जॉब स्विच करने वाले कर्मचारियों के लिए प्रोविडेंट फंड (PF) से जुड़ी एक राहत भरी खबर है। अब कर्मचारी पोर्टल के जरिए दो ऑनलाइन तरीकों से अपना PF ट्रांसफर कर सकते हैं। इस नई सुविधा से कागजी प्रक्रिया कम होगी। इतना ही नहीं, फंड ट्रांसफर का काम भी तेजी से पूरा हो सकेगा। दरअसल, EPFO अपनी डिजिटल सेवाओं को लगातार बेहतर बना रहा है। इस पहल से कर्मचारियों के लिए PF को मैनेज करना और आसान हो जाएगा।
PF ट्रांसफर के लिए दो आसान ऑनलाइन तरीके
नई नौकरी ज्वाइन करने वालों कर्मचारियों के लिए PF ट्रांसफर अब पहले जितना मुश्किल नहीं होगा। EPFO मेंबर पोर्टल पर इसके लिए दो ऑनलाइन तरीके दिए गए हैं। कर्मचारी अपनी एलिजिबिलिटी के हिसाब से इनमें से कोई भी ऑप्शन चुन सकते हैं। पहला तरीका ऑटोमैटिक ट्रांसफर का है।
वहीं, दूसरे तरीके में फॉर्म 13 भरकर ऑनलाइन रिक्वेस्ट भेजी जा सकती है। इस नए सिस्टम से ट्रांसफर प्रोसेस काफी तेज और आसान हो जाएगा।

UAN सही है तो PF ट्रांसफर होगा फटाफट
जिन एम्प्लॉयीज का आधार से लिंक UAN सही तरीके से अपडेट और वेरिफाई है। उनका PF बैलेंस नई कंपनी में अपने-आप ट्रांसफर हो जाएगा। इस सिस्टम से न तो मैन्युअल एप्लीकेशन की ज़रूरत होगी और न ही एम्प्लॉयर के अप्रूवल का इंतज़ार करना पड़ेगा।
इस ऑटोमैटिक सिस्टम से जॉब बदलने पर PF ट्रांसफर हो जाएगा। साथ ही, रिटायरमेंट सेविंग्स भी एक जगह सुरक्षित डिपाजिट होती रहेगी।
EPFO पोर्टल से ऑनलाइन PF ट्रांसफर की सुविधा
अगर आपका PF अपने-आप ट्रांसफर नहीं हुआ है, तो आप खुद ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए EPFO मेंबर पोर्टल पर जाएं। अपने UAN नंबर और पासवर्ड से लॉग इन करें। पोर्टल पर उपलब्ध ट्रांसफर सर्विस का चयन करें। इसके बाद अपनी जॉब इनफार्मेशन को अच्छी तरह चेक करें। सभी डिटेल्स सही होने पर डिजिटल माध्यम से अपनी रिक्वेस्ट सबमिट कर दें।
इस ऑनलाइन प्रोसेस से डॉक्यूमेंटेशन खत्म हो जाता है और पोर्टल पर अपनी रिक्वेस्ट का स्टेटस भी ट्रैक कर सकते हैं।
कर्मचारियों को मिलेंगे ये फायदे
EPFO की ट्रांसफर सुविधा कर्मचारियों के लिए बेहद फायदेमंद है। अब वे पूरे करियर में एक ही PF अकाउंट चला सकेंगे। इससे रिटायरमेंट सेविंग्स को ट्रैक करना भी आसान रहेगा। साथ ही, डिपॉजिट अमाउंट पर मिलने वाले इंटरेस्ट का लाभ भी बिना रुकावट जारी रहेगा।
इससे रिटायरमेंट सेविंग्स को ट्रैक करना भी बहुत सरल हो जाएगा। इसके अलावा, आपके PF अमाउंट पर इंटरेस्ट भी मिलता रहेगा।
एक ही PF अकाउंट से मिलेंगे कई फायदे
बता दें कि सभी PF अकाउंट्स को एक साथ इंटीग्रेट करने पर कर्मचारियों को कई फायदे मिलते हैं। इससे भविष्य में पैसे निकालना और पेंशन से जुड़ा काम करना आसान हो जाता है।
साथ ही, PF अकाउंट को संभालना भी सरल रहता है। इससे पुराने अकाउंट्स के बंद होने की समस्या भी कम हो जाती है।
साथ ही, अकाउंट को मैनेज करने में भी कोई परेशानी नहीं होगी। इसका एक बड़ा फायदा यह है कि पुराने अकाउंट्स के इनएक्टिव होने की संभावना कम हो जाती है।
डिजिटल सिस्टम से आसान होगा PF मैनेजमेंट
यह नया अपडेट डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। EPFO लगातार अपने यूज़र एक्सपीरियंस को बेहतर बनाने पर ज़ोर दे रहा है। ऐसे में नए नियमों से पेपरवर्क काफी कम हो जाएगा। जहां मुमकिन होगा, वहां ऑटोमेटेड ट्रांसफर की सुविधा मिलेगी।
EPFO का उद्देश्य लाखों सैलरीड लोगों के लिए जॉब बदलने की प्रक्रिया को आसान बनाना है। साथ ही, इससे भारत के डिजिटल गवर्नेंस को भी काफी मजबूती मिलेगी।
