EPFO के करोड़ों सब्सक्राइबर्स के लिए राहत भरी खबर है। अब खास परिस्थितियों में PF का पूरा पैसा निकालना बेहद आसान हो गया है। सरकार ने क्लेम रिजेक्ट होने की दिक्कतों को खत्म करने के लिए नियमों में ढील दी है। इस नए बदलाव से कागजी कार्रवाई काफी कम हो जाएगी। इसका उद्देश्य आर्थिक तंगी के समय कर्मचारियों को उनका पैसा जल्दी उपलब्ध कराना है।
यह कदम EPFO के सुधार अभियान का हिस्सा है। इसका उद्देश्य सदस्यों को बेहतर सुविधा देना और PF विथड्रावल को आसान बनाना है।

पहले कैसे काम करते थे ये नियम?
पुराने सिस्टम के तहत PF का पूरा पैसा निकालना काफी मुश्किल था। पहले 100% PF निकालने के लिए क्लेम का कारण बताना पड़ता था। साथ ही, उससे जुड़े डाक्यूमेंट्स भी जमा करने होते थे।
इस वजह से कई एप्लीकेशन रिजेक्ट हो जाती थीं। ऐसे में पैसों की तुरंत जरूरत होने पर भी मेंबर्स को देरी और परेशानी का सामना करना पड़ता था।
EPFO ने नियमों में दी बड़ी राहत
बता दें कि सबसे बड़ा बदलाव नियमों की ढील को लेकर हुआ है। एलिजिबल मेंबर्स को अब बिना कोई सटीक कारण बताए ‘विशेष परिस्थितियों’ की कैटेगरी में अप्लाई कर सकते हैं।
पहले इसके लिए प्राकृतिक आपदा, महामारी, लंबी बेरोजगारी या लॉकडाउन जैसे कारण बताने पड़ते थे।
हालांकि नए नियमों में EPFO ने ऐसी शर्तें हटा दी हैं। अब कारण बताना जरूरी नहीं है। इसका मकसद प्रक्रिया को आसान बनाना है। साथ ही क्लेम रिजेक्ट होने के मामलों को कम करना भी है।
किन परिस्थितियों में मिल सकता है पूरा PF?
EPFO के नियमों के तहत पूरा PF बैलेंस सिर्फ खास परिस्थितियों में ही निकाला जा सकता है। जैसे-
1. संस्थान 15 दिन से ज्यादा बंद रहने या लॉकआउट होने पर पैसा मिल सकता है। बिना सैलरी के बेरोजगार होने पर भी यह सुविधा मिलेगी।
2. अगर दो महीने तक वेतन नहीं मिलता, तो भी पैसा निकाला जा सकता है। लेकिन यह हड़ताल के कारण नहीं होना चाहिए।
3. इसके अलावा, अगर आर्गेनाइजेशन छह महीने से ज्यादा बंद रहता है। तो भी पूरा पैसा मिल सकता है।
3. अगर नौकरी से निकाला गया है या मामला कोर्ट में है। तब भी क्लेम किया जा सकता है।
4. किसी भी तरह की गंभीर बीमारी में भी पैसा निकालने की सुविधा है। इसके लिए मेंबर्स को ज़रूरी डाक्यूमेंट्स देने होंगे। हालांकि अब विस्तृत कारण बताने की ज़रूरत नहीं होगी।
क्या है सामान्य PF निकासी का नियम?
नए नियमों का मतलब यह नहीं है कि कोई भी सदस्य कभी भी पूरा PF निकाल सकता है। Employees’ Provident Fund Organisation ने स्पष्ट किया है कि सामान्य निकासी के लिए नियम पहले जैसे ही रहेंगे। इसके तहत अब भी केवल 75% रकम ही मिलेगी।
इसके साथ ही कई विथड्रावल केटेगरी को मिलाकर अब उन्हें आसान बनाया गया है। इससे अब आम लोगों के लिए सिस्टम को समझना बहुत सरल हो गया है।
क्यों जरूरी है यह बदलाव?
EPFO के इस बड़े कदम से लाखों सदस्यों को फायदा मिलने की उम्मीद है। खासकर उन लोगों को जो मुश्किल समय में अपने PF पर निर्भर रहते हैं। अब हर विशेष स्थिति में कारण बताने की जरूरत नहीं होगी।
इससे क्लेम पास होने में कम समय लगेगा। साथ ही, कागजी कार्रवाई की रुकावटें भी पूरी तरह खत्म हो जाएंगी।
यह कदम EPFO के डिजिटल बदलाव का एक हिस्सा है। इसके तहत पैसा निकालने के नियमों को आसान बनाया गया है। ऐसे में अब क्लेम सेटलमेंट पूरी तरह ऑटोमैटिक हो जाएगा। आने वाले समय में UPI के जरिए भी PF फ का पैसा निकालने की सुविधा मिलेगी।
60-Words Summary:
EPFO ने PF निकासी के नियमों में बड़ी राहत दी है। अब खास परिस्थितियों में पूरा PF निकालना आसान हो गया है। सरकार ने क्लेम रिजेक्शन की समस्या कम करने के लिए नियमों में ढील दी है। इससे कागजी प्रक्रिया घटेगी। जरूरत के समय पैसा जल्दी मिल सकेगा। पुराने नियमों में कारण और दस्तावेज जरूरी थे। अब कई मामलों में यह शर्त हटा दी गई है। यह पहल लाखों कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है। भविष्य में UPI बेस्ड विथड्रावल की भी संभावना है।
