अब ₹10,000 से ऊपर ट्रांजैक्शन करेंगे तो रुक जाएगा पेमेंट? जानें RBI का नया प्रस्ताव


Bhawna Mishra

Bhawna Mishra

Apr 13, 2026


भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने डिजिटल ट्रांजेक्शन को लेकर नया प्रस्ताव रखा है। इसके तहत, ₹10,000 से अधिक के कुछ ट्रांजैक्शन पर एक घंटे की देरी हो सकती है। इसे ‘कूलिंग-ऑफ पीरियड’ कहा गया है। दरअसल ऑनलाइन फ्रॉड के बढ़ते मामलों को देखते हुए RBI ने यह फैसला लिया है। देशभर में ऐसे मामलों में तेजी से बढ़ोतरी देखी गई है। इससे सस्पीशियस ट्रांजेक्शन को समय रहते रोकने में मदद मिलेगी।

ऑनलाइन ठगी रोकने की नई पहल

यह प्रस्ताव बढ़ते ऑनलाइन फ्रॉड को देखते हुए उठाया गया है। आज फेक कॉल और फिशिंग के जरिए लोगों को ठगा जा रहा है। पिछले कुछ सालों में डिजिटल फ्रॉड के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। रिकॉर्ड्स के मुताबिक बड़े लेन-देन में धोखाधड़ी का जोखिम सबसे ज्यादा होता है। 

चूंकि UPI से पैसा तुरंत ट्रांसफर हो जाता है। इसलिए एक बार पैसा चला जाए, तो उसे वापस पाना मुश्किल होता है। इसी वजह से देरी का सुझाव दिया गया है। यह ‘कूलिंग-ऑफ’ समय एक लेयर की तरह काम करेगा। 

कैसे काम करेगा RBI का नया नियम?

अगर यह नियम लागू होता है, तो लेन-देन को और अधिक सुरक्षित बनाया जा सकेगा। इसके तहत, ₹10,000 से ऊपर का पेमेंट करने पर राशि तुरंत नहीं पहुंचेगी। यह अमाउंट आपके अकाउंट से डिडक्ट तो होगा। हालांकि उसे एक घंटे तक होल्ड पर रखा जाएगा। 

इस दौरान यूज़र के पास ऑप्शन होगा। वे चाहें तो ट्रांजेक्शन कैंसिल कर सकते हैं। हर ट्रांजेक्शन पर बैंक की कड़ी नजर रहेगी। गड़बड़ी दिखने पर आपको अलर्ट भेजा जाएगा। यह ‘कूलिंग-ऑफ’ पीरियड ग्राहकों को ठगी से बचने का एक आखिरी मौका देगा।

किन पेमेंट पर नहीं पड़ेगा असर?

आम लोगों की सहूलियत के लिए RBI ने कुछ लेन-देन को इस नियम से बाहर रखा है। मर्चेंट पेमेंट या बिल पेमेंट जैसे कामों में कोई देरी नहीं होगी। साथ ही बार-बार होने वाले रेगुलर पेमेंट भी प्रभावित नहीं होंगे। इसके अलावा, ट्रस्टेड या व्हाइटलिस्टेड लोगों को पैसे भेजने पर कोई देरी नहीं होगी। इससे सिस्टम संतुलित रहेगा। आपके डेली पेमेंट पहले की तरह फटाफट होंगे।

फ्रॉड रोकने को नए सेफ्टी उपाय

RBI ने सुरक्षा बढ़ाने के लिए कुछ आसान कदम सुझाए हैं। अब डिजिटल पेमेंट रोकने के लिए ‘किल स्विच’ का फीचर दिया जाएगा। इस फीचर से जरूरत पड़ने पर सभी डिजिटल पेमेंट तुरंत रोका जा सकेगा। सीनियर सिटीजन और कम पढ़े-लिखे यूज़र्स को ज्यादा सुरक्षा दी जाएगी। 50,000 से बड़े पेमेंट के लिए किसी भरोसेमंद व्यक्ति की सहमति ली जा सकेगी। इसके अलावा, ज़रूरत पड़ने पर संदिग्ध अकाउंट्स को ब्लॉक किया जाएगा।

ऑनलाइन फ्रॉड रोकने को RBI का प्लान

भारत में डिजिटल पेमेंट बहुत ही तेजी से होते हैं। हालांकि इन पेमेंट्स में जल्दी ही बदलाव देखने को मिल सकते हैं। RBI का मानना है कि पेमेंट्स में थोड़ी देरी से फ्रॉड से बचा जा सकता है। इसलिए कुछ पेमेंट में थोड़ी देरी की जाएगी। जिससे भविष्य में होने वाली धोखाधड़ी को रोका जा सके। अब बैंकिंग का मुख्य फोकस स्पीड के साथ-साथ ग्राहकों की सुरक्षा पर भी है। 

फिलहाल यह एक प्रस्ताव है। इस इनिशिएटिव पर 8 मई 2026 तक जनता से सुझाव मांगे गए हैं। सभी सुझावों की समीक्षा के बाद ही इस पर कोई अंतिम फैसला लिया जाएगा। फिलहाल यह नियम लागू नहीं हुआ है। लेकिन आगे चलकर इसे लागू किया जा सकता है।

60-Word Summary:

रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने डिजिटल ट्रांजेक्शन को सुरक्षित बनाने के लिए नया प्रस्ताव दिया है। ₹10,000 से ऊपर के कुछ पेमेंट पर 1 घंटे की देरी हो सकती है। इसे ‘कूलिंग-ऑफ पीरियड’ कहा जाएगा। इससे फ्रॉड रोकने में मदद मिलेगी। जरूरी पेमेंट पर इसका असर नहीं होगा। फिलहाल यह प्रस्ताव है। इस पर लोगों से सुझाव मांगे गए हैं। अंतिम फैसला 8 मई 2026 के बाद लिया जाएगा। 


Bhawna Mishra
Bhawna Mishra
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She is a seasoned writer with a passion for Storytelling and a keen interest in diverse topics. With 2.5 years of experience, she excels in writing about Tech, Sports, Entertainment, and various Niche topics. Bhawna holds a Postgraduate Degree in Journalism and Mass Communication from St Wilfred’s College of Jaipur.

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