आने वाले महीनों में हवाई सफर और महंगा होने वाला है। डोमेस्टिक फ्लाइट के टिकट के दाम बढ़ने की पूरी उम्मीद है। एयर इंडिया और इंडिगो जैसी बड़ी एयरलाइंस अपनी फ्लाइट्स कम करने की तैयारी में हैं। इसकी मुख्य वजह फ्यूल की लगातार बढ़ती कीमतें हैं।
साथ ही, एयरलाइन कंपनियों के कामकाज में कई तरह की रुकावटें आ रही हैं। इस मौसम में हवाई यात्रियों की डिमांड भी काफी कम हुई है।

जून में ट्रेवल करने से पहले चेक करें फ्लाइट शेड्यूल
रिपोर्ट्स के मुताबिक एयर इंडिया अपनी घरेलू उड़ानों में 15% तक की कटौती करेगी। वहीं इंडिगो भी 1 जून से अगले तीन महीनों के लिए अपने ऑपरेशन्स 5% से 7% तक कम कर सकती है। इस फैसले के बाद यात्रियों के लिए फ्लाइट ऑप्शंस काफी कम हो जाएंगे।
महंगे फ्यूल ने बढ़ाई एयरलाइंस की मुश्किल
एयरलाइंस इस समय बढ़ती लागत के दबाव से जूझ रही हैं। ईरान विवाद के चलते एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) महंगा हो गया है। इससे भारतीय एयरलाइंस की ऑपरेशनल कॉस्ट में तेज बढ़ोतरी हुई है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, कंपनियों के लिए अब फ्यूल का खर्च संभालना बहुत बड़ी चुनौती बन चुका है।
कितनी महंगी होंगी डोमेस्टिक फ्लाइट टिकट्स?
इस मामले में इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स ने एक बड़ा दावा किया है। उनके मुताबिक आने वाले दिनों में सीटें कम हो जाएंगी। इस वजह से डोमेस्टिक एयरफेयर बढ़ सकता है। उन्होंने आगे बताया कि इसका सबसे ज्यादा असर मुख्य मेट्रो और बिज़नेस रूट्स पर पड़ेगा।
इसके अलावा, एविएशन एनालिटिक्स फर्म ‘Cirium’ ने पहले भी इस पर चेतावनी दी है। फर्म के अनुसार एविएशन कंपनियों के पास अभी फ्लाइट्स की कमी है। उनके कामकाज में भी कई तरह की रुकावटें आ रही हैं। यही वजह से फ्लाइट्स की संख्या लगातार कम हो रही है।
ईरान तनाव से भारतीय एविएशन पर असर
ईरान में चल रहे तनाव के चलते भारतीय एयरलाइंस के लिए मुसीबत बन गया है। इस विवाद का सीधा असर एयरलाइंस के कामकाज और उनकी कमाई पर दिख रहा है। एक तरफ जहां आसमान छूती फ्यूल की कीमतों ने कंपनियों का बजट बिगाड़ दिया है।
वहीं दूसरी तरफ सुरक्षा कारणों से कई हवाई रास्ते भी बंद हो गए हैं। इसका नतीजा यह है कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को अब बहुत लंबे रास्ते तय करने पड़ रहे हैं। जिससे कंपनियों का खर्च और समय दोनों बढ़ गए हैं।
एयरलाइंस की लागत में भारी इजाफा
जेट फ्यूल की बढ़ती कीमतों ने एयरलाइंस की लागत बढ़ा दी है। क्रू की लागत भी बढ़ी है। कुल मिलाकर ऑपरेटिंग खर्च में इजाफा हुआ है। इस वजह से इस साल की शुरुआत में IndiGo ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय टिकटों पर अलग से फ्यूल सरचार्ज लागू किया था।
इससे यात्रियों को ज्यादा पैसे देने पड़ रहे हैं और एयरलाइंस का खर्च भी बढ़ गया है।
ऑफ सीजन में घटेंगी फ्लाइट टिकट्स
फ्यूल के अलावा एक और बड़ी परेशानी है। गर्मियों की छुट्टियों का ट्रैवल सीजन अब खत्म हो रहा है। इस वजह से हवाई सफर करने वालों की मांग घट रही है।
यही कारण है कि एयरलाइंस अब अपनी सीटों की संख्या घटा रही हैं। दरअसल नुकसान से बचने के लिए कंपनी इस तरह के कदम उठा रही हैं।
अब कंपनियों का पूरा फोकस इंटरनेशनल रूट्स पर है। इन इंटरनेशनल फ्लाइट्स से एयरलाइंस को फायदा भी ज्यादा मिलता है।
एयरलाइन सेक्टर में अकासा एयर का बड़ा दांव
इस मुश्किल समय में ‘Akasa Air’ लगातार आगे बढ़ रही है। जहां दूसरी कंपनियां अपनी फ्लाइट्स कम कर रही हैं। वहीं अकासा अपनी फ्लाइट्स में बढ़ोतरी कर रही है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, अकासा ने हाल ही में अपनी उड़ानों में 13% की बढ़ोतरी की है।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि इससे ‘Akasa Air’ को बहुत बड़ा फायदा होगा। भारत के एविएशन मार्केट में इस समय इंडिगो और एयर इंडिया सबसे बड़ी कंपनियां हैं। इस बीच अकासा एयर मार्केट में अपनी जगह और मजबूत कर सकती है।
जल्दी बुकिंग करना होगा फायदेमंद
ट्रेवल एक्सपर्ट्स अब पैसेंजर्स को एक खास सलाह दे रहे हैं। उनका कहना है कि टिकटों के दाम अचानक बढ़ सकते हैं। इससे बचने के लिए लोगों को अपनी डोमेस्टिक फ्लाइट्स की बुकिंग काफी पहले कर लेनी चाहिए। ऐसा करने से आने वाले समय में यात्री फ्लाइट्स की कमी के बावजूद महंगे किराए से बच सकते हैं।
60-Words Summary:
आने वाले महीनों में हवाई सफर महंगा हो सकता है। Air India और IndiGo जैसी कंपनियां अपनी फ्लाइट्स कम करने की तैयारी में हैं। इसकी बड़ी वजह महंगा एविएशन फ्यूल और बढ़ता ऑपरेशनल खर्च है। फ्लाइट्स कम होने से टिकट की कीमतें बढ़ सकती हैं। इसका सबसे ज्यादा असर मेट्रो और बिजनेस रूट्स पर दिख सकता है। महंगे किराए से बचने के लिए यात्रियों को पहले ही टिकट बुक कर लेना चाहिए।
