भारत के लिए बड़ी खबर! Australia करेगा Uranium Export, जानें क्यों खास है यह Deal


Bhawna Mishra

Bhawna Mishra

Jul 11, 2026


ऑस्ट्रेलिया ने भारत को यूरेनियम एक्सपोर्ट शुरू करने पर सहमति दे दी है। इस यूरेनियम का इस्तेमाल पीसफुल सिविल न्युक्लीर एनर्जी के लिए किया जाएगा।  इतना ही नहीं, दोनों देशों के बीच 10 साल पुराने एग्रीमेंट को लेकर लंबा इंतजार भी अब खत्म हो गया है।

इस खास समझौते पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऑस्ट्रेलिया यात्रा के दौरान मुहर लगी। वहां उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ के साथ इस विषय पर पूरी चर्चा की।

न्यूक्लियर एनर्जी को मिलेगी नई रफ्तार 

यूरेनियम सप्लाई एग्रीमेंट से भारत के क्लीन एनर्जी मिशन को मजबूती मिलेगी। देश ने साल 2047 तक न्यूक्लियर पावर क्षमता को 100 गीगावाट (GW) तक बढ़ाने का बड़ा लक्ष्य रखा है। ऑस्ट्रेलिया से मिलने वाले यूरेनियम का इस्तेमाल भारत के सिविलियन न्यूक्लियर रिएक्टरों को चलाने में किया जाएगा। 

इससे देश में  लो कार्बन वाली बिजली का उत्पादन तेजी से बढ़ेगा। साथ ही, कोयले और पेट्रोल जैसे फॉसिल फ्यूल पर भारत की निर्भरता भी काफी कम हो जाएगी।


यूरेनियम के इस्तेमाल पर रहेगी कड़ी निगरानी

ऑस्ट्रेलिया से भारत को मिलने वाला यूरेनियम इंटरनेशनल सिक्योरिटी रेगुलेशन के तहत सप्लाई किया जाएगा। इसका इस्तेमाल केवल सिविलियन न्यूक्लियर प्रोग्राम में होगा। दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद सिविल न्यूक्लियर कोलैबोरेशन फ्रेमवर्क के तहत इस प्रक्रिया की जांच की जाएगी।

इसके लिए एक मजबूत मॉनिटरिंग सिस्टम भी तैयार किया गया है। यह सिस्टम सुनिश्चित करता है कि परमाणु तकनीक का इस्तेमाल हथियार बनाने या उसके प्रसार  (नॉन-प्रोलिफरेशन) के लिए न हो। 

रक्षा और व्यापार पर दोनों देशों में बनी सहमति

हाल ही में दोनों नेताओं के बीच कई अहम मुद्दों पर बातचीत हुई। अब दोनों देश सिर्फ ऊर्जा ही नहीं, बल्कि सेना और समुद्री सुरक्षा में भी साथ काम करेंगे। इसके साथ ही सोलर एनर्जी और जरूरी सामान की सप्लाई को बेहतर बनाया जाएगा।

दोनों देशों ने साफ कहा कि इंडो-पैसिफिक समुद्रीरूट को हर हाल में सुरक्षित रखा जाएगा। इस साझेदारी से कई क्षेत्रों में स्ट्रेटेजिक कोऑपरेशन मजबूत होगा। मीटिंग में दोनों देशों के बीच बिजनेस और इन्वेस्टमेंट को तेजी से बढ़ाने पर भी सहमति बनी।

भारत और ऑस्ट्रेलिया की दोस्ती हुई और मजबूत

भारत अब ऑस्ट्रेलिया का सबसे खास और मजबूत बिजनेस पार्टनर बन गया है। दोनों देशों के बीच बिजनेस बहुत तेजी से बढ़ रहा है। हाल ही में हुए नए समझौतों से दोनों लोकतांत्रिक देशों के रिश्ते और मजबूत हुए हैं।

अब दोनों देश मिलकर पावर एनर्जी, सेना और नई टेक्नोलॉजी पर काम करना चाहते हैं। इसके साथ ही, अब दोनों देश अपने क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए मिलकर काम करेंगे।

60- Words Summary:


पीएम मोदी और ऑस्ट्रेलियाई पीएम के बीच बैठक में ऐतिहासिक फैसला हुआ। ऑस्ट्रेलिया ने भारत को शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा के लिए यूरेनियम एक्सपोर्ट की मंजूरी दे दी है। यह समझौता भारत के क्लीन एनर्जी मिशन को नई रफ्तार देगा। साथ ही, न्यूक्लियर पावर क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी। दोनों देशों ने रक्षा, व्यापार और इंडो-पैसिफिक सुरक्षा में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई। इन समझौतों से भारत-ऑस्ट्रेलिया की रणनीतिक साझेदारी को नई पहचान मिलेगी।


Bhawna Mishra
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She is a seasoned writer with a passion for Storytelling and a keen interest in diverse topics. With 2.5 years of experience, she excels in writing about Tech, Sports, Entertainment, and various Niche topics. Bhawna holds a Postgraduate Degree in Journalism and Mass Communication from St Wilfred’s College of Jaipur.

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