मुंबई में ऑटो-रिक्शा और मशहूर काली-पीली टैक्सी से सफर करने वालों के लिए जरूरी खबर है। 1 सितंबर, 2026 से दोनों के किराए में बढ़ोतरी होने जा रही है। मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी ने नए किराए को मंजूरी दे दी है। इसके तहत ऑटो-रिक्शा का मिनिमम किराया ₹1 बढ़ेगा। वहीं, टैक्सी का न्यूनतम किराया ₹2 ज्यादा होगा।
बता दें कि नई रेट मुंबई मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र में लागू होंगी। इसमें मुंबई के साथ ठाणे, नवी मुंबई, कल्याण, वसई-विरार और पनवेल शामिल हैं। यानी 1 सितंबर से इन इलाकों में ऑटो या टैक्सी से सफर करना थोड़ा महंगा हो जाएगा।

पहले 1.5 किलोमीटर का किराया ₹1 बढ़ा
नए किराया सिस्टम के तहत ऑटो-रिक्शा का मिनिमम किराया अब ₹27 होगा। यानी शुरुआती 1.5 किलोमीटर के लिए यात्रियों को ₹26 की जगह ₹27 देने होंगे। इसके बाद हर अतिरिक्त किलोमीटर का किराया ₹18 होगा।
वही कम डिस्टेंस पर ट्रेवल करने वालों की जेब पर इसका असर मामूली रहेगा। हालांकि, रोजाना कई बार ऑटो से सफर करने वालों का महीने का ट्रैवल खर्च बढ़ सकता है।
काली-पीली टैक्सी से सफर होगा महंगा
मुंबई की काली-पीली टैक्सियों का न्यूनतम किराया ₹2 बढ़ जाएगा। अभी यात्रियों को कम से कम ₹31 देने पड़ते हैं। 1 सितंबर से यह किराया बढ़कर ₹33 हो जाएगा।
टैक्सी की नई दर ₹33 प्रति किलोमीटर होगी। ऑटो के मुकाबले टैक्सी के किराए में बढ़ोतरी थोड़ी ज्यादा है। इसकी वजह टैक्सी का बढ़ता खर्च है।
ऑटो-टैक्सी चलाना क्यों हुआ महंगा?
ऑटो और टैक्सी का किराया बढ़ने के पीछे सबसे बड़ी वजह बढ़ती ऑपरेशनल कॉस्ट है। ट्रांसपोर्ट यूनियनें लंबे समय से किराया बढ़ाने की मांग कर रही थीं। फ्यूल प्राइस, मेंटेनेंस से लेकर इंश्योरेंस और परमिट तक, ड्राइवरों का खर्च लगातार बढ़ रहा है। इसके अलावा, CNG की बढ़ती कीमतों ने भी लागत बढ़ाई है।
ड्राइवरों का कहना है कि बढ़ते खर्च के मुकाबले मौजूदा किराया पर्याप्त नहीं है। ऐसे में नए किराए के जरिए बढ़ी लागत का कुछ बोझ कम करने की कोशिश की गई है। साथ ही, ड्राइवरों की डेली इनकम को बेहतर करने पर भी जोर है।
यूनियनों की मांग से कम बढ़ा किराया
ड्राइवरों और ट्रांसपोर्ट यूनियनों ने किराए में ज्यादा बढ़ोतरी की मांग की थी। हालांकि, अथॉरिटी ने उनकी मांग के मुकाबले कम बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, टैक्सी यूनियनों ने मिनिमम किराए में इससे ज्यादा बढ़ोतरी की मांग रखी थी।
अथॉरिटी ने टैक्सी के न्यूनतम किराए में ₹2 की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। यानी मंजूर किया गया किराया कुछ ड्राइवर एसोसिएशन की मांग से कम है। इसका मतलब है कि यात्रियों पर ज्यादा बोझ नहीं पड़ेगा।
मुंबई में लाखों लोग होंगे प्रभावित
मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन में किराए में बदलाव का असर बड़े पैमाने पर देखने को मिलेगा। यहां करीब 3 लाख रजिस्टर्ड ऑटो-रिक्शा और 30,000 टैक्सियां हैं।
