अगर आप UPI से पेमेंट करते हैं, तो आपके लिए एक जरूरी अपडेट है। 15 अक्टूबर 2026 से UPI पेमेंट से जुड़े नियमों में बदलाव होने जा रहा है। नए नियम के तहत कुछ चुनिंदा बड़े मर्चेंट ट्रांज़ैक्शन पर MDR लागू होगा। लेकिन ध्यान रखें, 2,000 रुपये से ज्यादा के हर UPI पेमेंट पर चार्ज नहीं लगेगा।
इस अपडेट के तहत, 2,000 रुपये से ज़्यादा के 5 खास कैटेगरी के ट्रांज़ैक्शन पर परसेंटेज चार्ज नहीं लगेगा। इसके बजाय, इन पर सिर्फ 5 रुपये का फिक्स्ड MDR चार्ज लगेगा। आइए जानते हैं, कौन-सी हैं ये 5 कैटेगरी।

किन 5 कैटेगरी पर लगेगा 5 रुपये का MDR?
नए फ्रेमवर्क के तहत 5 सेक्टर्स को इस चार्ज के दायरे में रखा गया है। बता दें कि इन सेक्टर्स के लिए MDR का अलग स्ट्रक्चर होगा। एलिजिबल ट्रांज़ैक्शंस पर प्रतिशत के आधार पर चार्ज नहीं लगेगा। इसके बजाय, मर्चेंट को ₹5 का फिक्स्ड MDR देना होगा। इनमें शामिल हैं:
– रेलवे
– फ्यूल
– इंश्योरेंस
– टेलीकम्युनिकेशन
– एग्रीकल्चरल इनपुट
UPI यूजर्स पर नहीं पड़ेगा MDR का असर
नए नियम में एक अहम बात यह है कि MDR का चार्ज मर्चेंट अकाउंट पर लागू होगा। UPI से पेमेंट करने वाले यूजर्स से सीधे 5 रुपये का MDR नहीं लिया जाएगा। बैंकों को यह भी सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है कि MDR का खर्च यूजर्स से न वसूला जाए।
यानी अगर कोई व्यक्ति 3,000 रुपये का UPI पेमेंट करता है, तो उसे 3,000 रुपये ही देने होंगे। MDR का पेमेंट मर्चेंट और पेमेंट इकोसिस्टम के बीच आपसी समझ के आधार पर होगा।
₹2,000 से ज्यादा के UPI पेमेंट्स पर नया नियम?
अब सवाल यह है कि ₹2,000 से ज्यादा के UPI पेमेंट पर क्या असर होगा। ऐसे एलिजिबल पर्सन-टू-मर्चेंट ट्रांज़ैक्शन पर 0.4% MDR लागू होगा।
हालांकि, इस चार्ज की मैक्सिमम लिमिट ₹300 तय की गई है। यानी ₹75,000 या उससे ज्यादा के ट्रांज़ैक्शन पर भी MDR ₹300 से ज्यादा नहीं होगा। वहीं, ₹2,000 या उससे कम के पेमेंट पर कोई MDR नहीं लगेगा।
पर्सन-टू-पर्सन UPI ट्रांसफर भी पहले की तरह फ्री रहेंगे। यानी दोस्त या परिवार के किसी सदस्य को ₹5,000 भेजने पर कोई नया MDR चार्ज नहीं लगेगा।
ज्यादातर UPI पेमेंट रहेंगे MDR से बाहर
नए MDR नियम का असर UPI ट्रांज़ैक्शन के कुछ ही हिस्से पर पड़ने की उम्मीद है। सरकार के मुताबिक, करीब 96% मर्चेंट ट्रांज़ैक्शन पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। नया MDR लगभग 4% ट्रांज़ैक्शन पर ही लागू होगा।
इसके अलावा, कुछ वेंडर्स को भी राहत मिलती रहेगी। पर्सन-टू-मर्चेंट कैटेगरी में UPI QR कोड के जरिए हर महीने 1 लाख रुपये तक के ट्रांज़ैक्शन पर MDR जीरो रहेगा।
नए MDR नियम से क्या बदलेगा?
नए MDR नियम से कुछ मर्चेंट ट्रांज़ैक्शन पर चार्ज का तरीका बदलेगा। हालांकि, यह चार्ज UPI यूजर्स से नहीं लिया जाएगा। आम यूजर्स के लिए सबसे जरूरी अंतर मर्चेंट पेमेंट और पर्सन-टू-पर्सन ट्रांसफर के बीच है। फ्रेंड्स और रिलेटिव्स को पैसे ट्रांसफर करना फ्री रहेगा। वहीं, 2,000 रुपये से ज्यादा के मर्चेंट ट्रांज़ैक्शन पर 15 अक्टूबर 2026 से नया MDR स्ट्रक्चर लागू होगा।
रेलवे, टेलीकम्युनिकेशन, इंश्योरेंस, ईंधन और एग्रीकल्चरल इनपुट जैसी 5 कैटेगरी के लिए 5 रुपये का फिक्स्ड MDR तय किया गया है। इन सेक्टर के लिए MDR का अलग नियम होगा।
