महाराष्ट्र सरकार ने ऐप-बेस्ड टैक्सी सेवाओं पर सख्ती बढ़ा दी है। दरअसल, पिछले कुछ समय से यात्रियों की शिकायतें लगातार बढ़ रही थीं। यात्रियों का आरोप है कि ऐप पर दिखने वाले किराए के अलावा उनसे टिप मांगी जाती हैं। उन्हें जबरन टिप और एक्स्ट्रा चार्ज देने के लिए मजबूर किया जा रहा है। इसी मनमानी पर रोक लगाने के लिए सरकार ने यह बड़ा कदम उठाया है।

मनमानी वसूली पर सरकार का एक्शन
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने इस पूरे मामले पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने राज्य के परिवहन विभाग को तुरंत जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही, यात्रियों के अधिकारों का उल्लंघन करने वाले ड्राइवरों और एग्रीगेटर कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा है।
कैब एग्रीगेटर्स के खिलाफ बढ़ती शिकायतों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। पिछले कुछ महीनों में ग्राहकों से मनमानी वसूली के मामले तेजी से बढ़े हैं। ड्राइवरों के खराब व्यवहार को लेकर भी लगातार शिकायतें मिल रही थीं।
कैब ड्राइवरों की मनमानी पर
यह मामला तब सुर्खियों में आया, जब यात्रियों ने लगातार शिकायतें करनी शुरू कीं। उनका कहना था कि राइड-हेलिंग ऐप पर दिख रहे किराए से ज्यादा पैसे मांगे जा रहे हैं।
शिकायतों के मुताबिक, कुछ ड्राइवर राइड शुरू होने से पहले ही टिप मांगते हैं। वहीं, कुछ ड्राइवर अतिरिक्त पैसे नहीं मिलने पर बुकिंग कैंसिल करने की धमकी भी देते हैं।
सांसद श्रीकांत शिंदे ने उठाया मुद्दा
कल्याण के सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे ने इस गंभीर मामले को राज्य सरकार के सामने उठाया है। उन्होंने ऐसे मामलों का भी जिक्र किया, जिनमें यात्रियों को बीच रास्ते में छोड़ दिया गया। वजह सिर्फ इतनी थी कि उन्होंने अतिरिक्त पैसे देने से इनकार कर दिया था।
यह समस्या देर रात और इमरजेंसी के समय और भी भयानक रूप ले लेती है। रात के समय या इमरजेंसी में यह परेशानी और बढ़ जाती है। ऐसे समय में यात्रियों के पास दूसरे विकल्प बहुत कम होते हैं।
ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट को जांच के आदेश
इस गंभीर मुद्दे पर मंत्री सरनाइक ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने ड्राइवरों की इस मनमानी को पूरी तरह अनुचित और अस्वीकार्य बताया। मंत्री ने राज्य परिवहन आयुक्त को तुरंत जांच के निर्देश दिए हैं। साथ ही ऐप-बेस्ड टैक्सी सर्विसेज के कामकाज को भी रिव्यु किया जाएगा।
उन्होंने साफ चेतावनी दी कि यात्रियों से तय किराए से एक भी रुपया ज्यादा नहीं वसूले जा सकते। नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि वे प्लेटफॉर्म ऑपरेटरों पर कड़ी नजर रखें। और यह भी देखें कि यात्रियों के साथ कोई गलत व्यवहार न हो।
यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा पर जोर
सरकार अब ऐप बेस्ड कैब सर्विस पर ज्यादा नजर रख रही है। इसका उद्देश्य इन सर्विसेज को बेहतर तरीके से रेगुलेट करना है। कंज्यूमर ग्रुप्स ने कई मुद्दों पर दर्ज की है। इनमें बार-बार राइड कैंसिल होना, किराए को लेकर बहस और ऐप के बाहर पैसे मांगना शामिल है। कुछ मामलों में ड्राइवरों और कंपनियों के काम करने के तरीके पर भी सवाल उठे हैं।
जबरन टिप वसूलना पुरी तरह गैरकानूनी
अधिकारियों के मुताबिक, सेवा देने के बदले ग्राहकों को जबरन टिप देना पूरी तरह गलत है। यह सीधे तौर पर उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन है। हालांकि, अपनी खुशी से टिप देना हर किसी का निजी फैसला हो सकता है। लेकिन अधिकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि अतिरिक्त पैसों के लिए दबाव बनाना या जबरदस्ती करना अब बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
नई एग्रीगेटर पॉलिसी पर काम जारी
महाराष्ट्र सरकार जल्द ही एक नई और सख्त एग्रीगेटर पॉलिसी लाने जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य ऐप-आधारित टैक्सी सेवाओं को पूरी तरह रेगुलेट करना है। नए नियमों में किराए को पारदर्शी बनाया जाएगा। यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा।
शिकायतों के तुरंत निपटारे के लिए एक मजबूत सिस्टम तैयार किया जाएगा। इसके साथ ही, कंपनियों की जिम्मेदारी तय करने पर भी फोकस रहेगा।
मुंबई, पुणे, ठाणे और दूसरे शहरों में लाखों लोग ऐप से कैब बुक करते हैं। ऐसे में इस जांच को काफी अहम माना जा रहा है। इसका असर यात्रियों और कैब कंपनियों, दोनों पर पड़ सकता है।
60-Words Summary:
महाराष्ट्र सरकार ने ऐप-बेस्ड टैक्सी सेवाओं पर सख्ती बढ़ा दी है। यात्रियों की शिकायत थी कि ड्राइवर तय किराए से ज्यादा पैसे और जबरन टिप मांग रहे हैं। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने जांच के आदेश दिए हैं। नियम तोड़ने वाले ड्राइवरों और कंपनियों पर कार्रवाई होगी। सरकार नई एग्रीगेटर पॉलिसी भी ला रही है। इसमें किराया पारदर्शिता, यात्री सुरक्षा और तेज शिकायत निपटारे पर फोकस रहेगा।
