ऑनलाइन ट्रेन टिकट बुकिंग को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। दरअसल, इंडियन रेलवे ऑनलाइन टिकट बुकिंग सिस्टम को अपग्रेड करने की तैयारी कर रहा है। इस पहल से पीक टाइम में वेबसाइट पर आने वाली परेशानियों में कमी आएगी। साथ ही, टिकट बुकिंग के दौरान यूज़र्स का अनुभव भी बेहतर होगा।

IRCTC के बुकिंग सिस्टम में बड़ा अपग्रेड
इस अपग्रेड का फोकस IRCTC के ‘नेक्स्ट जेनरेशन ई-टिकटिंग’ (NGeT) प्लेटफॉर्म पर होगा। यही सिस्टम ऑनलाइन रेलवे रिजर्वेशन संभालता है। फिलहाल, इस प्लेटफॉर्म को भारी ट्रैफिक के लिए तैयार किया जा रहा है।
एडवांस रिजर्वेशन और तत्काल बुकिंग के दौरान वेबसाइट पर सबसे ज्यादा लोड रहता है। अपग्रेड के बाद ऐसे समय में टिकट बुक करना आसान हो सकता है।
पीक-आवर बुकिंग क्यों बन जाती है चुनौती?
नई बुकिंग शुरू होते ही IRCTC पर ट्रैफिक बढ़ जाता है। एडवांस रिजर्वेशन सुबह 8 बजे शुरू होता है। तत्काल बुकिंग AC क्लास के लिए सुबह 10 बजे शुरू होती है। नॉन-AC क्लास के लिए यह समय सुबह 11 बजे है।
इन समयों पर हजारों यात्री एक साथ टिकट बुक करते हैं। वे ट्रेन सर्च करते हैं। सीट की अवेलेबिलिटी देखते हैं। पैसेंजर की डिटेल्स मेंशन करते हैं। इसके बाद पेमेंट करते हैं। ऐसे में वेबसाइट का थोड़ा भी धीमा होना परेशानी बढ़ा सकता है। खासकर तब, जब कन्फर्म सीटें लिमिटेड हों।
ऑनलाइन बुकिंग पर यात्रियों की निर्भरता भी काफी बढ़ गई है। जून 2025 से जून 2026 के बीच 65.08 करोड़ रिजर्व्ड टिकट बुक हुए। इनमें 57.90 करोड़ टिकट ऑनलाइन बुक किए गए। यानी करीब 89% रिजर्व्ड टिकट ऑनलाइन बुक हुए।
ऑनलाइन टिकट बुकिंग में आएगा बड़ा अपग्रेड
NGeT के इंफ्रास्ट्रक्चर को बड़े लेवल पर अपग्रेड किया जाएगा। इसके तहत सर्वर, स्टोरेज और नेटवर्किंग को बेहतर बनाया जाएगा। सॉफ्टवेयर में भी जरूरी बदलाव किए जाएंगे।
IRCTC के मुताबिक, मौजूदा सिस्टम करीब 37,000 टिकट प्रति मिनट संभाल सकता है। अपग्रेड के बाद यह क्षमता 1 लाख से ज्यादा टिकट प्रति मिनट हो सकती है। इस अपग्रेड पर अब तक करीब 150 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
IRCTC बना रहा है दूसरा बैकअप सिस्टम
IRCTC एक एक्टिव-एक्टिव डिजास्टर रिकवरी सिस्टम पर काम कर रहा है। अगर एक सिस्टम में दिक्कत आती है, तो दूसरा सिस्टम काम संभाल लेगा। इसके लिए सिकंदराबाद में बैकअप इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा।
तत्काल बुकिंग के समय इस सिस्टम से काफी मदद मिल सकती है। उस समय वेबसाइट कुछ मिनट के लिए भी रुकी। तो टिकट बुक करना मुश्किल हो सकता है।
नई IRCTC वेबसाइट की टेस्टिंग भी जारी
