मशहूर एंटरप्रेन्योर और कंटेंट क्रिएटर अंकुर वारिकू ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। उन्होंने अपने ऑनलाइन कोर्स के बिज़नेस को हमेशा के लिए बंद करने की घोषणा की है। साल 2020 में लॉन्च हुए इस वेंचर ने ₹100 करोड़ की सेल की है। वहीं ₹25 करोड़ का प्रॉफिट कमाया है। इस दौरान 5 लाख से ज़्यादा छात्रों ने उनके कोर्सेज में एनरोल किया था।
इतने सफल सेटअप को अचानक बंद करने की खबर से हर कोई हैरान है। इस फैसले पर सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपडेट शेयर किया। वारिकू ने सीधे शब्दों में कहा, ‘अब इसे जारी रखने का कोई मतलब नहीं है।’

क्या था अंकुर वारिकू का यह बिजनेस?
अंकुर वारिकू का यह बिज़नेस ऑनलाइन एजुकेशन और स्किल डेवलपमेंट पर आधारित था। यह प्लेटफॉर्म पर करियर ग्रोथ, पर्सनल फाइनेंस, प्रोडक्टिविटी और एंटरप्रेन्योरशिप जैसे टॉपिक्स पर कोर्स उपलब्ध कराते थे। इसके अलावा अपस्किलिंग से जुड़े कई कोर्सेज सिखाए जाते थे।
खासतौर पर, ’Web Veda’ और ‘Make Epic Money’ जैसे प्लेटफॉर्म्स के जरिए उन्होंने लाखों लोगों तक अपनी पहुंच बनाई। यही वजह रही कि उनका मॉडल भारत के सबसे सफल क्रिएटर-ड्रिवन एजुकेशन बिज़नेस में शुमार हुआ।
डिजिटल लर्निंग का क्रिएटर-फर्स्ट अप्रोच
अंकुर वारिकू के मॉडल मुख्य रूप से रिकॉर्डेड कोर्स, कोहॉर्ट लर्निंग और डिजिटल कम्युनिटी पर आधारित थे। इसमें क्रिएटर-ड्रिवन एजुकेशन कंटेंट को खास महत्व दिया गया। इन तरीकों ने उनके बिज़नेस को तेजी से बढ़ाने में मदद की। इन सालों में उन्होंने ऑनलाइन ऑडियंस भी बनाई।
उनके यूट्यूब पर 70 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर हैं। वहीं, इंस्टाग्राम पर लगभग 40 लाख फॉलोअर जुड़े हैं। इसके अलावा, X (पहले ट्विटर) पर भी उनके लाखों फॉलोअर्स मौजूद हैं।
एजुकेशन इंडस्ट्री में AI की एंट्री
वारिकू का यह बिज़नेस शटडाउन से जुड़ा अपडेट तेजी से वायरल हो रहा है। इसकी सबसे बड़ी वजह AI पर दिया गया उनका एक छोटा सा जवाब है। एक यूजर ने पूछा कि क्या इस फैसले पर AI का असर पड़ा? वारिकू ने सीधा जवाब दिया- ‘बहुत ज़्यादा।’
उनके इस एक बयान ने इंटरनेट पर बड़ी बहस छेड़ दी है। अब हर तरफ ‘OpenAI’ के ‘ChatGPT’ और Anthropic के Claude जैसे टूल्स की चर्चा हो रही है। लोग मान रहे हैं कि ये एडवांस AI ट्यूटर सिस्टम ऑनलाइन एजुकेशन इंडस्ट्री बदल रहा है।
भारत में EdTech बूम का नया फेज शुरू
भारत का EdTech सेक्टर तेजी से बदल रहा है। कोविड-19 के दौरान ऑनलाइन कोर्स बहुत पॉपुलर हुए। क्रिएटर-लेड एजुकेशन बिज़नेस ने काफी तेज़ी से ग्रोथ दिखाई। लाखों लोगों ने डिजिटल लर्निंग प्रोग्राम्स में इन्वेस्ट किया।
लेकिन 2023 के बाद स्थिति बदलने लगी। EdTech फंडिंग में तेज गिरावट दर्ज की गई। साथ ही नए यूज़र्स को लंबे समय तक बनाए रखना भी काफी महंगा हो गया।
AI के दौर में बदल रही क्रिएटर इकॉनमी
क्रिएटर इकॉनमी अब नया रूप ले रही है। यह एक नए दौर में पहुंच गई है। पहले क्रिएटर्स कोर्स, ई-बुक्स, कम्युनिटीज़ और वर्कशॉप्स के जरिए कमाई करते थे। लेकिन AI ने एजुकेशन का तरीका बदल दिया है। अब पर्सनलाइज्ड इनफार्मेशन इंटरनेट पर फ्री में उपलब्ध है।
AI ट्यूटर भी 24/7 आपकी मदद के लिए तैयार रहते हैं। इतना ही नहीं, AI की मदद से कंटेंट बनाना पहले से काफी आसान हो गया है।
AI युग में खत्म हो रहा पुराना एजुकेशन मॉडल
AI ऑनलाइन एजुकेशन की दुनिया में काफी बदलाव किए है। पहले ऑनलाइन कोर्स इनकम का अच्छा सोर्स हुआ करते थे।
हालांकि AI की हेल्प से अब जानकारी आसानी से इंटरनेट पर मिल जाती है। ऐसे में लोग अब सिर्फ जानकारी नहीं, बल्कि भरोसा, सही सलाह और एक्सपीरियंस को ज्यादा महत्व दे रहे हैं।
60-Words Summary:
मशहूर एंटरप्रेन्योर अंकुर वारिकू ने अपना ऑनलाइन कोर्स बिज़नेस बंद करने का फैसला लिया है। इस वेंचर ने ₹100 करोड़ की सेल और ₹25 करोड़ का प्रॉफिट बनाया था। 5 लाख से ज्यादा छात्रों ने इसमें हिस्सा लिया। यह प्लेटफॉर्म करियर, फाइनेंस और स्किल्स पर फोकस करता था। अब AI के तेजी से बढ़ते असर ने एजुकेशन मॉडल को बदल दिया है। इंटरनेट पर जानकारी फ्री और आसान होने से पुराने कोर्स मॉडल फीके पड़ते जा रहे हैं।
