Meta ने टीनएजर्स के सोशल मीडिया इस्तेमाल को लेकर बड़ा फैसला लिया है। कंपनी फेसबुक और इंस्टाग्राम पर टीनएज यूजर्स के लिए नए रूल्स लगाने पर सहमत हुई है। यह एग्रीमेंट US स्टेट्स के साथ प्रस्तावित किया गया है। दरअसल, मेटा पर आरोप था कि इसके ऐप्स किशोरों को सोशल मीडिया पर ज्यादा समय बिताने को आकर्षित करते हैं।
इससे बच्चों को नुकसान पहुंच सकता है। इन्हीं आरोपों के बीच कंपनी ने नए रिस्ट्रिक्शंस लगाने पर सहमति जताई है।

मेटा को करना पड़ सकता अरबों डॉलर भुगतान
फिलहाल, इस डील को जज की मंज़ूरी मिलना बाकी है। इसके बाद मेटा के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सख्त नियम लागू हो सकते हैं। इसे अब तक की सबसे कड़ी पाबंदियों में से एक माना जा रहा है।
इस एग्रीमेंट के तहत मेटा को 16.7 अरब डॉलर तक का भुगतान करना पड़ सकता है। हालांकि, यह अमाउंट अभी तय नहीं है। यह इस बात पर निर्भर करेगा कि दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म भी ऐसे ही कदम उठाते हैं या नहीं।
टीनएजर्स के अकाउंट्स पर रहेगा नाइट कर्फ्यू
इस सेट्लमेंट के तहत टीनएजर्स के अकाउंट्स पर रात में डिफॉल्ट ब्लॉक लगाया जाएगा। इसे लागू होने के छह महीने के अंदर यह नियम शुरू हो सकता है। इसके बाद टीनएजर्स रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक फेसबुक और इंस्टाग्राम के ज्यादातर फीचर्स इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। यह समय लोकल टाइम के अनुसार चलेगा।
इसके अलावा, मैसेजिंग और सेटिंग्स का इस्तेमाल भी लिमिटेड होगा।हालांकि, इनके जरिए टीनएजर्स प्लेटफॉर्म के बाकी फीचर्स इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे।
रात में नोटिफिकेशन से होने वाली परेशानी को कम करने के लिए रात 10 बजे से सुबह 7 बजे तक पुश नोटिफिकेशन भी ऑफ रहेगी।
Facebook-Instagram के लिए दो घंटे की लिमिट
टीनएजर्स के Facebook और Instagram अकाउंट्स पर रोज़ाना दो घंटे की लिमिट होगी। दोनों ऐप्स का कुल समय दो घंटे ही होगा। यह लिमिट हर रात 12 बजे रीसेट होगी। इसे टीनएजर्स खुद नहीं बदल पाएंगे। इसके लिए माता-पिता की मंज़ूरी जरूरी होगी। माता-पिता चाहें तो लिमिट और कम कर सकते हैं।
हालांकि, दो घंटे के समय में चैटिंग और लॉन्ग फॉर्म वीडियो शामिल नहीं होंगे।। अगर TikTok और YouTube भी ऐसे रूल्स लागू करते हैं, तो रिस्ट्रिक्शन और सख्त हो सकती हैं। नाईट कर्फ्यू रात 10 बजे से सुबह 7 बजे तक हो सकता है। डेली लिमिट भी कम की जा सकती है।
स्कूल के समय बंद रहेंगे सोशल मीडिया नोटिफिकेशन
रात के कर्फ्यू और डेली लिमिट के बाद अब स्कूल टाइम को लेकर भी नियम होंगे। मेटा को स्कूल के समय टीनएजर्स के अकाउंट्स के नोटिफिकेशन बंद रखने होंगे।
यह नियम हफ्ते के दिनों में लागू होगा। सुबह 8 बजे से दोपहर 3 बजे तक नोटिफिकेशन बंद रहेंगे। यह समय स्कूल के सेशन के अनुसार तय किए जाएंगे।
ऐसे में स्कूल के समय स्टूडेंट्स का फोकस पढ़ाई पर रहेगा। सोशल मीडिया की वजह से पढ़ाई में होने वाली रुकावट भी कम होगी।
