दिल्ली मेट्रो के यात्रियों को जल्द एक नया बदलाव देखने को मिल सकता है। DMRC ट्रेनों के अंदर ऑडियो विज्ञापन शुरू करने की तैयारी में है। पहले चरण में इसकी शुरुआत रेड, येलो, ब्लू और मैजेंटा लाइन पर होगी। इस पहल का मुख्य मकसद टिकट के अलावा अन्य सोर्स से रेवेन्यू बढ़ाना है। साथ ही, इससे ब्रांड्स को हर दिन लाखों यात्रियों तक पहुंचने का नया माध्यम मिलेगा।

यात्रियों पर नहीं पड़ेगा किराए का बोझ
पिछले कुछ समय से DMRC रेवेन्यू बढ़ाने के लिए नए तरीके अपना रहा है। हालांकि इसका उद्देश्य सिर्फ रेवेन्यू बढ़ाना नहीं है। दिल्ली मेट्रो का फोकस यात्रियों पर किराए का बोझ कम रखना भी है।
साथ ही, वह अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करना चाहता है। इससे मेट्रो सेवाएं लंबे समय तक बिना किसी रुकावट के सुचारू रूप से चलती रहेंगी।
कैसे काम करेगा नया सिस्टम?
मेट्रो में यह ऑडियो विज्ञापन एक नए सिस्टम से चलेंगे। यह सिस्टम यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखकर बनाया गया है। ये विज्ञापन सिर्फ ज़रूरी अनाउंसमेंट के बीच में ही सुनाई देंगे। यात्रियों से जुड़ी जानकारी और सुरक्षा संदेशों को पहली प्राथमिकता मिलेगी। कमर्शियल विज्ञापनों से यात्रा की ज़रूरी सूचनाओं में कोई रुकावट नहीं आएगी।
ऑडियो विज्ञापन के लिए टेंडर जारी
इस प्रोजेक्ट को लागू करने के लिए DMRC ने टेंडर जारी किए हैं। इसमें चार मेट्रो लाइनों की चुनिंदा ट्रेनों में ऑडियो विज्ञापन चलाने की योजना है। कुछ चुनिंदा एजेंसी इन विज्ञापनों की मार्केटिंग और संचालन करेंगी। DMRC ने कहा है कि यात्रियों की सुविधा का पूरा ध्यान रखा जाएगा। ऐड की क्वांटिटी, ऑडियो क्वालिटी और वॉल्यूम को भी कंट्रोल किया जाएगा।
चार लाइनों में विज्ञापन का सुनहरा अवसर
दिल्ली-NCR के सबसे व्यस्त रूट्स को इस प्रोजेक्ट के लिए चुना है। DMRC के अनुसार रेड लाइन पर सबसे ज्यादा ऑडियो स्लॉट उपलब्ध होंगे। यहां 721 सेकंड का समय दिया जाएगा। इसके बाद ब्लू लाइन पर 634 सेकंड, येलो लाइन पर 596 सेकंड और मैजेंटा लाइन पर 300 सेकंड का स्लॉट होगा।
क्यों खास हैं ये मेट्रो रूट्स?
ये मेट्रो रूट्स दिल्ली-NCR के प्रमुख रेजिडेंशियल और कमर्शियल एरिया से गुज़रते हैं। ब्रांड्स के लिए यहां प्रमोशन करना काफी फायदेमंद होगा। खासतौर पर, जो कैप्टिव ऑडियंस बार-बार अपना ऐड दिखाना चाहते हैं। इस पहल से ब्रांड्स को नए विज्ञापन विकल्प मिल सकते हैं।
रेवेन्यू शेयरिंग मॉडल से DMRC को लाभ
इस मॉडल से DMRC को आर्थिक फायदा होगा। इसमें एक रेवेन्यू-शेयरिंग मॉडल अपनाया जाएगा। चुनी गई एजेंसी, ब्रांड्स से पैसा इकट्ठा करेगी। इसके बाद वह मेट्रो को उसका हिस्सा देगी। अनुमान है कि DMRC को कुल रेवेन्यू का 85% मिलेगा। बाकी 15% हिस्सा एजेंसी को जाएगा, जो इस इन्वेंट्री को मैनेज करेगी।
इसके अलावा, ऑडियो स्लॉट का 5% हिस्सा जनहित अभियानों के लिए रखा जाएगा। इसमें सोशल अवेयरनेस मैसेज और CSR से जुड़े कार्यक्रम शामिल होंगे। इन संदेशों को भी समय-समय पर ट्रेनों में चलाया जाएगा।
2023 के प्रयोग को आगे बढ़ा रहा DMRC
बताते चलें कि ऑडियो विज्ञापन में DMRC का यह पहला प्रयोग नहीं है। साल 2023 में वायलेट लाइन की कुछ ट्रेनों में इन-ट्रेन ऑडियो विज्ञापन शुरू किए गए थे। उस प्रयोग को अच्छा रिस्पॉन्स मिला था। अब उसी मॉडल को आगे बढ़ाया जा रहा है। इसे अब सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले रूटों पर लागू किया जाएगा।
पब्लिक ट्रांसपोर्ट में नया रेवेन्यू ट्रेंड
दुनिया भर में शहरी ट्रांसपोर्ट सिस्टम अब टिकट के अलावा दूसरे रेवेन्यू मॉडल पर भी ध्यान दे रहे हैं। DMRC की यह पहल इसी दिशा में एक नया उदाहरण है। इससे साफ़ है कि यात्रियों को बिना परेशान किए भी विज्ञापन दिखाए जा सकते हैं। अगर यह योजना सफल रही, तो इसे दिल्ली मेट्रो के बाकी रूट्स पर भी लागू किया जाएगा।
60-Words Summary:
दिल्ली मेट्रो में जल्द ऑडियो ऐड्स सुनाई दे सकते हैं। DMRC ने रेड, येलो, ब्लू और मैजेंटा लाइन पर इसकी तैयारी शुरू कर दी है। इन ऐड्स का मकसद टिकट के अलावा अतिरिक्त रेवेन्यू बढ़ाना है। DMRC का कहना है कि जरूरी अनाउंसमेंट और सुरक्षा संदेशों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए टेंडर जारी कर दिए गए हैं। यह मॉडल सफल रहा, तो इसे दूसरे रूट्स पर भी लागू किया जा सकता है।
