Apple जल्द ही अपने पहले टचस्क्रीन ‘MacBook’ से पर्दा उठा सकती है। एक नई लीक ने टेक वर्ल्ड में हलचल मचा दी है। दिलचस्प बात यह है कि Apple सालों से ‘MacBook’ में टचस्क्रीन देने के खिलाफ रही है। ऐसे में यह बदलाव कंपनी की स्ट्रेटेजी में महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है।

MacBook में पहली बार टचस्क्रीन की एंट्री
रिपोर्ट्स के मुताबिक, Apple एक नए प्रीमियम लैपटॉप पर काम कर रही है। इसे MacBook Ultra’ नाम से लॉन्च किया जा सकता है। दावा किया जा रहा है कि इसमें टचस्क्रीन सपोर्ट मिलेगा। अगर ऐसा हुआ, तो यह डायरेक्ट टच इनपुट को सपोर्ट करने वाला पहला मैक कंप्यूटर होगा। टेक एक्सपर्ट्स इसे ऐप्पल के इतिहास का सबसे बड़ा बदलाव मान रहे हैं।
क्या अब ‘MacBook’ में भी मिलेगा टचस्क्रीन?
Apple लंबे समय से ‘MacBook’ में टचस्क्रीन देने के खिलाफ रही है। कंपनी का मानना था कि लैपटॉप और टचस्क्रीन एक-दूसरे के लिए नहीं बने हैं। Apple के कई वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि लैपटॉप का सॉफ्टवेयर (macOS) टचस्क्रीन के लिए नहीं है। उनके मुताबिक, जिन यूजर्स को टचस्क्रीन इस्तेमाल करना चाहते है। उनके लिए iPad पहले से मौजूद है।
Windows लैपटॉप्स ने बढ़ाई Apple की टेंशन
‘Apple की इस पुरानी सोच के विपरीत, पूरी इंडस्ट्री अब दूसरी दिशा में आगे बढ़ रही है। अब विंडोज लैपटॉप बनाने वाली कंपनियां हर बजट में टचस्क्रीन डिवाइस बना रही हैं। यूजर्स भी ऐसे डिवाइस पसंद कर रहे हैं, जो लैपटॉप और टैबलेट दोनों के जैसा एक्सपीरियंस दें।
आज के समय में टैबलेट और लैपटॉप का फर्क खत्म हो रहा है। लीक रिपोर्ट्स की मानें तो Apple अब ग्राहकों की इसी पसंद के हिसाब से खुद को बदल रहा है।
क्या होंगे MacBook Ultra में नए फीचर्स?
Apple ने अभी तक MacBook Ultra को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है। लेकिन रिपोर्ट्स में कई नए फीचर्स की चर्चा है। इस डिवाइस में macOS के साथ टचस्क्रीन सपोर्ट मिल सकता है।
फिलहाल नई डिस्प्ले टेक्नोलॉजी पर भी काम चल रहा है। इसका डिजाइन लैपटॉप और टैबलेट के बीच की दूरी कम कर सकता है।
क्रिएटिव यूजर्स और स्टूडेंट्स की पहली पसंद
एक्सपर्ट्स का मानना है कि टचस्क्रीन मैकबुक छात्रों को आकर्षित कर सकता है। यह क्रिएटिव प्रोफेशनल्स के लिए भी बेहतरीनऑप्शन साबित होगा। डिज़ाइनर्स और कंटेंट क्रिएटर्स सीधे स्क्रीन पर काम कर सकेंगे। इससे प्रोडक्टिविटी पर फोकस करने वाले यूजर्स को भी फायदा मिल सकता है।
Windows लैपटॉप्स लंबे समय से टच-इनेबल्ड कंप्यूटिंग को बढ़ावा दे रहे हैं। ऐसे में यह नया कदम Windows लैपटॉप्स के मुकाबले Apple की स्थिति को मजबूत कर सकता है।
Apple के बदलाव के पीछे क्या वजह है?
Apple कई वजहों से अपनी पुरानी रणनीति बदल रहा है। डिस्प्ले टेक्नोलॉजी में तेजी से सुधार हो रहा है। साथ ही सॉफ्टवेयर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में भी बड़े सुधार हुए हैं। ऐसे में लोगों के कंप्यूटर इस्तेमाल करने का तरीका पूरी तरह बदल गया है।
Apple का यूनिफाइड एक्सपीरियंस प्लान
इसके अलावा, Apple हमेशा चाहता है कि उसके सभी डिवाइस के बीच बेहतर कनेक्टिविटी हो। कंपनी का मानना है कि यूजर्स को iPhone, iPad और MacBook पर एक जैसा एक्सपीरियंस मिले। MacBook में टच फीचर आने से तीनों डिवाइस को इस्तेमाल करना और भी आसान और एक जैसा हो सकता है।
कब तक लॉन्च हो सकता है ये डिवाइस?
इस लीक की मार्केट में बहुत चर्चा है। हालांकि Apple ने अभी तक टचस्क्रीन मैकबुक को लेकर कोई ऑफिशियल घोषणा नहीं की है। दरअसल कंपनी किसी भी प्रोडक्ट को बाजार में लाने से पहले उसके कई मॉडल बनाकर टेस्टिंग करता है। ऐसे में डिवाइस देखने के लिए अभी थोड़ा इंतजार करना होगा।
