भारतीय मूल के 22 वर्षीय युवा सूर्य मिधा ने दुनिया भर में भारत का नाम रोशन किया है। वे सबसे कम उम्र के ‘सेल्फ़-मेड’ बिलेनियर की लिस्ट में शामिल हो गए हैं। उनके आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) स्टार्टअप ‘Mercor’ ने जबरदस्त तरक्की की है। रिपोर्ट में बताया गया की सूर्य मिधा की कुल संपत्ति ₹18,000 करोड़ ($2 बिलियन) के पार पहुंच गई है।
इतना ही नहीं, उन्होंने मेटा के फाउंडर मार्क ज़करबर्ग को भी पीछे छोड़ दिया है। जहां जकरबर्ग साल 2008 में 23 साल की उम्र में अरबपति बने थे। वहीं, सूर्य मिधा ने यह उपलब्धि महज 22 साल की उम्र में ही हासिल कर लिया है।

आखिर कौन हैं 22 वर्षीय सूर्य मिधा?
सूर्य मिधा एक बेहद होनहार और युवा एंटरप्रेन्योर हैं। वह फिलहाल सैन फ्रांसिस्को में रहते हैं। वह AI स्टार्टअप ‘Mercor’ के को-फाउंडर्स में शामिल हैं। बता दें कि सूर्य ने जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी में फॉरेन सर्विस की पढ़ाई शुरू की थी।
हालांकि, दुनिया भर में आए AI बूम को देखकर उन्होंने पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी। इसके बाद उन्होंने पूरी तरह स्टार्टअप पर फोकस किया।
‘Mercor’ की शुरुआत तीन युवाओं ने मिलकर की थी। इनमें सूर्य मिधा, आदर्श हिरेमठ और ब्रेंडन फ़ूडी शामिल हैं। खास बात यह है कि तीनों संस्थापकों की उम्र सिर्फ 22 साल बताई जा रही है।
‘Mercor’ क्या है और यह कैसे काम करता है?
‘Mercor’ तेजी से बढ़ते AI रिक्रूटमेंट और टैलेंट-मैचिंग सेक्टर में काम करती है। यह स्टार्टअप जॉब्स के लिए सही कैंडिडेट्स चुनने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल करता है।
कंपनी कैंडिडेट्स की स्क्रीनिंग करती है। ‘Mercor’ रिक्रूटमेंट प्रोसेस को ऑटोमेट करने पर फोकस करता है। इसके साथ ही, इनका AI टूल बहुत कम समय में हजारों रिज्यूमे और उम्मीदवारों की एलिजिबिलिटी चेक कर लेता है।
सॉफ्टवेयर जॉब्स में जबरदस्त बढ़ोतरी जारी
बताते चलें कि साल 2025 में कंपनी ने जबरदस्त ग्रोथ दर्ज की है। दुनिया भर में AI इंजीनियर्स की डिमांड बढ़ी है। इसके साथ ही सॉफ्टवेयर डेवलपर्स की वैकेंसी में भी तेजी से इजाफा हुआ है। इसके अलावा, दुनिया भर में रिमोट वर्क का ट्रेंड भी तेजी से पॉपुलर हो रहा है।
AI स्टार्टअप Mercor ने छुआ $10 बिलियन आंकड़ा
AI स्टार्टअप ‘Mercor’ ने सिलिकॉन वैली में इतिहास रच दिया है। एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने हाल ही में $350 मिलियन की बड़ी फंडिंग जुटाई है। इस इन्वेस्टमेंट के साथ ही ‘Mercor’ की मार्केट वैल्यू $10 बिलियन (करीब ₹83,000 करोड़) पहुंच गई है। वैल्यूएशन में आई इस वृद्धि ने कंपनी के तीनों फाउंडर्स को अरबपति बना दिया है।
खास बात यह है कि ये तीनों अब दुनिया के सबसे कम उम्र के ‘सेल्फ-मेड’ अरबपति बन गए हैं। इन्होंने फेसबुक के मार्क जुकरबर्ग का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है। फोर्ब्स की लिस्ट में शामिल होते वक्त इन तीनों की उम्र जुकरबर्ग से भी कम है।
AI स्टार्टअप Mercor ने छुआ $10 बिलियन आंकड़ा
AI स्टार्टअप ‘Mercor’ ने सिलिकॉन वैली में इतिहास रच दिया है। एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने हाल ही में $350 मिलियन की बड़ी फंडिंग जुटाई है। इस इन्वेस्टमेंट के साथ ही ‘Mercor’ की मार्केट वैल्यू $10 बिलियन (करीब ₹83,000 करोड़) पहुंच गई है। इस वैल्यूएशन के साथ इसके फाउंडर्स तुरंत अरबपतियों की श्रेणी में आ गए।
खास बात यह है कि ये तीनों अब दुनिया के सबसे कम उम्र के ‘सेल्फ-मेड’ अरबपति बन गए हैं। इन्होंने फेसबुक के मार्क जुकरबर्ग का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है। फोर्ब्स की लिस्ट में शामिल होते वक्त इन तीनों की उम्र जुकरबर्ग से भी कम है।
AI ने बिजनेस की स्पीड को किया दोगुना
AI की दुनिया बहुत तेजी से आगे बढ़ रही है। पिछले दो सालों में AI स्टार्टअप्स ने सैकड़ों अरब डॉलर का इन्वेस्टमेंट आकर्षित किया है। AI इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑटोमेशन और टैलेंट टूल्स पर काम करने वाली कंपनियों का वैल्यूएशन भी तेजी से बढ़ा है।
इसका नतीजा यह है कि युवा फाउंडर्स बहुत कम उम्र में ही अरबपति बन रहे हैं। पहले जब इंटरनेट का दौर आया था। तब सोशल मीडिया, ऑनलाइन शॉपिंग और ऐप्स बनाने वाले लोग इस लिस्ट में थे। अब यही काम AI कर रहा है।
ग्लोबल टेक मार्केट में AI का बढ़ता प्रभाव
सूर्य मिधा की कहानी सिर्फ एक व्यक्ति की सफलता नहीं है। यह बदलती टेक दुनिया की नई तस्वीर दिखाती है। पहले टेक कंपनियां इंटरनेट और सोशल मीडिया के दम पर बनती थीं। वहीं अब AI-बेस्ड स्टार्टअप तेजी से सबसे ज्यादा वैल्यू हासिल कर रहे हैं।
इन्वेस्टर्स का भरोसा भी AI कंपनियों पर बढ़ रहा है। यह बदलाव बताता है कि आने वाले समय में AI ही टेक इंडस्ट्री की सबसे बड़ी ताकत बनने वाला है।
60-Words Summary:
भारतीय मूल के 22 वर्षीय सूर्य मिधा ने AI दुनिया में बड़ा मुकाम हासिल किया है। उनके स्टार्टअप Mercor की वैल्यू $10 बिलियन पहुंच गई है। इस सफलता के साथ सूर्य दुनिया के सबसे युवा सेल्फ-मेड बिलेनियर्स में शामिल हो गए हैं। उन्होंने कम उम्र में मार्क जुकरबर्ग का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया। सूर्य मिधा की यह सफलता दिखाती है कि आने वाला दौर पूरी तरह AI टेक्नोलॉजी का होने वाला है।
