुरुआती दौर में है। कंपनी इस सेगमेंट में जल्दबाजी नहीं करना चाहती।फिलहाल, महिंद्रा का पारंपरिक कमर्शियल व्हीकल कारोबार भी तेजी से बढ़ने की संभावना रखता है। इसलिए कंपनी इलेक्ट्रिक ट्रकों को तुरंत लॉन्च करने के बजाय तैयारी पर फोकस कर रही है।
महिंद्रा पहले जरूरी टेक्नोलॉजी तैयार करना चाहती है। कंपनी इलेक्ट्रिक ट्रक तब लॉन्च कर सकती है। जब मार्केट में उनकी डिमांड बढ़े। इससे नए मॉडल को बेहतर समर्थन मिलने की उम्मीद है।
लॉन्च से पहले इन चुनौतियों पर फोकस
महिंद्रा ने अभी अपने पहले इलेक्ट्रिक ट्रक की लॉन्च डेट नहीं बताई है। दरअसल कंपनी मार्केट की स्थिति को देखते हुए आगे बढ़ेगी। इलेक्ट्रिक कमर्शियल व्हीकल्स की डिमांड बढ़ने पर लॉन्च का फैसला लिया जा सकता है। इलेक्ट्रिक ट्रकों के सामने कई चुनौतियां हैं। इनकी शुरुआती कीमत ज्यादा हो सकती है। बैटरी और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर भी अहम हैं। इसके अलावा, फ्लीट ऑपरेटरों के लिए ऑपरेटिंग कॉस्ट भी बड़ा मुद्दा है।
ट्रक ऑपरेटर सिर्फ खरीद कीमत नहीं देखते। उनके लिए वाहन का इस्तेमाल और कुल ऑपरेटिंग खर्च भी काफी मायने रखता है।
FY27 में दौड़ेगी महिंद्रा की पहली इलेक्ट्रिक बस
इलेक्ट्रिक ट्रक अभी शुरुआती दौर में हैं। वहीं, महिंद्रा का इलेक्ट्रिक बस प्रोजेक्ट तेजी से बढ़ रहा है। SML महिंद्रा FY27 में अपनी पहली इलेक्ट्रिक बस लॉन्च कर सकती है। कंपनी पहले Hiroi.ev इलेक्ट्रिक बस को लॉन्च कर चुकी है। अब इसके प्रोडक्शन वर्जन पर काम चल रहा है।
इसे कमर्शियल इस्तेमाल के लिए तैयार किया जा रहा है। इस लॉन्च के साथ SML महिंद्रा इलेक्ट्रिक बस सेगमेंट में एंट्री करेगी।
सरकारी टेंडर से मिल रहा सपोर्ट
महिंद्रा इलेक्ट्रिक बसों पर पहले फोकस कर रही है। इसकी वजह बसों का रूट है। ये बसें रोजाना एक निश्चित दूरी तय करती हैं। इससे चार्जिंग की प्लानिंग आसान हो जाती है। इसके अलावा, इलेक्ट्रिक बसों की डिमांड भी बढ़ रही है।
सरकारी खरीद और फ्लीट टेंडर इसमें अहम भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे में महिंद्रा इस सेगमेंट में इन्वेस्टमेंट प्लान कर रही है।
ट्रक इलेक्ट्रिफिकेशन में क्यों लग रहा है समय?
इलेक्ट्रिक ट्रकों को तैयार करना आसान नहीं है। इन ट्रकों को ज्यादा वजन लेकर लंबी दूरी तय करनी होती है। इसके लिए ज्यादा ऊर्जा की जरूरत होती है।
बड़ी बैटरी के इस्तेमाल से इनका वजन बढ़ सकता है। वहीं, बड़े कमर्शियल वाहनों के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर भी लिमिटेड है। लंबी दूरी के सफर में रेंज और चार्जिंग टाइम भी अहम हैं।
यही कारण है कि महिंद्रा अभी इस टेक्नोलॉजी पर काम कर रही है। फिलहाल कंपनी इलेक्ट्रिक ट्रकों को लॉन्च करने में जल्दबाजी नहीं करना चाहती।
कमर्शियल EV मार्केट की ओर बढ़ रहा देश
भारत का EV मार्केट तेजी से बदल रहा है। अब इसका फोकस सिर्फ पैसेंजर कारों और दोपहिया वाहनों तक सीमित नहीं है। इलेक्ट्रिक बसों और कमर्शियल व्हीकल की डिमांड भी काफी बढ़ रही है।जहां एक ओर शहरी ट्रांसपोर्ट में EV बसों का इस्तेमाल बढ़ रहा है। वहीं लास्ट-माइल डिलीवरी में भी इलेक्ट्रिक कमर्शियल व्हीकल की भूमिका बढ़ रही है।
हालांकि, हैवी व्हीकल सेगमेंट में यह बदलाव धीमा रहने की उम्मीद है। इसकी बड़ी वजह लागत है। फ्लीट ऑपरेटर्स पुराने डीजल वाहनों को बदलने से पहले अच्छा रिटर्न चाहते हैं। ऐसे में इस सेगमेंट में EV को अपनाने में समय लग सकता है।
