अब खुले दरवाज़ों का खतरा खत्म? Mumbai Local में ऑटोमैटिक डोर वाला Non-AC कोच, जानें फीचर्स


Bhawna Mishra

Bhawna Mishra

Apr 16, 2026


मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेनों में अब एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। शहर में जल्द ही पहली नॉन-AC लोकल ट्रेन शुरू होगी।  खास बात यह है कि इन ट्रेनों में ऑटोमैटिक दरवाज़े भी लगाए जाएंगे। अब तक यह सुविधा सिर्फ़ AC लोकल ट्रेनों तक सीमित थी। हालांकि नई पहल के तहत, यह सुविधा पहली बार नॉन-AC ट्रेनों में भी उपलब्ध होगी।

सुरक्षा के लिहाज़ से ज़रूरी कदम

मुंबई लोकल में यह बदलाव बहुत ज़रूरी था। ट्रेनों में भारी भीड़ के कारण लोग अक्सर खुले दरवाजों पर लटककर सफर करते हैं। यह लापरवाही हर साल कई जानलेवा हादसों का कारण बनती है। 2025 में मुंब्रा के पास हुई एक दर्दनाक घटना ने इस मुद्दे को और गंभीर बना दिया। इसी कारण अब यात्रियों की सुरक्षा के लिए बंद दरवाजों वाली ट्रेनों की मांग बढ़ गई है।

क्यों खास है ये नई हाई-टेक ट्रेन?

बताया जा रहा है कि ये नई लोकल ट्रेन कई एडवांस्ड फीचर से लैस होगी। फिलहाल इन्हें चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री में तैयार किया जा रहा है। इसमें आधुनिक ऑटोमैटिक डोर क्लोजिंग सिस्टम लगा है। सभी दरवाज़े पूरी तरह बंद होने के बाद ही ट्रेन चलेगी। इससे हादसों का खतरा काफी कम होगा। 

सुरक्षा के लिए इसमें एंटी-ड्रैग सिस्टम और इमरजेंसी टॉक-बैक बटन भी दिए गए हैं। साथ ही, यात्रियों की सुविधा के लिए कोच के अंदर डिजिटल डिस्प्ले भी लगाए गए हैं।

सेफ्टी और कम्फर्ट का परफेक्ट कॉम्बिनेशन

सबसे अहम बात यह है कि इस ट्रेन में सुरक्षा और आराम के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की गई है। बंद दरवाज़ों के बावजूद सही वेंटिलेशन सुनिश्चित करना बड़ी चुनौती थी। इसके लिए नए डिज़ाइन में लूवर वाले दरवाज़े दिए गए हैं। छत पर खास वेंटिलेटर लगाए गए हैं। ताकि बंद दरवाजों में भी घुटन न हो। 

इसके अलावा, कोच के बीच वेस्टिब्यूल कनेक्शन भी जोड़ा गया है। इससे यात्री अलग-अलग कोच में आसानी से जा सकेंगे। भीड़ एक जगह जमा होने की समस्या भी कम होगी।

ट्रायल पूरा होने के बाद ही दौड़ेगी ट्रेन

बता दें कि यह नई ट्रेन मुंबई के कुर्ला कार शेड पहुंच चुकी है। यात्रियों के लिए सेवा शुरू करने से पहले इसकी कड़ी जांच और सर्टिफिकेशन होगा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, सभी तकनीकी ट्रायल पूरे होने में लगभग तीन महीने का समय लग सकता है। इसके बाद, यह हाई-टेक ट्रेन आम जनता के लिए उपलब्ध होगी।

मुंबई रेल में बदलाव की नई शुरुआत

मुंबई की लोकल ट्रेन में हर दिन 60 लाख से ज्यादा लोग ट्रेवल करते हैं। यही कारण है कि यह दुनिया के सबसे व्यस्त रेल नेटवर्क में शामिल है। नॉन-AC ट्रेनों में ऑटोमैटिक दरवाज़ों की सुविधा सुरक्षा बढ़ाने की कोशिश है। साथ ही, कम किराए में ही सुरक्षित सफर की सुविधा मिलेगी। अगर यह मॉडल सफल रहा, तो आने वाले समय में पूरी मुंबई लोकल नेटवर्क में लागू किया जा सकता है।

60-Word Summary:

मुंबई लोकल अब और भी सुरक्षित होने जा रही है। जल्द ही पटरियों पर पहली नॉन-एसी ट्रेन दौड़ेगी। जिसमें ऑटोमैटिक दरवाजे होंगे। चेन्नई में बनी यह ट्रेन स्मार्ट फीचर्स और बेहतर वेंटिलेशन से लैस होगी। इसके खुले दरवाज़ों से होने वाले हादसों पर रोक लगेगी। फिलहाल कुर्ला में इसका ट्रायल जारी है। सफल ट्रायल के बाद इसे शुरू किया जाएगा। इससे कम किराए में ही यात्रियों का सुरक्षित सफर मिलेगा।


Bhawna Mishra
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She is a seasoned writer with a passion for Storytelling and a keen interest in diverse topics. With 2.5 years of experience, she excels in writing about Tech, Sports, Entertainment, and various Niche topics. Bhawna holds a Postgraduate Degree in Journalism and Mass Communication from St Wilfred’s College of Jaipur.

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