NEET हटाकर फिर 12वीं के नंबरों से होगा मेडिकल एडमिशन? Tamil Nadu CM का बड़ा बयान


Bhawna Mishra

Bhawna Mishra

May 16, 2026


NEET-UG 2026 को लेकर देशभर में विवाद बढ़ता जा रहा है। अभिनेता और नेता C. Joseph Vijay ने इस मेडिकल प्रवेश परीक्षा को पूरी तरह खत्म करने की मांग की है। 

पेपर लीक विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए विजय ने कहा कि इस घटना ने NEET सिस्टम की गंभीर खामियों को उजागर किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस गड़बड़ी ने देश के लाखों मेडिकल छात्रों के सपनों को पूरी तरह तोड़ कर रख दिया है।

हाल ही में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने X (ट्विटर) पर बयान जारी किया है। उन्होंने सरकार से नीट (NEET) परीक्षा बंद करने की मांग की है। उनका कहना है कि मेडिकल में दाखिला 12वीं के नंबरों पर होना चाहिए। उन्होंने राज्यों को उनके पुराने अधिकार वापस देने की भी बात कही है।

तमिलनाडु में NEET के खिलाफ फिर उठी आवाज

नीट (NEET) रद्द होने से के साथ तमिलनाडु की एक पुरानी लड़ाई फिर से छिड़ गई है।  तमिलनाडु शुरुआत से ही इस परीक्षा का कड़ा विरोध करता रहा है। 

राज्य में सरकार चाहे किसी भी पार्टी की रही हो। लगभग सभी ने इस पर आपत्ति जताई है। सरकारों का तर्क है कि नीट परीक्षा से समाज के कुछ खास वर्गों को बहुत नुकसान होता है। इनमें ग्रामीण छात्र, सरकारी स्कूलों के बच्चे, तमिल माध्यम के छात्र और गरीब परिवार शामिल हैं।

CBI जांच के बाद भी नहीं थमा विवाद

तमिलनाडु के मुख्य मंत्री सी. जोसेफ विजय के मुताबिक, इस पेपर लीक ने साबित कर दिया है कि यह सिस्टम खामियों से भरा है। 

इसमें बड़े पैमाने पर हेराफेरी आसानी से हो सकती हैं। उन्होंने बताया कि NEET 2024 में भी पेपर लीक का मामला सामने आया था। उस समय इसकी जांच CBI ने की थी। विवाद के बाद सुधार के कई सुझाव भी दिए गए थे। 

इसके बावजूद, दो साल के भीतर फिर से बड़ा पेपर लीक हो गया। विजय ने कहा, ‘यह पहली बार नहीं है जब NEET के भरोसे पर सवाल उठे हैं।’

NEET-UG 2026 रद्द: 22 लाख से अधिक छात्र प्रभावित

नीट (NEET-UG 2026) परीक्षा रद्द होने से 22 लाख से ज्यादा छात्रों को झटका लगा है। यह परीक्षा 3 मई 2026 को हुई थी। जांच में गड़बड़ी मिलने के बाद इस परीक्षा को रद्द किया गया। 

पता चला है कि एक ‘गेस पेपर’ के कई सवाल असली पेपर से मिल रहे थे। जांच एजेंसियों को शक है कि पेपर लीक करने वाला गिरोह राजस्थान, गुरुग्राम और नासिक में एक्टिव है।

CBI ने इस मामले में कई लोगों को अरेस्ट किया। अब तक पांच आरोपियों को पकड़ा गया है। साथ ही लैपटॉप और मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। 

जांच टीम ने कोचिंग सेंटरों और हॉस्टल संचालकों से भी पूछताछ की है। इसके अलावा, 150 से अधिक उम्मीदवारों और उनके सहयोगियों से भी पूछताछ की गई है।

12वीं अंकों पर एडमिशन की मांग क्यों कर रहा है तमिलनाडु?

