WhatsApp के बाद अब Telegram और Signal पर सरकार सख्त! Username Feature को लेकर नोटिस


Bhawna Mishra

Bhawna Mishra

Jul 05, 2026


देश में मैसेजिंग ऐप्स की निगरानी को लेकर सरकार अब और सख्त हो गई है। इसके तहत, टेलीग्राम और सिग्नल ऐप्स को एक ऑफिशियल नोटिस भेजा है। दरअसल,  यह नोटिस उनके यूजरनेम फीचर को लेकर है। इससे कुछ समय पहले WhatsApp पर भी ऐसी ही कार्रवाई हुई थी।

केंद्र सरकार ने व्हाट्सएप को उसका नया यूज़रनेम फ़ीचर लॉन्च करने से रोक दिया था। साथ ही, कंपनी से पूछा है कि वह इस फीचर का गलत इस्तेमाल कैसे रोकेगी।

यूज़रनेम फ़ीचर पर क्यों बढ़ी चिंता?

सरकार को आशंका है कि यूज़रनेम फ़ीचर का गलत इस्तेमाल बढ़ेगा। इससे ऑनलाइन धोखाधड़ी और फ़िशिंग जैसे मामलों में इज़ाफा हो सकता है। बिना फोन नंबर शेयर किए बातचीत करने से यह खतरा पैदा हो सकता है। इसी वजह से नियमों को अब और सख्त किया जा रहा है।

यूज़रनेम फीचर पर सरकार ने मांगा जवाब

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) का मानना है कि यूजरनेम-बेस्ड सिस्टम से धोखाधड़ी बढ़ सकती है। इससे धोखाधड़ी करने वाले के लिए दूसरों की पहचान चुराना आसान हो सकता है।

वे लोगों, कंपनियों, बैंकों और सरकारी डिपार्टमेंट के नाम पर फर्जी अकाउंट बना सकते हैं। यही कारण है कि सरकार ने टेलीग्राम और सिग्नल से इस पर स्पष्टीकरण मांगा है।

WhatsApp के नए फीचर पर समीक्षा शुरू

बता दें कि इस मामले की जांच तब शुरू हुई जब WhatsApp ने नया फीचर लॉन्च किया। इससे यूजर्स बिना फोन नंबर के यूनिक यूजरनेम क्रिएट कर सकते हैं। फिलहाल सरकार ने मेटा को सख्त निर्देश दिए है कि बातचीत पूरी होने तक भारत में इसे रोल आउट न किया जाए।

सरकार ने अपने नोटिस में कहा है कि इस फीचर से ऑनलाइन धोखाधड़ी और फेक आइडेंटिटी का खतरा बढ़ेगा। इसके साथ ही, Meta से यह भी पूछा है कि इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट के तहत उस पर कार्रवाई क्यों न की जाए।


पॉप्युलर अकाउंट्स के नाम रखे जाएंगे सुरक्षित

WhatsApp ने इस फीचर का बचाव किया है। कंपनी ने कहा कि इसमें कई सुरक्षा उपाय हैं। इनसे फर्जी पहचान और स्कैम को रोका जा सकेगा। मशहूर हस्तियों और सरकारी संस्थाओं के यूजरनेम सुरक्षित रखे गए हैं। कोई भी इनका गलत इस्तेमाल नहीं कर पाएगा। कंपनी ने ऑटोमेटेड यूजरनेम सर्च और संदिग्ध मैसेज भेजने पर भी रोक लगाई है।

दूसरी ओर, टेलीग्राम और सिग्नल पहले से यूजरनेम फीचर देते हैं। इस बीच अब सरकार ने दोनों प्लेटफार्म से जवाब मांगा है। उन्हें बताना होगा कि वे यूज़र्स को धोखाधड़ी से कैसे बचाते हैं। साथ ह, भविष्य में होने वाली ठगी को रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं।

डिजिटल सेफ्टी को लेकर सख्त हुई सरकार 

सरकार का यह कदम डिजिटल सुरक्षा और प्लेटफॉर्म की जवाबदेही पर बढ़ते फोकस को दिखाता है। साइबर धोखाधड़ी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इसलिए ऐसे फीचर्स पर नजर रखी जा रही है। जिनका गलत इस्तेमाल हो सकता है। यह बातचीत आगे चलकर तय कर सकती है कि भारत में मैसेजिंग ऐप्स  प्राइवेसी फीचर्स कैसे लागू करेंगे। इससे डिजिटल आइडेंटिटी और ऑनलाइन चैट से जुड़े नियम भी प्रभावित हो सकते हैं। 

60-Words Summary:

मैसेजिंग ऐप्स की निगरानी को लेकर सरकार अब सख्त हो गई है। WhatsApp के बाद Telegram और Signal को भी यूज़रनेम फीचर पर नोटिस भेजा गया है। सरकार को डर है कि इससे ऑनलाइन फ्रॉड और फेक अकाउंट्स बढ़ सकते हैं। कंपनियों से पूछा गया है कि वे धोखाधड़ी रोकने के लिए क्या कदम उठा रही हैं। अब इस फीचर की लॉन्चिंग और नियमों पर सरकार की नजर बनी हुई है।


Bhawna Mishra
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She is a seasoned writer with a passion for Storytelling and a keen interest in diverse topics. With 2.5 years of experience, she excels in writing about Tech, Sports, Entertainment, and various Niche topics. Bhawna holds a Postgraduate Degree in Journalism and Mass Communication from St Wilfred’s College of Jaipur.

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