इसके अलावा, पेरेंट्स को भी डेली नोटिफिकेशन मिलेगा। इससे उन्हें पता चलेगा कि उनके टीनएज बच्चों ने सोशल मीडिया पर कितना समय बिताया।
इंस्टाग्राम और फेसबुक फीड में भी होंगे बदलाव
इस समझौते के तहत कई और बदलाव होंगे। इनका उद्देश्य सोशल मीडिया के नुकसानदेह असर को कम करना है। चार महीने में टीनएज यूज़र्स को ‘नॉन-पर्सनलाइज़्ड’ फ़ीड का ऑप्शन मिलेगा। इससे वे एल्गोरिदम वाले कंटेंट के अलावा दूसरा ऑप्शन भी चुन सकेंगे।
पोस्ट पर लाइक और रिएक्शन की संख्या डिफॉल्ट रूप से हिडन रहेगी। टीनएजर्स के लिए कॉस्मेटिक सर्जरी से जुड़े कुछ फिल्टर भी बंद किए जाएंगे।
इन बदलावों से टीनएजर्स की दूसरों से तुलना कम होगी। साथ ही, उन्हें ऐसे कंटेंट से दूर रखा जाएगा, जो उन पर बुरा असर डाल सकता है।
टीनएजर्स की ऐज को लेकर नियम होंगे सख्त
इन बदलावों के बाद एज वेरिफिकेशन को लेकर भी सख्ती होगी। मेटा को अपना वेरिफिकेशन सिस्टम बेहतर करना होगा। इसके लिए कंपनी को एक साल का समय मिलेगा।
कंपनी को ऐसे यूजर्स की पहचान भी बेहतर करनी होगी, जो अकाउंट बनाते समय अपनी उम्र ज्यादा बताते हैं। लेकिन असल में वे टीनएजर्स होते हैं।
अगर नए अकाउंट की ऐज 14 दिन में वेरिफाई नहीं होती, तो उसे टीनएजर अकाउंट माना जाएगा। इसमें अकाउंट बनाते समय बताई गई ऐज को नहीं माना जाएगा।
माता-पिता के हाथ में होगा ज्यादा कंट्रोल
एज वेरिफिकेशन के साथ माता-पिता के लिए भी कई बदलाव होंगे। उन्हें अपने टीनएज बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर ज्यादा कंट्रोल मिलेगा।
माता-पिता रोज़ाना इस्तेमाल का टाइम देख सकेंगे। वे अकाउंट की सेटिंग्स भी चेक कर सकेंगे। समय आने पर स्कूल टाइम के नियमों में बदलाव किया जा सकेगा।
अब इन सेटिंग्स के लिए टीनएजर्स पर निर्भर नहीं रहना होगा। माता-पिता खुद इन फीचर्स को कंट्रोल कर सकेंगे।
सोशल मीडिया रेगुलेशन में बड़ा बदलाव
फेसबुक और इंस्टाग्राम पर टीनएजर्स के लिए कई नए नियम लागू हो सकते हैं। इनमें टाइम लिमिट से लेकर नाइट कर्फ्यू तक शामिल है। स्कूल टाइम में नोटिफिकेशन भी बंद रहेंगे।
अब इन फीचर्स को सिर्फ ऑप्शन के तौर पर नहीं दिया जाएगा। टीनएजर्स के अकाउंट्स पर ये नियम डिफॉल्ट रूप से लागू होंगे। इसके साथ ही, दूसरे सेफ्टी फीचर्स भी पहले से एक्टिव रहेंगे।
मेटा के फैसले का दूसरी कंपनियों पर असर
इस डील से दूसरी बड़ी सोशल मीडिया कंपनियों पर भी दबाव बढ़ सकता है। उन्हें भी ऐसे ही कदम उठाने पड़ सकते हैं। सोशल मीडिया पर नियम लगातार सख्त हो रहे हैं। मेटा के लिए यह एक बड़ा फैसला है।
इससे कंपनी पर आर्थिक और कामकाज से जुड़ा बोझ बढ़ सकता है। वहीं, माता-पिता और टीनएजर्स के लिए फेसबुक और इंस्टाग्राम इस्तेमाल करने का तरीका बदल सकता है।
60- Words Summary:
Meta ने टीनएजर्स के फेसबुक और इंस्टाग्राम इस्तेमाल को लेकर नए नियमों पर सहमति जताई है। प्रस्तावित डील में रात का कर्फ्यू और रोजाना दो घंटे की लिमिट शामिल है। स्कूल टाइम में नोटिफिकेशन भी बंद रहेंगे। माता-पिता को ज्यादा कंट्रोल मिलेगा। एज वेरिफिकेशन भी सख्त होगा। इस सेटलमेंट के तहत Meta को 16.7 अरब डॉलर तक का भुगतान करना पड़ सकता है।
