बजाज फाइनेंस अब तेजी से खुद को एक AI-बेस्ड वित्तीय कंपनी के रूप में बदल रही है। इसी बीच, कंपनी से जुड़े एक डेटा ने पूरे देश को हैरान कर दिया है।बताया जा रहा है कि सिर्फ 10 AI वॉइस बॉट मिलकर उतना काम संभाल रहे हैं। जिसे पहले करीब 1,500 कॉलिंग एजेंट मिलकर करते थे। AI के प्रभाव से काम करने का तरीका बदल गया है। अब नौकरियों के भविष्य को लेकर एक नई बहस शुरू हो गई है।

भारत के वित्तीय क्षेत्र में AI की एंट्री
बजाज फाइनेंस के मुताबिक इस बदलाव से ऑपरेशनल कॉस्ट में 70% की कमी आई है। कस्टमर इंटरैक्शन पहले से कहीं ज्यादा तेज और आसान हो गया है। अब कंपनी बड़े लेवल पर ज़्यादा काम संभालने की क्षमता रखती है। यह डेटा साबित करता है कि भारत के फाइनेंस सेक्टर में अब इंसानों की जगह AI ले रहा है।
AI बॉट्स ने संभाले हजारों एजेंट्स के काम
हाल ही में बजाज फाइनेंस के वाइस चेयरमैन और MD राजीव जैन ने इस संबंध में जानकारी साझा की है। उनके मुताबिक, कंपनी पहले करीब 5,000 आउटबाउंड कॉलिंग एजेंट्स पर निर्भर थी। अब इन ऑपरेशन्स का लगभग 30% हिस्सा AI वॉइस सिस्टम्स संभाल रहे हैं। इसमें दावा किया गया है कि सिर्फ 10 AI बॉट्स वही काम कर रहे हैं। जिसे पहले करीब 1,500 एजेंट मिलकर संभालते थे।
रिपोर्ट के अनुसार, ये AI सिस्टम्स कस्टमर कॉल्स, लोन फॉलो-अप, कलेक्शन रिमाइंडर्स और सर्विस इंटरैक्शन्स जैसे कई काम मैनेज कर रहे हैं। कंपनी का कहना है कि AI बॉट्स पर्सनलाइज्ड कम्युनिकेशन वर्कफ्लो के जरिए कस्टमर्स से लगातार कॉन्टैक्ट बनाए रखने में मदद कर रहे हैं।
फाइनेंशियल कंपनियां क्यों अपना रही हैं AI?
बजाज फाइनेंस का कहना है कि AI को तेजी से अपनाने के पीछे सबसे बड़ा कारण लागत में कमी है। कंपनी ने आगे बताया कि इस बदलाव से ऑपरेशनल खर्च में लगभग 70% तक की कमी दर्ज की गई है। ट्रेडिशनल सिस्टम के मुकाबले AI वॉइस ऑपरेशंस का खर्च मात्र एक-तिहाई रह गया है।
अब हायरिंग के बिना कंपनी बड़े स्तर पर कस्टमर इंटरैक्शन संभाल पा रही है।
फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन्स के लिए खर्चे में यह छोटी सी कटौती भी भविष्य में बड़ी बचत साबित हो सकती है।
लोन प्रोसेसिंग में 6 गुना का इजाफा
बजाज फाइनेंस अब एआई (AI) तकनीक की मदद से लोन देने की रफ्तार बढ़ा रही है। इससे कंपनी की काम करने की क्षमता भी बढ़ी है। AI की मदद से कस्टमर्स को बेहतर तरीके से टारगेट किया जा रहा है। इतना ही नहीं, फेस्टिव सीजन के दौरान बढ़ने वाली भारी डिमांड को संभालने में भी यह तकनीक मदद कर रही है। रिपोर्ट्स में सामने आया है कि दिवाली 2025 के दौरान कंपनी ने एक दिन में करीब 6 लाख लोन प्रोसेस किए। जबकि पहले यह आंकड़ा रोजाना करीब 1 लाख था।
800 AI एजेंट्स को शामिल करने की तैयारी
Bajaj Finance अब AI को बड़े स्तर पर अपनाने की तैयारी में है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी FY27 तक 800 से ज्यादा ऑटोनॉमस AI एजेंट्स तैनात कर सकती है। इनका इस्तेमाल सेल्स, कस्टमर सर्विस, HR, ऑपरेशंस, IT, डेटा मैनेजमेंट और एनालिटिक्स जैसे विभागों में होगा।
यह दिखाता है कि AI अब सिर्फ एक सॉफ्टवेयर टूल नहीं रह गया है। कंपनियां इसे तेजी से डिजिटल वर्कफोर्स के रूप में इस्तेमाल करने लगी हैं।
AI से कंपनियों को मिलने वाले बेनिफिट्स?
