महाराष्ट्र में ऐप बेस्ड कैब ड्राइवर अपनी मांगों को लेकर अब भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। उन्होंने 20 अप्रैल से मुंबई के आज़ाद मैदान में अपना विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। यह कदम राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म के खिलाफ उठाया गया है। वहीं, जल्द ही पुणे और नागपुर में भी ऐसे ही प्रदर्शन की तैयारी है। इतना ही नहीं, ड्राइवर यूनियन ने चेतावनी दी है कि डिमांड पूरी न होने पर आंदोलन लंबा चलेगा।

ड्राइवरों की बढ़ती मांग और नाराज़गी
ड्राइवर यूनियनों ने अपनी प्रमुख मांगों को स्पष्ट किया है। उनका कहना है कि कई पॉलिसी उनकी इनकम और कामकाज को प्रभावित कर रही हैं। ऐसे में वे सरकार से फिक्स्ड फेयर स्ट्रक्चर लागू करने की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा, उन्होंने गैरकानूनी बाइक टैक्सी सेवाओं पर सख्त कार्रवाई की बात भी रखी है। ड्राइवरों का कहना है कि किराया तय करने का मौजूदा तरीका गलत है। उनका आरोप है कि इस सिस्टम की वजह से उनकी कमाई कम हो रही है।
क्यों गुस्से में हैं कैब ड्राइवर?
ड्राइवरों के विरोध की सबसे बड़ी वजह आर्थिक दबाव है। ऐप कंपनियों के कम किराए के कारण उनकी आमदनी बहुत गिर गई है। वहीं, फ्यूल और गाड़ी के मेंटेनेंस का खर्चा लगातार बढ़ रहा है। बिना लाइसेंस वाली बाइक-टैक्सियां भी चुनौती बन रही हैं। यूनियन का कहना है कि प्रशासन से लगातार शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी वजह से उन्हें अब मजबूरन अपनी हड़ताल तेज करनी पड़ी है।
कैब सेवाओं पर पड़ सकता है असर?
यह आंदोलन सिर्फ मुंबई तक सीमित नहीं रहने वाला है। यह राज्य के कई शहरों में फैलने की तैयारी है। कई शहरों में विरोध की योजना है। ऐसे में आंदोलन तेज हुआ तो कैब सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। किराया भी बढ़ सकता है।
पिछली हड़तालों में भी यह देखा गया है कि कैसे शहर का ट्रैफिक और आवाजाही पूरी तरह ठप हो जाती है।
गिग इकॉनमी में बढ़ता तनाव
गिग इकॉनमी में तनाव बढ़ता दिख रहा है। यह विरोध भारत की गिग इकॉनमी की एक बड़ी समस्या को उजागर करता है। ड्राइवर पूरी तरह प्लेटफॉर्म पर निर्भर हैं। कंपनियां ड्राइवरों के फायदे के बजाय अपने प्रॉफिटेबल एल्गोरिदम पर ज्यादा फोकस करती हैं। कई नियम अभी शुरुआती दौर में हैं। हालांकि फिलहाल, अभी इस क्षेत्र के लिए कोई सख्त नियम भी नहीं बने हैं।
यह स्थिति बताती है कि अब ऐसी पॉलिसी की सख्त जरूरत है। जो ड्राइवरों और प्लेटफॉर्म दोनों के लिए फायदेमंद साबित हो।
60-Word Summary:
महाराष्ट्र में ऐप-बेस्ड कैब ड्राइवर अपनी डिमांड को लेकर भूख हड़ताल पर हैं। उन्होंने 20 अप्रैल से मुंबई के आज़ाद मैदान में विरोध शुरू किया है। जल्द ही पुणे और नागपुर में भी प्रदर्शन की तैयारी है। ड्राइवर फिक्स्ड फेयर स्ट्रक्चर और बाइक टैक्सी पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। कम किराए और बढ़ते खर्च से वे नाराज़ हैं। इससे कैब सर्विस प्रभावित होंगी। यह मामला गिग इकॉनमी में बढ़ते तनाव को भी दिखाता है।