IRCTC की नई वेबसाइट की टेस्टिंग पहले से चल रही है। 15 जुलाई 2026 को इसका बीटा वर्जन लॉन्च किया गया था। इसमें नया और साफ इंटरफेस दिया गया है। बुकिंग को तेज बनाने के लिए भी कई बदलाव किए गए हैं।
नए वर्जन में गैर-जरूरी पॉप-अप और CAPTCHA को कम किया गया है। इससे बुकिंग एक्सपीरियंस आसान हो सकता है। बीटा टेस्टिंग के बाद IRCTC इसका नया वर्जन पूरी तरह लॉन्च करने की तैयारी में है।
कम स्टेप्स में बुक कर सकेंगे टिकट
नई वेबसाइट पर टिकट बुक करना आसान हो सकता है। बुकिंग पूरी करने के लिए कम स्टेप्स होंगे। इससे खासकर उन यात्रियों को फायदा हो सकता है, जो अक्सर टिकट बुक करते हैं। पीक टाइम में इससे समय भी बच सकता है।
इसके अलावा, यूज़र्स पैसेंजर्स से जुड़ी इनफार्मेशन सेव भी कर सकेंगे। इससे अगली बार टिकट बुक करते समय फॉर्म भरने में कम समय लग सकता है।
अनऑथराइज़्ड एजेंट्स पर IRCTC की नजर
IRCTC सिस्टम पर आने वाली सस्पिशियस एक्टिविटी पर भी नजर रख रहा है। ऐसे ट्रैफिक से वेबसाइट पर लोड बढ़ सकता है। IRCTC के मुताबिक, अनऑथराइज़्ड एजेंट और बॉट्स पर निगरानी बढ़ाई गई है। खासकर सुबह 8 बजे, 10 बजे और 11 बजे की बुकिंग के समय।
कंपनी बॉट्स को रोकने के लिए ‘Akamai’ की मदद भी ले रही है। ‘Akamai’ का इस्तेमाल कंटेंट डिलीवरी के लिए भी किया जा रहा है। इससे ऑटोमेटेड और संदिग्ध ट्रैफिक को कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही, पैसेंजर्स आसानी से टिकट बुक कर सकेंगे।
नया सिस्टम तत्काल बुकिंग में कैसे मदद करेगा?
इस अपग्रेड से तत्काल यात्रियों को काफी फायदा मिल सकता है। दरअसल तत्काल बुकिंग के समय बहुत से लोग एक साथ टिकट बुक करते हैं। ऐसे में वेबसाइट पर ज्यादा लोड पड़ता है।
ऐसे में नया बैकएंड सिस्टम कई दिक्कतों को कम कर सकता है। पेज लोड न होने की समस्या कम हो सकती है। सेशन टाइम-आउट भी कम हो सकता है। यहां तक की पेमेंट के दौरान आने वाली रुकावटें भी घट सकती हैं।
लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हर तत्काल बुकिंग में कन्फर्म टिकट मिलेगा। सीटें अभी भी सीमित हैं। मांग ज्यादा होने पर कन्फर्म टिकट मिलना मुश्किल रहेगा।
रेलवे के लिए क्यों जरूरी है यह अपग्रेड?
अब ज्यादातर यात्री ट्रेन टिकट ऑनलाइन बुक करते हैं। हर 10 में से करीब 9 रिजर्व्ड टिकट ऑनलाइन बुक होते हैं। ऐसे में IRCTC रेलवे का एक अहम डिजिटल प्लेटफॉर्म बन गया है।
पीक ओवर्स में वेबसाइट पर एक साथ बहुत से लोग विजिट करते हैं। ऐसे समय में छोटी सी टेक्निकल प्रॉब्लम भी हजारों यूज़र्स को प्रभावित कर सकती है।
पिछले कुछ समय से ऑनलाइन टिकट बुकिंग लगातार बढ़ रही है। इसलिए रेलवे के लिए अपने डिजिटल सिस्टम को मजबूत रखना जरूरी हो गया है।