AI अपनाने से कंपनियों को कई बड़े फायदे मिल रहे हैं। सबसे बड़ा फायदा ऑपरेशनल कॉस्ट में कमी है। AI रिपीट होने वाले कई काम तेजी से संभाल सकता है। इससे खर्च कम होता है। AI सिस्टम 24×7 काम कर सकते हैं। इनके शिफ्ट, छुट्टी या ब्रेक की जरूरत नहीं होती।
इतना ही नहीं, ये कस्टमर्स के साथ भी तेजी से इंटरैक्ट कर सकते है। इसके अलावा, AI कस्टमर बिहेवियर का एनालिसिस कर पर्सनलाइज्ड ऑफर देने में मदद करता है।
AI के फायदे के साथ बढ़ी नई चुनौतियां
जहां एक ओर AI की तरक्की ने काम आसान किया है। वहीं इसके बढ़ते इस्तेमाल ने नई चिंताएं भी खड़ी कर दी हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि तेजी से बढ़ता ऑटोमेशन कई नौकरियों को प्रभावित कर सकता है। कस्टमर असिस्टेंट, डेटा प्रोसेसिंग और सामान्य ऑपरेशनल टास्क में AI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है।
हालांकि बजाज फाइनेंस ने अभी तक बड़े लेवल पर ले-ऑफ की बात नहीं कही है। हालांकि कंपनी ने माना है कि उसके आउटबाउंड ऑपरेशंस का बड़ा हिस्सा अब ऑटोमेट हो चुका है।
व्हाइट-कॉलर जॉब्स पर AI का प्रभाव
भारत के ऑफिस कर्मचारियों के लिए यह एक बड़े बदलाव का समय है। पहले मशीनें सिर्फ फैक्ट्रियों में काम आती थीं। हालांकि अब AI को बैंकिंग, HR, आईटी और कानून जैसे क्षेत्रों में भी शामिल किया जा रहा है। पहली बार ऑफिस की नौकरियों पर ऑटोमेशन का ऐसा असर दिखाई दे रहा है।
कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि AI फाइनेंशियल सर्विस में ह्यूमन रोल को पूरी तरह खत्म नहीं करेगा। कुछ कामों में इंसानी निगरानी जरूरी रहेगी। जैसे क्रेडिट अंडरराइटिंग, रिस्क मैनेजमेंट, रेगुलेटरी फैसले आदि। हालांकि, रोजमर्रा के साधारण कामों के लिए अब बहुत कम लोगों की जरूरत पड़ेगी।
बैंक और NBFCs क्यों बढ़ा रहे हैं AI निवेश?
AI अपनाने के मामले में सिर्फ बजाज फाइनेंस ही नहीं। बल्कि भारत की अन्य बैंक और फाइनेंशियल कंपनी (NBFCs) भी शामिल हैं। ये कंपनियां तेजी से AI में इन्वेस्ट कर रही हैं। इसमें AI एजेंट्स, कस्टमर सपोर्ट सिस्टम, फ्रॉड डिटेक्शन टेक्नोलॉजी, ऑटोमेटेड अंडरराइटिंग और वॉइस AI प्लेटफॉर्म शामिल हैं।
आज के समय में कम्पटीशन में बने रहने और प्रॉफिट कमाने के लिए AI को जरूरी माना जा रहा है। कंपनियों को उम्मीद है कि इससे काम की रफ्तार काफी बढ़ेगी। वहीं दूसरी ओर यह बदलाव एम्प्लॉयीज़ के लिए चिंता भी पैदा कर रहा है।
60-Words Summary:
बजाज फाइनेंस तेजी से AI-बेस्ड कंपनी बन रही है। AI वॉइस बॉट अब करीब 1,500 एजेंट्स का काम संभाल रहे हैं। इससे ऑपरेशनल लागत में लगभग 70% की कमी आई है। कस्टमर सर्विस और लोन प्रोसेसिंग पहले से तेज हुई हैं। कंपनी अब बिना अतिरिक्त स्टाफ के रोजाना 6 लाख लोन प्रोसेस कर रही है। हालांकि, यह तरक्की व्हाइट-कॉलर नौकरियों के लिए एक बड़ी चेतावनी है। डिजिटल वर्कफोर्स का यह बढ़ता दबदबा भविष्य के रोजगार पर गंभीर सवाल खड़ा कर रहा है।
