पुणे रेलवे स्टेशन को जल्द नया रूप मिलने वाला है। स्टेशन पर ₹442 करोड़ के प्रोजेक्ट के तहत रीडेवलपमेंट का काम चल रहा है। इसका फोकस स्टेशन की क्षमता बढ़ाने और बड़ी ट्रेनों के लिए ज्यादा स्पेस बनाने पर है।
फिलहाल स्टेशन पर छह प्लेटफॉर्म हैं। यहां रोजाना करीब 150 ट्रेनें आती-जाती हैं। रीडेवलपमेंट के बाद स्टेशन पर रोजाना करीब 20 और ट्रेनें चल सकेंगी।

स्टेशन पर अब होंगे 12 प्लेटफॉर्म
पुणे रेलवे स्टेशन पर छह नए प्लेटफॉर्म बनाए जा रहे हैं। इसके बाद कुल प्लेटफॉर्म की संख्या 12 हो जाएगी। प्लेटफॉर्म 7/8, 9/10 और 11/12 पर यात्रियों के लिए कई नई सुविधाएं मिलेंगी। इनमें फुट ओवरब्रिज, स्काईवॉक, लिफ्ट और एस्केलेटर शामिल हैं।
इसके अलावा, स्टेशन के प्लेटफॉर्म्स का विस्तार किया जा रहा है। ताकि पूरी लंबाई वाली ट्रेनें वहां आसानी से रुक सकें। अभी सिर्फ दो प्लेटफॉर्म पर लंबी ट्रेनें रुक सकती हैं।
प्लेटफॉर्म से लेकर टॉयलेट तक होगा अपग्रेड
पैसेंजर्स की सुविधाओं पर करीब ₹202.39 करोड़ खर्च होंगे। इसमें से ₹129.57 करोड़ नए प्लेटफॉर्म और उनसे जुड़ी सुविधाओं के लिए हैं। वहीं, ₹37.12 करोड़ मौजूदा प्लेटफॉर्म को बेहतर बनाने पर खर्च होंगे।
इसमें फ्लोरिंग, पेंटिंग, टॉयलेट और ड्रेनेज का काम शामिल है। इसके अलावा, यात्रियों के लिए टेम्पररी होल्डिंग एरिया और नया पार्सल ऑफिस भी प्लान में है।
यार्ड के अपग्रेड पर खर्च होंगे ₹239 करोड़
ट्रैफिक इंफ्रास्ट्रक्चर और यार्ड की रीमॉडलिंग पर ₹239.64 करोड़ खर्च होंगे। पुणे और हडपसर के बीच अतिरिक्त प्लेटफॉर्म लाइनें और नई स्टेब्लिंग लाइनें बनाई जाएंगी। तीसरी मेन लाइन भी जोड़ी जाएगी। इसके साथ ही कई मौजूदा प्लेटफॉर्म एक्सटेंड किए जाएंगे।
रेलवे यार्ड में भी बड़ा बदलाव होगा। 52-kg रेल लेआउट की जगह अब ज्यादा मजबूत 60-kg लेआउट इस्तेमाल किया जाएगा।
स्टेशन पर इंस्टॉल होगा नया इंटरलॉकिंग सिस्टम
यार्ड और ट्रैक के अपग्रेड के साथ स्टेशन का इंटरलॉकिंग सिस्टम भी बदला जाएगा। मौजूदा रूट रिले इंटरलॉकिंग सिस्टम की जगह एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम लगाया जाएगा।
इससे ट्रेनों के संचालन को बेहतर और सुरक्षित बनाने में मदद मिलेगी। साथ ही, ट्रेन ऑपरेशन्स को मैनेज करना आसान होगा। इसके अलावा, सिग्नल, टेलीकम्युनिकेशन और ओवरहेड इक्विपमेंट को भी अपग्रेड किया जा रहा है।
तीन साल में तैयार होगा नया स्टेशन
रेलवे डिपार्टमेंट के मुताबिक, पुणे डिवीजन में चल रहे डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स को पूरा होने में करीब तीन साल लग सकते हैं। उन्होंने आगे बताया कि नए प्लेटफॉर्म तभी शुरू होंगे, जब उनसे जुड़े काम पूरे हो जाएंगे। इनमें फुट ओवरब्रिज और सर्कुलेटिंग एरिया जैसे काम शामिल हैं।
बताते चलें कि स्टेशन का विस्तार यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए किया जा रहा है। खासकर पीक टाइम में स्टेशन पर भीड़ का दबाव बढ़ जाता है। ऐसे में नए प्लेटफॉर्म और सुविधाओं से यात्रियों को निश्चित तौर पर राहत मिलेगी।
पुणे के रेल नेटवर्क को मिलेगा नया बूस्ट
पुणे स्टेशन का विस्तार महाराष्ट्र के रेलवे इन्वेस्टमेंट प्रोग्राम का हिस्सा है। केंद्र सरकार ने राज्य में रेलवे डेवलपमेंट के लिए करीब ₹23,900 करोड़ अलॉट किए हैं। इसके अलावा, आलंदी में एक मेगा कोचिंग टर्मिनल बनाने की भी योजना है। इसमें नौ प्लेटफॉर्म और 17 स्टेबलिंग लाइनें होंगी।
इन प्रोजेक्ट्स से पुणे का रेल नेटवर्क और मजबूत होगा। इससे आने वाले समय में यात्रियों और ट्रेनों की बढ़ती भीड़ को संभालना बहुत आसान हो जाएगा।
60-Words Summary:
पुणे रेलवे स्टेशन का ₹442 करोड़ से रीडेवलपमेंट किया जा रहा है। स्टेशन पर छह नए प्लेटफॉर्म बनेंगे। इससे कुल प्लेटफॉर्म 12 हो जाएंगे। यात्रियों के लिए स्काईवॉक, लिफ्ट और एस्केलेटर मिलेंगे। यार्ड और ट्रैक भी अपग्रेड होंगे। नया इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम लगाया जाएगा। रीडेवलपमेंट से स्टेशन की क्षमता बढ़ेगी। इससे स्टेशन पर ट्रेनों की आवाजाही और बेहतर हो सकेगी।