2017 में NEET पूरे देश में अनिवार्य हुआ। इससे पहले तमिलनाडु में मेडिकल एडमिशन 12वीं के मार्क्स पर होता था। अब राज्य एक बार फिर उसी सिस्टम की वापसी की मांग कर रहा है। 

तमिलनाडु का तर्क है कि स्कूल में लगातार प्रदर्शन, एक ही परीक्षा के दबाव से ज्यादा निष्पक्ष तरीका है। 

राज्य का कहना है कि कोचिंग सिस्टम से शहरी और आर्थिक रूप से मजबूत छात्रों को ज्यादा फायदा मिलता है।राष्ट्रीय परीक्षा में राज्य बोर्ड और क्षेत्रीय भाषा के छात्रों को नुकसान होता है।

पेपर लीक से परीक्षा सिस्टम पर उठे सवाल

नीट (NEET) पर चल रही बहस अब सिर्फ शिक्षा तक सीमित नहीं है। यह विवाद अब देश की शासन व्यवस्था का एक बड़ा मुद्दा बन चुका है। जानकारों का कहना है कि बार-बार पेपर लीक होना परीक्षा सुरक्षा की बड़ी नाकामी है। 

इससे साफ पता चलता है कि कोचिंग माफिया का असर बहुत ज्यादा बढ़ गया है। आज प्रतियोगी परीक्षाएं पूरी तरह से कमाई का जरिया बन चुकी हैं। कुल मिलाकर, इस विवाद ने केंद्र सरकार के परीक्षा मॉडल को पूरी तरह फेल साबित कर दिया है।

पेपर लीक से कैसे टूटा लाखों छात्रों का भरोसा?

दूसरी तरफ, नीट (NEET) का समर्थन करने वालों का मानना है कि यह परीक्षा पूरे देश में एक जैसा नियम लागू करती है। इससे डोनेशन के दम पर मिलने वाले एडमिशन रुकते हैं। और सिर्फ काबिल छात्रों को ही मौका मिलता है। 

इसी बीच, डॉक्टरों के संगठन (FAIMA) ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने मांग की है कि परीक्षा कराने वाली संस्था नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में पूरी तरह बदलाव किया जाए।

नीट पेपर लीक पर बढ़ा राजनीतिक घमासान

यह मुद्दा अब तेजी से राजनीतिक रूप लेता जा रहा है।देशभर में विपक्षी दल बार-बार होने वाले पेपर लीक को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठा रहे हैं। कई शहरों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं।  

तमिलनाडु के लिए नीट (NEET) हमेशा से एक बेहद संवेदनशील मुद्दा रहा है। यह मामला सीधे तौर पर गांव के बच्चों और गरीब परिवारों की उमीदों से जुड़ा है। 

ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल यह है। क्या NEET-UG 2026 विवाद देश को सोचने पर मजबूर करेगा। क्या केंद्रीकृत परीक्षा प्रणाली पर फिर से विचार होगा। क्या यह सिस्टम आगे भी जारी रहेगी। या इसमें सिर्फ कड़े सुधार किए जाएंगे।

60-Words Summary-

NEET-UG 2026 को लेकर देश में बड़ा विवाद है। पेपर लीक के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई। इससे 22 लाख से ज्यादा छात्र प्रभावित हुए। तमिलनाडु के सीएम सी. जोसेफ विजय ने NEET को खत्म करने की मांग की है। उन्होंने सिस्टम में बड़ी खामियों की बात कही है। तमिलनाडु भी पुरानी मांग दोहरा रहा है। वह 12वीं के अंकों पर एडमिशन चाहता है। जांच में कई गिरफ्तारियां हुई हैं। मामला अब सिर्फ शिक्षा का नहीं रहा। यह अब राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा बन गया है।


Bhawna Mishra
Bhawna Mishra
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She is a seasoned writer with a passion for Storytelling and a keen interest in diverse topics. With 2.5 years of experience, she excels in writing about Tech, Sports, Entertainment, and various Niche topics. Bhawna holds a Postgraduate Degree in Journalism and Mass Communication from St Wilfred’s College of Jaipur.

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