Vijay की योजनाओं पर हर साल ₹1 लाख करोड़ खर्च? Tamil Nadu की अर्थव्यवस्था पर बड़ा सवाल


Bhawna Mishra

Bhawna Mishra

May 08, 2026


तमिलनाडु की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत हो सकती है। अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) ने कल्याणकारी योजनाओं का बड़ा दांव खेला है। अगर चुनाव पूर्व किए गए ये वादे लागू होते हैं। तो राज्य का बजट पूरी तरह बदल जाएगा। बताया जा रहा है कि, तमिलनाडु का वेलफेयर एक्सपेंडिचर 52% से भी ज्यादा बढ़ सकता है। इससे सालाना खर्च का बिल ₹1 लाख करोड़ के करीब पहुंच जाएगा। 

विजय ने क्या-क्या वादे किए?

TVK के घोषणापत्र में महिलाओं, युवाओं, किसानों और छात्रों के लिए कई बड़े वादे किए गए हैं। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर भी खास फोकस रखा गया है। इनमें कुछ बड़े वादे शामिल हैं- 

• पार्टी ने परिवार की मुखिया महिलाओं को हर महीने ₹2,500 देने का वादा किया है। 

• हर परिवार को साल में छह मुफ्त LPG सिलेंडर देने की बात भी कही गई है।

• बेरोजगार ग्रेजुएट युवाओं को हर महीने ₹4,000 की मदद देने का वादा किया गया है। 

• शादी सहायता के तहत 8 ग्राम सोना और रेशमी साड़ी देने की घोषणा भी शामिल है।

• महिला स्वयं सहायता समूहों को ₹5 लाख तक ब्याज-मुक्त कर्ज देने की बात कही गई है। 

• साथ ही ₹25 लाख तक का पारिवारिक स्वास्थ्य बीमा देने का वादा भी किया गया है।

• स्कूल जाने वाले बच्चों को हर साल ₹15,000 की शिक्षा सहायता मिल सकती है। 

• किसानों के कर्ज माफ करने और फसलों पर ज्यादा MSP देने का वादा भी घोषणापत्र का हिस्सा है।

• इन योजनाओं से तमिलनाडु की मौजूदा वेलफेयर स्कीम्स का दायरा काफी बढ़ सकता है।

₹1 लाख करोड़ के पार जा सकता है बजट

रिपोर्ट्स के मुताबिक, तमिलनाडु फिलहाल हर साल करीब ₹65,000 करोड़ वेलफेयर स्कीम और सब्सिडी पर खर्च करता है। अगर TVK अपने बड़े चुनावी वादे लागू करती है। तो यह खर्च बढ़कर करीब ₹1 लाख करोड़ तक पहुंच सकता है। यह रकम राज्य की कुल कमाई का लगभग एक-तिहाई हिस्सा होगी।

एक्सपर्ट्स का कहना है कि इतना बड़ा बजट राज्य के अन्य विकास कार्यों को रोक सकता है। इससे नए पुल, सड़क और इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने के लिए फंड की कमी हो सकती है। 

वेलफेयर योजनाओं से बढ़ेगी वित्तीय चुनौती?

भले ही यह योजनाएं लोगों के हित में है। हालांकि इससे तमिलनाडु की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है। राज्य पहले से ही देश के सबसे कर्जदार राज्यों में से एक है। रिपोर्ट्स के अनुसार, राज्य का कुल कर्ज 2027 तक ₹10.71 लाख करोड़ तक पहुंच सकता है। वही एक्सपर्ट्स का कहना है कि बिना नई कमाई के इन योजनाओं को लागू करना जोखिम भरा होगा।  इससे राज्य का राजकोषीय घाटा 3% के लक्ष्य को पार कर 4% तक जा सकता है। 

पार्टी के घोषणापत्र में राजस्व बढ़ाने और भ्रष्टाचार कम करने पर जोर दिया गया है। विजय ने राज्य में ‘AI मंत्रालय’ और ‘AI सिटी’ बनाने का महत्वाकांक्षी प्रस्ताव रखा है। हालांकि, इन बड़ी योजनाओं के लिए फंडिंग कैसे जुटाई जाएगी। इसे लेकर अभी साफ जानकारी नहीं दी गई है।

वेलफेयर मॉडल पर छिड़ी नई बहस

तमिलनाडु लंबे समय से अपनी वेलफेयर राजनीति के लिए जाना जाता है। यहां की पार्टियां हमेशा से मुफ्त योजनाओं और सब्सिडी के लिए जानी जाती रही हैं। लेकिन विजय की पार्टी TVK का घोषणापत्र इस मुकाबले को और भी कड़ा बना रहा है। समर्थकों का मानना है कि इन योजनाओं से महिलाओं और युवाओं की स्थिति सुधरेगी। वहीं, आलोचक इसे लेकर थोड़े चिंतित हैं। उनका कहना है कि सब्सिडी पर भारी खर्च से उद्योगों और विकास कार्यों के लिए फंड कम हो सकता है। 

60-Words Summary:

तमिलनाडु में विजय की पार्टी (TVK) के चुनावी वादों ने नई बहस छेड़ दी है। महिलाओं को हर महीने ₹2,500, युवाओं को बेरोजगारी भत्ता और मुफ्त LPG सिलेंडर देने की बात कही गई है। किसानों के कर्ज माफ करने और छात्रों को शिक्षा सहायता का भी वादा किया गया है। इन योजनाओं से तमिलनाडु का वेलफेयर खर्च ₹1 लाख करोड़ तक पहुंच सकता है। समर्थक इसे जनता के लिए राहत मान रहे हैं। वहीं एक्सपर्ट्स को बढ़ते कर्ज और बजट दबाव की चिंता सता रही है।


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She is a seasoned writer with a passion for Storytelling and a keen interest in diverse topics. With 2.5 years of experience, she excels in writing about Tech, Sports, Entertainment, and various Niche topics. Bhawna holds a Postgraduate Degree in Journalism and Mass Communication from St Wilfred’s College of Jaipur.

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