IT दिग्गज एक्सेंचर (Accenture) ने एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी अपने सभी 7.43 लाख कर्मचारियों के लिए Microsoft 365 Copilot लागू कर रही है। यह संख्या डेनवर जैसे बड़े शहर की आबादी के बराबर है। कोपायलट का इस्तेमाल अब तक इतने बड़े स्तर पर कहीं नहीं हुआ है। यह दुनिया का सबसे बड़ा कोपायलट डिप्लॉयमेंट माना जा रहा है।
कंपनी अब अपने हर छोटे-बड़े काम में AI का इस्तेमाल करेगी। यह फैसला दिखाता है कि भविष्य में काम करने का तरीका पूरी तरह बदलने वाला है।

AI का सबसे बड़ा रोलआउट
एक्सेंचर ने एआई को धीरे-धीरे पूरे सिस्टम में लागू किया है। इस बदलाव की शुरुआत छोटे पायलट प्रोजेक्ट्स से हुई थी। इसमें महज कुछ सौ कर्मचारी जुड़े थे। जल्द ही यह संख्या बढ़कर 20,000 यूजर्स तक पहुंच गई। अब इसे कंपनी के लाखों कर्मचारियों के लिए रोल आउट किया जा रहा है। AI अब ऑफिस के रोजमर्रा के कामकाज का जरूरी हिस्सा बन गया है। इस तरीके से कंपनी को ट्रेनिंग और मैनेजमेंट बेहतर करने का समय भी मिला।
]कैसे काम करता है स्मार्ट कोपायलट?
‘Microsoft 365 Copilot’ एक डिजिटल असिस्टेंट की तरह काम करता है। यह Word, Excel, Outlook और Teams जैसे टूल्स में जुड़ा होता है। जो कर्मचारियों की कई कामों में मदद करता है। यह ईमेल और रिपोर्ट के ड्राफ़्ट मिनटों में तैयार कर देता है। इतना ही नहीं, डेटा एनालाइज करता है और जरूरी इनफार्मेशन निकालता है। मीटिंग्स को भी सम्मराइज करता है। यह रोज़ के बोरियत भरे कामों को ऑटोमेट करता है। Accenture के CIO ने इसे ‘पर्सनल डिजिटल असिस्टेंट’ बताया है।
प्रोडक्टिविटी में जबरदस्त उछाल
AI को अपनाने के शुरुआती नतीजे काफी अहम रहे हैं। करीब 97% कर्मचारियों का कहना है कि अब उनके रोज़ के काम पहले से कहीं ज़्यादा तेज़ी से पूरे हो रहे हैं। कुछ मामलों में तो काम करने की स्पीड 15 गुना तक बढ़ गई है। आधे से ज़्यादा कर्मचारियों ने माना कि उनकी परफ़ॉरमेंस में बड़ा सुधार आया है। ये आंकड़े दिखाते हैं कि कंपनियां AI टूल्स को तेजी से क्यों अपना रही हैं। हालांकि AI के असर पर बहस जारी है।
Microsoft के लिए यह डील क्यों है गेमचेंजर?
यह डील माइक्रोसॉफ्ट के लिए किसी मील के पत्थर से कम नहीं है। यह अब तक की सबसे बड़ी ‘Copilot’ डील मानी जा रही है। इससे माइक्रोसॉफ्ट को बड़ी संख्या में ‘पेड कस्टमर्स’ मिले हैं। जो AI की रेस में उसे सबसे आगे रखते हैं। हालांकि फिलहाल, दुनिया भर में कोपायलट को अपनाने की रफ्तार थोड़ी धीमी थी। ऐसे में इस तरह की डील्स कंपनी की ग्रोथ के लिए काफी जरूरी हैं।
Copilot के साथ बदलता वर्क कल्चर
एक्सेंचर अब खुद को पूरी तरह बदल रहा है। कंपनी में अब AI के इस्तेमाल पर प्रमोशन मिल रहे हैं। अब छोटी टीमें भी पहले से ज्यादा काम कर पा रही हैं। कर्मचारियों का काफी समय बच रहा है। वे अब ज्यादा जरूरी कामों पर फोकस कर पा रहे हैं। यह बदलाव दिखाता है कि AI अब सिर्फ एक टूल नहीं रहा। यह काम करने के तरीके का अहम हिस्सा बनता जा रहा है।
सिर्फ टेक्नोलॉजी नहीं, लोगों पर फोकस
एक्सेंचर का मानना है कि AI सिर्फ एक सॉफ्टवेयर नहीं है। इसका असली मकसद लोगों की मदद करना है। कंपनी ने अपने कर्मचारियों की ट्रेनिंग पर जोर दिया है। AI का इस्तेमाल कैसे करना है, इसके लिए खास नियम बनाए गए हैं। टीम को इस बदलाव के लिए ट्रैन किया जा रहा है। कुल मिलाकर, जब लोग और मशीन मिलकर काम करेंगे। तभी AI का असली फायदा मिलेगा।
60- Words Summary:
एक्सेंचर ने अपने 7.43 लाख कर्मचारियों के लिए ‘Microsoft 365 Copilot’ लागू करने का बड़ा फैसला लिया है। यह अब तक का सबसे बड़ा AI डिप्लॉयमेंट है। कंपनी धीरे-धीरे AI को काम का हिस्सा बना रही है। इससे काम करने की स्पीड बढ़ी है। प्रोडक्टिविटी में भी 15 गुना तक वृद्धि दर्ज की गई है। Copilot ईमेल, डेटा और मीटिंग्स संभालने में मदद करता है। यह डील Microsoft के लिए भी अहम है। कंपनी तकनीक के साथ-साथ कर्मचारियों की ट्रेनिंग पर भी पूरा ध्यान दे रही है।
