मुंबई शहर में एंटरटेनमेंट टैक्स बढ़ाने को लेकर नया प्रस्ताव सामने आया है। अगर इसे मंजूरी मिलती है, तो सिनेमा हॉल और मल्टीप्लेक्स के टिकट के साथ कई दूसरे एंटरटेनमेंट प्रोग्राम की प्राइस में बढ़ोतरी हो सकती है।BMC ने सिनेमाघरों और मल्टीप्लेक्स पर लगने वाले टैक्स रेट बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है। इसके अलावा, कॉन्सर्ट और दूसरे एंटरटेनमेंट इवेंट्स पर भी टैक्स बढ़ सकता है।
हालांकि, ये नई दरें अभी लागू नहीं हुई हैं। इसके लिए महाराष्ट्र सरकार के शहरी विकास विभाग की हरी झंडी मिलना बाकी है।

मल्टीप्लेक्स में फिल्म देखना हो सकता है महंगा
मुंबई में मल्टीप्लेक्स और एयर-कंडीशंड सिनेमाघरों का टैक्स कई गुना बढ़ सकता है। BMC ने पर शो टैक्स को ₹60 से बढ़ाकर ₹400 करने का प्रस्ताव रखा है। अगर इसे मंजूरी मिलती है, तो टैक्स में करीब 567% की बढ़ोतरी होगी। इसे आम तौर पर करीब 570% की बढ़ोतरी बताया जा रहा है।
जहां एक ओर सिंगल-स्क्रीन एयर-कंडीशंड सिनेमाघरों के लिए टैक्स ₹200/शो करने का प्रस्ताव है। वहीं, बिना एयर-कंडीशन वाले सिनेमाघरों में यह ₹45 से बढ़कर ₹90 प्रति शो हो सकता है।
एंटरटेनमेंट इवेंट्स पर भी टैक्स बढ़ाने का प्रस्ताव
सिनेमाघरों के अलावा कॉन्सर्ट और नाटकों के टिकट भी महंगे हो सकते हैं। यह टैक्स बढ़ोतरी सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं है। ड्रामा, कॉन्सर्ट और दूसरे एंटरटेनमेंट इवेंट्स पर लगने वाला टैक्स ₹25 से बढ़कर ₹100 प्रति शो हो सकता है।
इस दायरे में परफॉर्मिंग आर्ट्स इवेंट्स भी आते हैं। वहीं, मिनी-थिएटर और वीडियो स्क्रीनिंग सेंटर के लिए टैक्स ₹90 प्रति शो करने का प्रस्ताव है।
क्या वाकई ₹340 महंगा होगा फिल्म टिकट?
ऐसा नहीं है। फ़िल्म टिकट सीधे ₹340 महंगे होने की बात पूरी तरह से ठीक नहीं है। यह टैक्स सिनेमाघरों के मालिकों और शो आयोजित करने वालों पर लगाया जाता है। टैक्स बढ़ने से उनकी ऑपरेटिंग कॉस्ट बढ़ सकती है। इसके बाद कॉस्ट का कुछ हिस्सा टिकट की कीमत बढ़ाकर ग्राहकों से वसूला जा सकता है।
हालांकि, टिकट की कीमत कितनी बढ़ेगी, यह अभी तय नहीं है। यह इस बात पर निर्भर करेगा कि सिनेमा ऑपरेटर बढ़े हुए टैक्स का एक्स्ट्रा खर्च कैसे संभालते हैं।
रीजनल कंटेंट को टैक्स में मिल सकती है राहत
जहां एक तरफ मनोरंजन पर टैक्स बढ़ाने का प्रस्ताव है। वहीं मराठी और गुजराती कंटेंट को राहत मिल सकती है। BMC ने इन भाषाओं में फिल्म, ड्रामा और कॉन्सर्ट पर थिएटर टैक्स में 100% छूट देने का प्रपोजल रखा है।
यह छूट सिनेमा हॉल, मल्टीप्लेक्स और थिएटर में होने वाले इवेंट्स पर लागू हो सकती है। इस कदम का उद्देश्य रीजनल कंटेंट को बढ़ावा देना है। साथ ही, मराठी और गुजराती भाषाओं से जुड़े रीजनल शोज को भी इससे फायदा मिल सकता है।
BMC क्यों बढ़ाना चाहती है एंटरटेनमेंट टैक्स?
दरअसल मुंबई का मौजूदा थिएटर टैक्स स्ट्रक्चर काफी पुराना है। इसमें पिछले दस सालों से कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। BMC पिछले कई सालों से इसमें बदलाव पर विचार कर रही है। इससे जुड़ा एक प्रस्ताव 2015 में भी सामने आया था।
अब BMC नए टैक्स रेट के जरिए शहर में होने वाली एंटरटेनमेंट एक्टिविटीज से टैक्स कलेक्शन बढ़ाना चाहती है। इसी वजह से पुरानी रेट को बदलने का सुझाव रखा गया है।
टैक्स बढ़ोतरी पर पहले ही उठे सवाल
टैक्स बढ़ाने का प्रपोजल सामने आते ही इस पर सवाल उठने लगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, BMC की लॉ कमेटी ने इसे प्रशासन के पास वापस भेज दिया है।
इस बीच, कमेटी ने अधिकारियों से टैक्स पर दोबारा विचार करने को कहा है। उन्होंने इस बढ़ोतरी को काफी ज्यादा बताया। ऐसे में अभी सामने आए आंकड़ों में बदलाव हो सकता है। कुल मिलाकर, अंतिम फैसला होने से पहले टैक्स कम या ज्यादा किया जा सकता है।
टैक्स बढ़ोतरी पर अभी नहीं हुआ फैसला
फिलहाल मुंबई में फिल्म और कॉन्सर्ट देखने वालों के लिए राहत है। ऐसे में, मौजूदा टैक्स स्ट्रक्चर के तहत ही भुगतान करना होगा। इस समय, किसी भी तरह की नई रेट्स लागू नहीं हुई हैं।
इन्हें लागू करने के लिए महाराष्ट्र सरकार के शहरी विकास विभाग की मंजूरी जरूरी होगी। इसके बाद ऑफिशियल नोटिफिकेशन भी जारी करना होगा। जब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं होती। तब तक मल्टीप्लेक्स पर ₹400 का टैक्स सिर्फ एक प्रपोजल रहेगा।
60-Words Summary:
मुंबई में एंटरटेनमेंट टैक्स बढ़ाने का प्रस्ताव सामने आया है। इससे मल्टीप्लेक्स, सिनेमाघरों और कॉन्सर्ट के टिकट महंगे हो सकते हैं। BMC ने अलग-अलग एंटरटेनमेंट प्रोग्राम के टैक्स में बढ़ोतरी का सुझाव दिया है। हालांकि, ये नई दरें अभी लागू नहीं हुई हैं। महाराष्ट्र सरकार की मंजूरी बाकी है। प्रस्ताव को लेकर सवाल भी उठे हैं। ऐसे में अंतिम टैक्स रेट में बदलाव संभव है।
