अब सिर्फ इंस्टाग्राम पर नजर आने वाली ग्रीन ड्रिंक नहीं रह गया है। भारत में इसकी पॉपुलैरिटी तेजी से बढ़ रही है। कैफे से लेकर घरों तक, लोग इसे अपनी रोजमर्रा की ड्रिंक का हिस्सा बना रहे हैं।
अगस्त 2026 के अंत तक के Google Trends डेटा में भी इसका असर दिखता है। भारत में माचा से जुड़ी सर्च तेजी से बढ़ी है। लोग इसे बनाने का तरीका, इसके फायदे और कॉफी के मुकाबले इसके असर को लेकर कई सारी डिटेल्स सर्च कर रहे हैं।

Matcha का क्रेज अब घरों तक पहुंचा
माचा को लेकर लोगों की दिलचस्पी सिर्फ इसे पीने तक सीमित नहीं है। अब लोग इसे घर पर बनाने का तरीका भी तेजी से सर्च कर रहे हैं। पिछले एक साल में “माचा कैसे बनाएं” की सर्च में 1,300% की बढ़ोतरी हुई है।
वहीं, ‘माचा’ और ‘माचा क्या है’ जैसे सर्च टर्म्स में 50% का इजाफा हुआ। अगस्त में लोगों ने “माचा का स्वाद कैसा होता है” को लेकर भी काफी सर्च किया।
माचा का ट्रेंड बढ़ने के साथ इसके इंग्रेडिएंट्स की मांग भी बढ़ी है। ‘माचा किट’ की सर्च दोगुनी हो गई। अगस्त में ‘माचा व्हिस्क’ (matcha whisk) और ‘माचा बाउल’ (matcha bowl) की सर्च में भी तेजी से उछाल देखने को मिला।
Matcha के हेल्थ बेनिफिट्स को लेकर बढ़ी जिज्ञासा
इन आंकड़ों से पता चलता है कि माचा अब सिर्फ सोशल मीडिया का ट्रेंड नहीं रह गया है। लोग इसके सेवन, कैफीन और सेहत से जुड़े सवालों के जवाब भी खोज रहे हैं। पिछले साल ‘माचा हेल्थ’ की सर्च में 1,000% की बढ़ोतरी हुई। वहीं, ‘माचा प्रोटीन’ जैसे कीवर्ड्स का जबरदस्त क्रेज देखने को मिला।
इतना ही नहीं, लोग यह भी जानना चाहते हैं कि माचा में कैफीन कितना होता है। “क्या माचा में कैफीन होता है” की सर्च 70% बढ़ी। वहीं, “माचा vs कॉफी” को लेकर भी लोगों की दिलचस्पी तेजी से बढ़ी।
मैंगो और स्ट्रॉबेरी माचा का बढ़ा क्रेज
माचा अब इंडियन टेस्ट के हिसाब से भी नया रूप ले रहा है। लोग इसमें अलग-अलग फ्लेवर जोड़कर नए कॉम्बिनेशन आजमा रहे हैं। पिछले साल ‘मैंगो माचा’ की सर्च में 200% की बढ़ोतरी हुई। वहीं, ‘स्ट्रॉबेरी माचा’ को 400% ज्यादा सर्च किया गया। मानसून के दौरान डर्टी माचा और कोकोनट माचा जैसे कॉम्बिनेशन भी ट्रेंड में रहे।
कुल मिलाकर, माचा को सिर्फ अपने ट्रेडिशनल रूप में नहीं पिया जा रहा है। लोग इसे अपनी पसंद के फ्लेवर के साथ कस्टमाइज़ कर रहे हैं।
800 साल पुराने माचा का मॉडर्न रूप
माचा का इतिहास करीब 800 साल पुराना है। इसकी जड़ें जापान के ट्रेडिशनल टी कल्चर से जुड़ी हैं। इसे खास तरह से ग्रो की गई हरी चाय की पत्तियों को बारीक पीसकर तैयार किया जाता था। समय के साथ यह जापानी चाय समारोहों का अहम हिस्सा बन गया।
आज माझा अंदाज बदल गया है। अब इसका इस्तेमाल माचा लट्टे, स्मूदी, डेज़र्ट और फ्रूट ड्रिंक में भी हो रहा है। इस नए रूप ने माचा को यूथ और कैफे जाने वालों के बीच ज्यादा लोकप्रिय बना दिया है।
माचा के साथ Ube और Hōjicha भी हिट
माचा के साथ अब दूसरे फ्लेवर्स भी लोगों का ध्यान खींच रहे हैं। फिलीपींस की स्वीट बैंगनी शकरकंद Ube की सर्च अगस्त में अपने अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई। ‘Ube Matcha’ को लेकर भी लोगों को इंटरेस्ट बढ़ा है।
जापानी Hōjicha भी ट्रेंड में है। यह भुनी हुई ग्रीन टी है। इसका स्वाद हल्का स्मोकी होता है। इसमें आमतौर पर माचा के मुकाबले कम कैफीन होता है। Hōjicha की सर्च मार्च 2026 में सबसे ज्यादा रही। अगस्त में भी इसे लेकर सर्च में भी बढ़ोतरी देखने को मिली।
कैफे ट्रेंड से घरों तक पहुंचा माचा
माचा बनाने के तरीकों और इससे जुड़े बर्तनों की बढ़ती सर्च एक बड़ा बदलाव दिखाती है। इसकी लोकप्रियता अब कैफे से आगे बढ़ रही है। लोग इसे घर पर आजमाने में भी दिलचस्पी दिखा रहे हैं।
लोग सिर्फ माचा खरीदने को लेकर ही सर्च नहीं करते। वे इसकी रेसिपी भी जानना चाहते हैं। साथ ही, माचा और कॉफी को लेकर भी क्यूरियोसिटी बढ़ रही है।
यह ट्रेंड बताता है कि माचा भारत में धीरे-धीरे अपनी जगह बना रहा है। यह कैफे और वेलनेस कल्चर का हिस्सा बनता जा रहा है।
60-Words Summary:
भारत में Matcha की पॉपुलैरिटी तेजी से बढ़ रही है। पिछले एक साल में “माचा कैसे बनाएं” की सर्च 1,300% बढ़ी है। “माचा हेल्थ” की सर्च में 1,000% का उछाल आया। “क्या माचा में कैफीन होता है” की सर्च 70% बढ़ी। माचा किट की सर्च दोगुनी हुई। मैंगो माचा की सर्च 200% और स्ट्रॉबेरी माचा की सर्च 400% बढ़ी। Ube Matcha और Hōjicha भी लोगों को अट्रैक्ट कर रहे हैं।
