इंटरनेशनल मैथमेटिकल ओलंपियाड (IMO) से जुड़ी आश्चर्यजनक बात सामने आई है। इस इवेंट में हर साल हिस्सा लेने वाले देश अपने सबसे बेहतरीन सवालों की एक खास बुकलेट तैयार करते हैं। आमतौर पर ये पुस्तिकाएं केवल डेलिगेशन के बीच ही बांटी जाती हैं। लेकिन दुख की बात यह है कि ये बेशकीमती कलेक्शन चर्चा के बाद गायब हो जाते हैं।

आइए समझते है क्या है ये पूरा मामला-
मैथ्स ओलंपियाड का सबसे बड़ा कलेक्शन
इस मामले में हैरानी वाले बात यह है कि इन महत्वपूर्ण पुस्तिकाओं को कभी सहेज कर नहीं रखा गया। इन्हें न तो ठीक से इकट्ठा किया गया और न ही पब्लिकली इश्यू किया गया। इसका सबसे बड़ा नुकसान AI रिसर्चर्स को हो रहा है। खासतौर पर जो अर्थमेटिक लॉजिक की खोज कर रहे हैं।
इसके अलावा, दुनिया भर के स्टूडेंट्स भी इससे वंचित हैं। जो बिना किसी बाहरी मदद के इन कठिन परीक्षाओं की तैयारी करते हैं।
AI रिसर्चर्स और छात्रों के लिए जल्द तैयार होगा ‘MathNet’
इस दिशा में अब MIT, KAUST और HUMAIN के रिसर्चर्स ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उन्होंने मिलकर ‘MathNet’ नाम का नया डेटासेट तैयार किया है। यह अब तक का सबसे हाई क्वालिटी वाला गणितीय डेटासेट है। सबसे अच्छी बात यह है कि यह लिए उपलब्ध है।
MathNet पिछले डेटासेट से 5 गुना बड़ा है। इसमें 47 देशों और 17 भाषाओं के 30,000 से ज्यादा सवाल शामिल हैं। एक्सपर्ट्स ने लगभग 143 अलग-अलग प्रतियोगिताओं से यह डेटा कलेक्ट किया है।
‘MathNet’ क्यों है इतना खास?
MathNet की सबसे खास बात इसकी वैरायटी है। जहां पहले के डेटासेट सिर्फ अमेरिका और चीन तक सीमित थे। वही ‘MathNet’ में पूरी दुनिया के देशों को शामिल किया गया है। यह छह महाद्वीपों तक फैला है। इसमें 17 अलग-अलग भाषाओं में सवाल और उनके जवाब दिए गए हैं। इसमें पिछले 40 सालों की प्रतियोगिताओं का पूरा रिकॉर्ड है।
इस सेट में टेक्स्ट और इमेज दोनों तरह के सवाल और उनके हल हैं। दुनियाभर के छात्र इसे फ्री में इस्तेमाल कर सकते है।
दुनिया भर के गणित सवाल अब एक जगह
MIT की छात्रा और रिसर्च लेटर की मुख्य लेखिका, शेडेन अलशम्मरी ने एक जरूरी बात बताई। उन्होंने बताया कि हर देश अपनी सबसे लेटेस्ट गणित समस्याओं की एक पुस्तिका लाता है। ये देश आपस में सवाल शेयर तो करते थे, पर किसी ने इन्हें संभाल कर इंटरनेट पर नहीं डाला।
उन्होंने आगे कहा कि MathNet बनाना आसान काम नहीं था। इसके लिए 1,595 PDF फाइलें जुटाई गई। इनमें 25,000 से ज्यादा पन्ने शामिल थे। ये डाक्यूमेंट्स कई भाषाओं में थे। जहां पुराने स्कैन और डिजिटल रिकॉर्ड दोनों शामिल थे।
नाविद सफ़ाई ने रचा इतिहास
इस रिसर्च के दौरान एक दिलचस्प बात सामने आई। दरअसल टीम को इन सवालों का बड़ा हिस्सा एक ऐसी जगह से मिला। जिसकी किसी को उम्मीद नहीं थी। यह खजाना नाविद सफ़ाई नाम के व्यक्ति के पास था।
बता दें कि नाविद लंबे समय से इस कम्युनिटी का हिस्सा रहे हैं। वे साल 2006 से ही इन बुकलेट को खुद इकट्ठा और स्कैन कर रहे थे। उनके इसी प्राइवेट कलेक्शन ने इस डेटासेट को डिज़ाइन करने में मदद की है।
AI को जीनियस बनाएगा यह खास डेटा
जैसा कि हम जानते हैं, इन बुकलेट्स में दिए गए हल विशेषज्ञों द्वारा लिखे जाते हैं। फिर अन्य एक्सपर्ट्स इनकी जांच करते हैं। अक्सर एक ही सवाल को हल करने के कई अलग-अलग तरीके बताए जाते हैं, जो कई पन्नों तक चलते हैं। जानकारी की यही गहराई AI मॉडल्स के लिए बहुत काम की है। आमतौर पर इंटरनेट पर मिलने वाले छोटे और आधे-अधूरे जवाबों के मुकाबले। ये सॉल्यूशन AI को गणित समझने का बेहतर मौका देते हैं।
बिना कोचिंग के पढ़ने वाले छात्रों को मिलेगा बड़ा सहारा
यह डेटासेट छात्रों के लिए बहुत फायदेमंद है। खास तौर पर ओलंपियाड की तैयारी करने वालों के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं। अब दुनिया भर के बेहतरीन सवाल और उनके जवाब एक ही जगह मिल जाएंगे। इसे सर्च करना और इस्तेमाल करना बहुत आसान है। इससे छात्रों की तैयारी अब और भी बेहतर हो सकेगी।
शेडेन अलशम्मरी खुद भी IMO की छात्रा रही हैं। उन्होंने पुरानी यादें साझा करते हुए बताया कि कई छात्र बिना किसी मदद के अकेले ही तैयारी करते थे। उनके देशों में इन कठिन परीक्षाओं के लिए कोई खास ट्रेनिंग नहीं मिलती थी। टीम को उम्मीद है कि ‘MathNet’ अब ऐसे छात्रों के लिए एक बड़ा सहारा बनेगा। यहां उन्हें दुनिया के सबसे बेहतरीन सवाल और उनके हल एक ही जगह मिल जाएंगे।
60-Word Summary:
मैथ्स पसंद करने वाले लोग और रिसर्चर्स के लिए ‘MathNet’ एक बड़ी सुविधा बनकर आया है। MIT और एक्सपर्ट्स ने मिलकर दुनिया का सबसे बड़ा गणित डेटाबेस तैयार किया है। इसमें 47 देशों के 30,000 से ज्यादा कठिन सवाल और उनके हल हैं। यह पूरी तरह फ्री है और सभी के लिए उपलब्ध है। यह प्लेटफॉर्म AI को स्मार्ट बनाने में काफी फायदेमंद रहेगा। वही परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों की भी मदद करेगा।
