भारतीय IT सेक्टर में एक बड़ा बदलाव हुआ है। देश की प्रमुख टेक कंपनियों ने कैंपस हायरिंग के नियम बदल दिए हैं। पहले जहां मास हायरिंग पर जोर दिया जाता था। वहीं अब फोकस AI स्किल्स वाले इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स पर है। फुल-स्टैक डेवलपमेंट में एक्सपर्टीज वाले फ्रेशर्स को सालाना ₹25 लाख तक का पैकेज ऑफर किया जा रहा है।
दरअसल, मार्केट में स्किल्ड AI प्रोफेशनल्स की संख्या काफी कम है। इसी वजह से टॉप IT कंपनियां उन्हें अपनी टीम में शामिल करने की कोशिश कर रही हैं।

IT कंपनियों की पहली पसंद बने AI इंजीनियर
टेक सेक्टर में जॉब पाने के लिए AI स्किल्स सबसे जरूरी हो गई हैं। इंडस्ट्री रिपोर्ट्स के मुताबिक, देश की प्रमुख IT कंपनियां AI इंजीनियर्स की स्पेशल टीम तैयार कर रही हैं। ये टीमें जेनरेटिव AI, स्मार्ट सॉफ्टवेयर और एंटरप्राइज ऑटोमेशन पर काम करेंगी।
पहले कंपनियां बड़ी संख्या में एंट्री-लेवल प्रोग्रामर्स को हायर करती थीं। अब उनका फोकस कम लेकिन ज्यादा स्किल्ड इंजीनियरों पर है। खास तौर पर ऐसे कैंडिडेट्स को प्राथमिकता दी जा रही है। जो AI और सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में पूरी तरह एक्सपर्ट हों।
AI टैलेंट्स को मिल रहे शानदार पैकेज
मशीन लर्निंग, लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLMs), Python, क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा इंजीनियरिंग और फुल-स्टैक डेवलपमेंट जैसी स्किल्स रखने वाले उम्मीदवारों की डिमांड बढ़ रही है। ऐसे कैंडिडेट्स को बेहतर सैलरी पैकेज ऑफर किए जा रहे हैं।
रिक्रूटर्सअब सिर्फ डिग्री या थ्योरी पर ध्यान नहीं दे रही हैं। वे प्रॉब्लम सॉल्विंग, ओपन-सोर्स कंट्रीब्यूशन और प्रैक्टिकल AI प्रोजेक्ट्स पर काम करने के अनुभव को भी अहमियत दे रही हैं।
IT हायरिंग में बदल रहा पुराना ट्रेंड
भारत की IT इंडस्ट्री में हायरिंग का तरीका बदल रहा है। पहले कंपनियां ग्रेजुएट्स को जॉब देती थीं। हालांकि अब उनका फोकस स्किल-बेस्ड कैंडिडेट्स पर है।
कई सालों तक IT सेक्टर में बड़े पैमाने पर यह हायरिंग ट्रेंड चलता रहा। हर साल हजारों नए ग्रेजुएट्स को तय सैलरी पैकेज पर नौकरी दी जाती थी। लेकिन, AI के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल ने कंपनियों की जरूरतों को बदल दिया है। अब कंपनियां कम लेकिन ज्यादा स्किल्ड कैंडिड्ट्स को प्राथमिकता दे रही हैं।
AI एक्सपर्ट्स को मिल रहे बेहतर ऑफर
कई बड़ी IT कंपनियों ने अब खास रिक्रूटमेंट प्रोग्राम शुरू किए हैं। इसके तहत AI प्रोफेशनल्स को बाकी सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स की तुलना में कहीं ज्यादा सैलरी मिल रही है। इस मामले में टेक एक्सपर्ट्स का कहना है कि मार्केट डिमांड्स पूरी तरह बदल चुकी है।
कंपनियों को अब पुराने सॉफ्टवेयर चलाने वाले लोग नहीं चाहिए। उन्हें ऐसे एक्सपर्ट्स की जरूरत है जो नए और एडवांस्ड AI प्रोडक्ट्स बना सकें।
AI दौर में बदला जॉब मार्केट
इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स के लिए जॉब मार्केट का ट्रेंड बदल रहा है। अब कंपनियां सिर्फ डिग्री नहीं, बल्कि खास AI स्किल्स को भी महत्व दे रही हैं। इस बदलाव को देखते हुए यूनिवर्सिटीज भी अपने कोर्स में AI, डेटा साइंस और मशीन लर्निंग को ज्यादा शामिल कर रही हैं। उनका लक्ष्य स्टूडेंट्स को इंडस्ट्री डिमांड्स के लिए तैयार करना है।
भविष्य में बढ़ेगी AI टैलेंट की मांग
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में AI टैलेंट की मांग और बढ़ सकती है। इसकी वजह यह है कि कंपनियां अब तेजी से अपने बिजनेस में AI को शामिल कर रही हैं। ऐसे में उन फ्रेशर्स को सबसे ज्यादा फायदा होगा जिनके पास किताबी ज्ञान के साथ-साथ प्रैक्टिकल अनुभव भी है।
आज के बदलते माहौल में कंपनियों को ज्यादा कर्मचारी नहीं चाहिए। अब नौकरियों के बाजार में संख्या के बजाय काम की क्वालिटी और स्किल्स ज्यादा महत्व दे रही हैं।
60-Words Summary:
भारतीय IT सेक्टर में हायरिंग का ट्रेंड तेजी से बदल रहा है। अब सिर्फ डिग्री नहीं, AI स्किल्स नौकरी की सबसे बड़ी शर्त बन गई हैं। टॉप IT कंपनियां अब AI टैलेंट और इंजीनियर्स को प्राथमिकता दे रही हैं। फुल-स्टैक और AI एक्सपर्ट्स को ₹25 लाख तक के पैकेज मिल रहे हैं। आने वाले समय में AI टैलेंट की डिमांड और भी तेज़ी से बढ़ने की उम्मीद है।