यानी नए किराए का असर रोजाना होने वाली लाखों यात्राओं पर पड़ सकता है। ऑफिस आने-जाने से लेकर रेलवे स्टेशन तक पहुंचने और कम दूरी के सफर के लिए लोग ऑटो-टैक्सी पर निर्भर हैं। ऐसे में किराए में बदलाव का सीधा असर यात्रियों के रोजाना के ट्रैवल एक्सपेंस पर पड़ेगा।
डेढ़ साल बाद फिर बढ़ा ऑटो-टैक्सी का किराया
मुंबई में ऑटो और टैक्सी के किराए में पिछली बड़ी बढ़ोतरी फरवरी 2025 में हुई थी। तब ऑटो-रिक्शा का किराया ₹23 से बढ़कर ₹26 हो गया था।
वहीं, काली-पीली टैक्सी का मिनिमम किराया ₹28 से बढ़कर ₹31 किया गया था। यानी करीब डेढ़ साल बाद एक बार फिर ऑटो और टैक्सी के किराए में बदलाव होने जा रहा है।
ऑटो-टैक्सी में सफर से पहले जान लें ये जरूरी बात
1 सितंबर 2026 से ऑटो और टैक्सी का सफर नई प्राइस के हिसाब से शुरू होगा। ड्राइवरों को इसी नई दर के हिसाब से मीटर चलाना होगा। ऐसे में सफर के दौरान मीटर पर नजर रखना जरूरी है।
अगर कोई ड्राइवर किराया बढ़ने का हवाला देकर मीटर में तय रकम से ज्यादा पैसे मांगता है। तो यात्री सावधान रहें। मीटर में दिखाई गई राशि से ज्यादा पेमेंट करने से पहले नया रेट जरूर चेक करें।
Uber-Ola की राइड भी होगी महंगी?
ऑटो और टैक्सी के नए किराए का सीधा असर मीटर से चलने वाली सर्विस पर होगा। ऐप से बुक की जाने वाली राइड्स के लिए तस्वीर थोड़ी अलग हो सकती है।
ऐप-बेस्ड सर्विस देने वाली कंपनियां अपने हिसाब से किराया तय करती हैं। इनमें अलग-अलग फीस और सर्ज चार्ज शामिल हो सकते हैं। इसलिए, मीटर का मिनिमम फेयर बढ़ने का मतलब यह नहीं है कि हर ऐप-बेस्ड राइड तुरंत महंगी हो जाएगी।
बढ़ते खर्च के बीच ड्राइवरों को कुछ राहत
टैक्सी फेयर बढ़ने से ड्राइवरों को बढ़ते खर्च से थोड़ी राहत मिल सकती है। फ्यूल, मेंटेनेंसऔर दूसरे खर्चों के बीच बढ़ा किराया उनकी इनकम को कुछ हद तक बेहतर कर सकता है।
खासकर कम दूरी की कई ट्रिप करने वाले ड्राइवरों को इसका फायदा मिल सकता है। हालांकि, असल राहत कितनी मिलेगी, यह पेट्रोल प्राइस, मेंटेनेंस खर्च और डेली बुकिंग पर निर्भर करेगी।
डेली ट्रैवल बजट पर पड़ेगा असर
ऑटो और टैक्सी का किराया ऐसे समय बढ़ रहा है। जब मुंबई में लोगों का रोजाना का खर्च पहले ही बढ़ा हुआ है। ट्रेन, बस और मेट्रो के साथ ऑटो या टैक्सी का इस्तेमाल करने वाले पैसेंजर्स पर इसका सबसे असर होगा। एक ट्रिप पर किराया भले ही थोड़ा बढ़े। लेकिन डेली ट्रेवल करने वालों का मंथली बजट बढ़ सकता है।
60-Words Summary:
मुंबई में ऑटो और काली-पीली टैक्सी का सफर 1 सितंबर 2026 से महंगा होगा। ऑटो का मिनिमम फेयर ₹26 से बढ़कर ₹27 हो जाएगा। वहीं, टैक्सी का शुरुआती फेयर ₹31 से बढ़कर ₹33 होगा। नई दरें मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई, कल्याण, वसई-विरार और पनवेल में लागू होंगी। इस बदलाव से रोजाना सफर करने वाले यात्रियों का ट्रैवल बजट बढ़ सकता है।
