चेन्नई मेट्रो में सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक जरूरी खबर है। अब ट्रेन या स्टेशन परिसर के अंदर शोर मचाने पर भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है। चेन्नई मेट्रो रेल लिमिटेड (CMRL) ने इस संबंध में सख्त नियमों की घोषणा की है।
नए नियमों के तहत, बिना ईयरफोन के वीडियो-म्यूजिक चलाने और लाउडस्पीकर पर फोन इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं होगी। अगर कोई यात्री ऐसा करके दूसरों को परेशान करता है, तो उस पर 2,500 रुपये तक का जुर्माना लग सकता है।

मेट्रो में अब इन बातों का रखना होगा ध्यान
मेट्रो की नई गाइडलाइंस के अनुसार, अब ट्रेवल के समय गाने सुनने या वीडियो देखने के लिए ईयरफोन लगाना जरूरी होगा। फोन के स्पीकर पर कुछ भी बजाने पर रोक लगा दी गई है। अगर आपकी वजह से दूसरों को परेशानी होती है, तो आपको 2,500 रुपए की पेनल्टी भरनी होगी।
बार-बार नियम तोड़ने वाले यात्रियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी हो सकती है। ऐसे यात्रियों को मेट्रो परिसर से बाहर निकालने का अधिकार अधिकारियों के पास होगा।
क्यों सख्त हुए मेट्रो के नियम?
मेट्रो रेलवे ने नियमों में बदलाव करते हुए मैक्सिमम पेनल्टी की राशि 500 रुपये से बढ़ाकर सीधे 2,500 रुपए कर दी है। इसका मुख्य उद्देश्य ऐसे बर्ताव पर रोक लगाना है। जिससे को-पैसेंजर्स को परेशानी होती है। इस सख्त कदम के जरिए मेट्रो में सफर के दौरान बेहतर और सभ्य व्यवहार को बढ़ावा देना चाहता है।
नए नियमों में हर तरह के बेवजह शोर को शामिल किया गया है। इसमें तेज वॉल्यूम में फोन पर बात करना, स्पीकर पर कॉल करना और बिना ईयरफोन के म्यूजिक या वीडियो चलाना शामिल है।
मेट्रो में सभ्य व्यवहार को बढ़ावा देने की कोशिश
CMRL अब ट्रेन और स्टेशन में शोर कम करने और शांति बनाए रखने पर फोकस करेगा। यही कारण है कि शोर-शराबा रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
दरअसल, मेट्रो में रोजाना यात्रियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में अनुशासन बनाए रखना बेहद जरूरी हो गया है। हर यात्री का सफर आरामदायक हो। यही प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
इस नियमों के तहत, मेट्रो का सफर अब और बेहतर होगा। इस संबंध में, मेट्रो ऑपरेटर ने एक खास अवेयरनेस प्रोग्राम शुरू किया है। जिसका उद्देश्य यात्रियों को बेसिक एटिकेट के प्रति अवेयर करना है। सफर के दौरान दूसरों का सम्मान करना बेहद जरूरी है। इसके लिए मेट्रो प्रशासन यात्रियों को लगातार जागरूक कर रहा है।
स्मार्ट ट्रैवल के लिए जरूरी हैं ये मेट्रो एटिकेट
सुरक्षित मेट्रो सफर के लिए नियमों का पालन बहुत जरूरी है। प्रशासन ने यात्रियों से मेट्रो एटिकेट अपनाने की अपील की है। सफर में हमेशा इयरफोन का ही इस्तेमाल करें। ट्रेन के दरवाजों को ब्लॉक न करें। प्लेटफॉर्म पर बनी पीली लाइन के पीछे खड़े हों। चढ़ने से पहले उतरने वालों को रास्ता दें और एस्केलेटर पर सावधानी बरतें।
ये छोटी-छोटी आदतें सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और मेट्रो नेटवर्क में भीड़-भाड़ को कम करने में मदद करती हैं।
अधिकारियों ने यात्रियों से अनुरोध किया है। वे चाहते हैं कि चेन्नई मेट्रो पूरी तरह स्वच्छ और सुरक्षित रहे। यात्रियों का सफर भी आरामदायक होना चाहिए। मेट्रो सर्विस को बेहतर बनाए रखने के लिए यात्रियों की भागीदारी और सहयोग बेहद जरूरी है।
