मध्य प्रदेश के खजुराहो एयरपोर्ट को लेकर एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है। एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया के नए कस्टमर सैटिस्फैक्शन इंडेक्स में इसे देश का टॉप एयरपोर्ट माना गया है। दिलचस्प बात यह है कि यहां 1 जुलाई से कोई कमर्शियल फ़्लाइट नहीं चल रही है। अक्टूबर तक यहां किसी भी शेड्यूल सर्विस के शुरू होने की उम्मीद भी नहीं है। इसी वजह से यह रैंकिंग के इतिहास के सबसे यूनिक विजेताओं में शामिल हो गया है।

टॉप रैंकिंग के बाद सोशल मीडिया पर बहस
इस अनाउंसमेंट के बाद सोशल मीडिया पर खजुराहो एयरपोर्ट को लेकर काफी चर्चा शुरू हो गई है। कई लोग एयरपोर्ट की सुविधाओं की तारीफ कर रहे हैं। वहीं, कुछ लोग यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि बिना रेगुलर फ्लाइट्स के कोई एयरपोर्ट टॉप रैंकिंग में कैसे पहुंच सकता है।
खजुराहो एयरपोर्ट पर क्यों नहीं चल रही फ्लाइट?
बता दें कि देश के टॉप एयरपोर्ट की लिस्ट में शामिल खजुराहो एयरपोर्ट पर फिलहाल कोई कमर्शियल फ्लाइट ऑपरेशन नहीं हो रहा है। पहले यहां से दिल्ली और वाराणसी के लिए दो कमर्शियल रूट उपलब्ध थे। लेकिन 1 जुलाई से दोनों सेवाएं बंद कर दी गईं। इसके बाद एयरपोर्ट पर कमर्शियल पैसेंजर फ्लाइट्स की सुविधा फिलहाल उपलब्ध नहीं है। एयरपोर्ट अधिकारियों के मुताबिक, ये फ्लाइट सेवाएं अक्टूबर तक दोबारा शुरू होने की उम्मीद है।
फिर भी यह एयरपोर्ट नंबर-1 कैसे रहा?
यह रैंकिंग एयर ट्रैफिक या पैसेंजर्स की संख्या के आधार पर नहीं तय होती है। इसे एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया के कस्टमर सैटिस्फैक्शन इंडेक्स से तय किया जाता है। यह इंडेक्स पैसेंजर्स के एक्सपीरियंस और सर्विस क्वालिटी को इवेलुएट करता है। सर्वे में एयरपोर्ट को इन सर्विस पैरामीटर्स पर परखा जाता है:
• पार्किंग सुविधाएं
• वाई-फाई सुविधा
• खाने-पीने की उपलब्धता
• साफ-सफाई की व्यवस्था
• एयरपोर्ट स्टाफ का व्यवहार
• सिक्योरिटी प्रक्रिया का अनुभव
• यात्रियों का कुल आराम और अनुभव
• साइनबोर्ड और गाइडलाइन फ्रेमवर्क
खजुराहो एयरपोर्ट पर मीम्स की बाढ़
खजुराहो एयरपोर्ट की यह खबर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई है। कई यूज़र्स ने इस पर मजेदार मीम्स भी बनाए हैं। उनका कहना है कि जब एयरपोर्ट पर फ्लाइट्स ही नहीं हैं, तो वहां देरी या भीड़ की समस्या भी नहीं होगी।
कुछ लोगों ने इसे एक बड़ा विरोधाभास बताया है। उनके मुताबिक, यात्रियों की संख्या कम होने पर एयरपोर्ट चलाना और अच्छी सुविधा देना बहुत आसान हो जाता है।
इतना ही नहीं, कई लोगों ने खजुराहो जैसे टूरिस्ट डेस्टिनेशन की एयर कनेक्टिविटी को लेकर भी चिंता जताई।
बेहतर कनेक्टिविटी का इंतजार कर रहा खजुराहो
खजुराहो भारत के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है। यहां मौजूद खजुराहो ग्रुप ऑफ मॉन्यूमेंट्स को UNESCO की वर्ल्ड हेरिटेज लिस्ट में जगह मिली है। इन ऐतिहासिक स्मारकों को देखने के लिए देश-विदेश से बड़ी संख्या में टूरिस्ट आते हैं।
पर्यटन के लिए खास होने के बावजूद, इस एयरपोर्ट पर फ्लाइट्स चलाना मुश्किल हो रहा है। एयरलाइंस ज्यादा मुनाफे वाले रूट को ही चुनती हैं।
भले ही यहां मॉडर्न एमेनिटीज और उच्च स्तर का इंफ्रास्ट्रक्चर मौजूद हैं। इसके बावजूद, कम कनेक्टिविटी इस एयरपोर्ट की सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।
खजुराहो एयरपोर्ट की अनोखी उपलब्धि
खजुराहो एयरपोर्ट की रैंकिंग से एक बात साफ है। अच्छी सुविधाएँ सिर्फ ज्यादा यात्रियों की संख्या पर निर्भर नहीं करतीं। हालांकि, इस मामले ने एयरपोर्ट रैंकिंग को लेकर नई चर्चा भी शुरू कर दी है।
कई लोगों का मानना है की रैंकिंग तय करते समय कुछ और बातों का भी ध्यान रखना चाहिए। इनमें फ्लाइट कनेक्टिविटी, यात्रियों की संख्या और एयरपोर्ट की कार्यक्षमता शामिल हैं।
बताते चलें कि अक्टूबर में कमर्शियल फ्लाइट सेवाएं दोबारा शुरू होने की उम्मीद है। ऐसे में अब देखना यह होगा कि खजुराहो एयरपोर्ट अपनी बेहतर सुविधाओं के साथ मजबूत कनेक्टिविटी बनाए रख पाता है या नहीं।
