चीन ने एक बार फिर अपनी स्पीड से दुनिया को हैरान कर दिया है। यहां एक कंपनी ने महज पांच दिनों में 26 मंजिला इमारत खड़ी कर दी। इस अनोखे प्रोजेक्ट में आधुनिक ‘मॉड्यूलर तकनीक’ का इस्तेमाल किया गया।
इसके तहत पूरी बिल्डिंग के हिस्सों को पहले फैक्ट्री में ही तैयार कर लिया गया था। बाद में इन प्रीफैब्रिकेटेड स्टील ब्लॉक्स को साइट पर लाकर आपस में जोड़ दिया गया। माना जा रहा है कि यह तकनीक आने वाले समय में कंस्ट्रक्शन इंडस्ट्री की पूरी तस्वीर बदल देगी।

बड़े ब्लॉक्स जोड़कर तैयार की गई इमारत
आमतौर पर ऊंची इमारतें बनाने में काफी समय लगता है। साइट पर सीमेंट और कंक्रीट का काम महीनों तक चलता है। लेकिन चीन के इस प्रोजेक्ट में अलग तरीका अपनाया गया। मॉड्यूल पहले ही फ़ैक्टरी में तैयार कर लिए गए थे।
बाद में इन्हें साइट पर लाकर जोड़ा गया। इन यूनिट्स में दीवारें, पाइपलाइन, इंसुलेशन और बिजली सिस्टम पहले से फिट थे। यहां तक कि इंटीरियर का बड़ा हिस्सा भी पहले ही तैयार कर लिया गया था।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, बिल्डिंग का करीब 90% हिस्सा पहले ही फ़ैक्टरी में तैयार कर लिया गया था। इसके बाद तैयार मॉड्यूल्स को साइट पर लाकर जोड़ा गया।
100 मज़दूरों ने पांच दिन में खड़ी की इमारत
रिपोर्ट्स के मुताबिक, 26 मंज़िला इस इमारत को करीब 100 मजदूरों ने मिलकर तैयार किया। सभी मज़दूरों ने 5 दिनों तक लगातार शिफ्ट में काम किया।
मॉड्यूलर तकनीक की मदद से इमारत के कई हिस्सों को एक साथ जोड़ा गया। इससे खराब मौसम में भी काम नहीं रुका। मजदूरों की कमी की दिक्कत भी नहीं हुई। साथ ही, सामान आने-जाने में कोई देरी नहीं हुई।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस तकनीक से समय की बड़ी बचत होती है। मॉड्यूलर निर्माण से प्रोजेक्ट बहुत जल्दी पूरे हो सकते हैं। कुल मिलाकर, जो काम पहले 100 दिनों में होता था। अब वह सिर्फ 50 दिनों में मुमकिन है।
फास्ट कंस्ट्रक्शन के साथ पर्यावरण पर भी फोकस
बता दें कि इस प्रोजेक्ट में खास स्टील मॉड्यूलर सिस्टम का इस्तेमाल हुआ। इसे खासतौर पर कचरा कम करने और बिजली बचाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। फ़ैक्टरी में तैयार होने की वजह से मटेरियल की बर्बादी भी कम हुई। साथ ही, बिल्डिंग का हर हिस्सा एक जैसा मजबूत बना।
चीन पिछले कुछ सालों से मॉड्यूलर और प्रीफ़ैब्रिकेटेड टेक्नोलॉजी पर इन्वेस्टमेंट बढ़ा रहा है। इससे शहरों के विकास में मदद मिल सकती है। साथ ही पर्यावरण को नुकसान भी नहीं होगा।
चीन में प्रीफ़ैब्रिकेटेड कंस्ट्रक्शन का बूम
पिछले दस सालों में चीन ने मॉड्यूलर कंस्ट्रक्शन को बहुत बढ़ावा दिया है। तकनीक अपनाने वाले सबसे बड़े देशों में शामिल हो गया है। यहां रेजिडेंशियल बिडलिंग, अस्पतालों, होटलों, स्कूलों और कमर्शियल प्रोजेक्ट्स में प्रीफ़ैब्रिकेटेड तकनीक का इस्तेमाल बढ़ा है।
दरअसल Covid-19 महामारी के दौरान इस तकनीक ने दुनियाभर में ध्यान खींचा था। उस समय चीन ने मॉड्यूलर सिस्टम से कुछ ही दिनों में इमरजेंसी अस्पताल तैयार किए थे।
दुनिया भर में बढ़ा मॉड्यूलर कंस्ट्रक्शन का क्रेज
मॉड्यूलर कंस्ट्रक्शन को लेकर दुनिया भर में दिलचस्पी तेजी से बढ़ रही है। एशिया, यूरोप और मध्य पूर्व के देश इस तकनीक पर खास फोकस दे रहे हैं।
इसमें काम तेजी से पूरा होता है। वर्कर्स पर निर्भरता भी कम होती है। साथ ही, प्रोजेक्ट की कॉस्टिंग भी कम आती है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह तकनीक तेजी से बढ़ते शहरों में मदद कर सकती है।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह तकनीक तेजी से बढ़ते शहरों में मदद कर सकती है। हालांकि, बड़े लेवल पर मॉड्यूलर प्रोजेक्ट्स के लिए मजबूत सिस्टम जरूरी है।
60-Words Summary:
चीन ने मॉड्यूलर तकनीक से सिर्फ पांच दिनों में 26 मंजिला इमारत बनाकर दुनिया को चौंका दिया है। पहले से तैयार फैक्ट्री मॉड्यूल्स को साइट पर जोड़कर निर्माण पूरा किया गया। करीब 100 मजदूरों ने लगातार शिफ्ट में काम किया। इससे समय, लागत और मटेरियल की बर्बादी कम हुई। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह तकनीक भविष्य में कंस्ट्रक्शन इंडस्ट्री को पूरी तरह बदल सकती है।
