Swiggy, Zomato और Uber को बड़ा आदेश! 21 जून तक करना होगा Gig Workers का रजिस्ट्रेशन


Bhawna Mishra

Bhawna Mishra

Jun 16, 2026




भारत की गिग इकॉनमी को अब एक नई और औपचारिक पहचान मिलने जा रही है। सरकार ने स्विगी, ज़ोमैटो और उबर जैसी बड़ी डिजिटल कंपनियों निर्देश  जारी किया है। 

डिलीवरी पार्टनर्स और ड्राइवर्स होंगे प्रभावित

सरकार के इस फैसले का सीधा असर डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े लाखों गिग वर्कर्स पर पड़ेगा। इसमें फूड डिलीवरी पार्टनर्स, कैब ड्राइवर्स और कूरियर-लॉजिस्टिक्स से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं। इसके अलावा ऐप के जरिए कमाई करने वाले अन्य सभी वर्कर्स को भी इसका फायदा मिलेगा।

रजिस्ट्रेशन के पीछे क्या है सरकार की योजना?

 दरअसल सरकार का मुख्य मकसद गिग वर्कर्स के लिए वेलफेयर स्कीम्स को लागू करना है। इसके लिए वह बड़ा और व्यापक डेटाबेस तैयार कर रहे हैं। इस डेटाबेस से सरकार को एलिजिबल वर्कर्स की पहचान करने में मदद मिलेगी। जिसकी मदद से भविष्य में सामाजिक सुरक्षा का लाभ सीधे ज़रूरतमंदों तक पहुंच सकेगा। आसान शब्दों में कहें तो, सही लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए ही सरकार यह रजिस्ट्रेशन करवा रही है।

डिजिटल वर्कफोर्स को मिलेगी नई पहचान

आमतौर पर गिग वर्कर्स को कई सरकारी सुरक्षा नहीं मिलती थी। जो परमानेंट जॉब करने वालों को मिलती है। इनमें इंश्योरेंस, पेंशन जैसे अन्य वेलफेयर प्लान्स  शामिल हैं। पॉलिसी मेकर्स का मानना है कि इन तक सही लाभ पहुंचाने के लिए एक मजबूत डेटाबेस होना बेहद ज़रूरी है। 

सरकार की यह नई पहल भारत के बढ़ते डिजिटल वर्कफ़ोर्स को नयी पहचान दिलाने में मदद मिलेगी। साथ ही उनके लिए बेहतर सुविधाएं भी सुनिश्चित होगी।

इन सेक्टर्स के वर्कर्स होंगे प्रभावित?

बता दें की यह निर्देश ऐप बेस्ड प्लेटफार्म पर लागू होगा। इसमें फूड डिलीवरी, करने वाले वर्कर्स शामिल हैं। इसके साथ ही कैब ड्राइवर्स और लॉजिस्टिक्स एम्प्लॉई पर भी असर पड़ेगा। 

Swiggy, Zomato और Uber जैसी कंपनियां गिग इकॉनमी की प्रमुख कंपनियों में शामिल हैं। इन सभी प्लेटफॉर्म्स से लाखों लोगों को रोजगार मिलता है।

उम्मीद है कि इस रजिस्ट्रेशन से अधिकारियों को दो बड़े फायदे होंगे। पहला, उन्हें गिग वर्कर्स की सही संख्या पता चलेगी। दूसरा, वे उनके काम करने के तरीके को बेहतर समझ पाएंगे।

गिग वर्कर्स की संख्या में तेज बढ़ोतरी

गिग इकॉनमी का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। इसके पीछे स्मार्टफोन, डिजिटल पेमेंट और ऐप आधारित सेवाओं का बड़ा योगदान है। आज लाखों लोग इन प्लेटफॉर्म्स के जरिए कमाई कर रहे हैं। 

इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले वर्षों में गिग वर्कर्स की संख्या और बढ़ सकती है। डिजिटल प्लेटफॉर्म अब नए शहरों तक पहुँच रहे हैं। इससे नए लोगों को कमाई के मौके मिलेंगे।

रोजगार के साथ कई चुनौतियां भी शामिल

गिग इकॉनमी ने लाखों लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा किए हैं। हालांकि, इस सेक्टर से जुड़ी कई चुनौतियां भी हैं। जॉब सिक्योरिटी, आय में स्थिरता और सामाजिक सुरक्षा जैसे मुद्दे अब भी चिंता का विषय बने हुए हैं। इसी वजह से अब इन वर्कर्स को ज्यादा सुविधाएं देने की मांग उठ रही है।

रजिस्ट्रेशन से क्या होंगे फायदे?

यह पहल सामाजिक सुरक्षा योजनाएं पहुंचाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। इससे भविष्य में वर्कर्स को कई लाभ मिलेंगे। उन्हें बीमा और इलाज में मदद मिल सकती है। साथ ही पेंशन और अन्य सुविधाएं भी दी जाएंगी। 

एक्सपर्ट्स का मानना है कि एक वेरिफाइड वर्कर डेटाबेस बनने से इन योजनाओं को लागू करना आसान हो जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी। साथ ही, काम करने की रफ्तार भी बढ़ेगी।

21 जून से पहले रजिस्ट्रेशन अभियान में तेजी

21 जून की डेडलाइन नजदीक है। ऐसे में प्लेटफॉर्म कंपनियां रजिस्ट्रेशन अभियान तेज़ कर सकती हैं। फोकस ज्यादा से ज्यादा योग्य वर्करों को जोड़ने पर रहेगा। लाखों डिलीवरी पार्टनर, ड्राइवर और प्लेटफॉर्म वर्करों के लिए यह पहल अहम मानी जा रही है। इससे उन्हें लेबर सिस्टम में बेहतर पहचान मिल सकती है।

इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का कहना है कि भारत की डिजिटल इकॉनमी तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में यह रजिस्ट्रेशन ड्राइव गिग वर्करों के लिए ज्यादा सुरक्षित और व्यवस्थित भविष्य की नींव बन सकती है।

60-Words Summary:

भारत की गिग इकॉनमी को अब औपचारिक पहचान मिलने जा रही है। सरकार ने Swiggy, Zomato और Uber जैसी बड़ी कंपनियों को निर्देश दिया है। सभी प्लेटफॉर्म्स को 21 जून तक अपने गिग वर्कर्स का रजिस्ट्रेशन पूरा करना होगा। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय डेटाबेस तैयार करना है। इससे डिलीवरी पार्टनर्स और ड्राइवर्स समेत लाखों वर्कर्स को फायदा मिलेगा। यह कदम गिग वर्कर्स को बेहतर पहचान और सुरक्षित भविष्य की ओर ले जाता है।


Bhawna Mishra
Bhawna Mishra
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She is a seasoned writer with a passion for Storytelling and a keen interest in diverse topics. With 2.5 years of experience, she excels in writing about Tech, Sports, Entertainment, and various Niche topics. Bhawna holds a Postgraduate Degree in Journalism and Mass Communication from St Wilfred’s College of Jaipur.

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