MDR Charge को लेकर होटल्स की नाराजगी! केरल में UPI पेमेंट बंद करने की तैयारी


Bhawna Mishra

Bhawna Mishra

Oct 15, 2026




अब केरल में ₹2,000 से ज्यादा के UPI पेमेंट पर रोक लग सकती है। केरल होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन (KHRA) ने 15 अक्टूबर से ऐसे पेमेंट एक्सेप्ट न करने का ऐलान किया है। एसोसिएशन ने यह कदम कुछ डिजिटल ट्रांजैक्शन पर लगाए जाने वाले MDR चार्ज के विरोध में उठाया है। हालांकि, UPI मर्चेंट फीस को लागू करने का फैसला फिलहाल टाल दिया गया है। 14 अक्टूबर को हुए इस बदलाव के बाद अब यह शुल्क दिवाली के बाद लागू किए जा सकते हैं। यानी, नए चार्ज 15 अक्टूबर से लागू नहीं होंगे।

UPI चार्ज पर केरल के होटल क्यों जता रहे विरोध?

केरल होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन (KHRA) के अध्यक्ष जी. जयपाल ने UPI पर लगने वाले शुल्क को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि इससे होटल और रेस्तरां के खर्च बढ़ सकते हैं।

होटल इंडस्ट्री में UPI का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर होता है। छोटे बिल से लेकर बड़े बिल तक, हर तरह के लिए UPI का इस्तेमाल किया जाता हैं।

इंडस्ट्री इस बात से परेशान है कि जब डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा दिया गया था, तो अब अचानक नियम क्यों बदले जा रहे हैं। ऐसे में एसोसिएशन ने मांग की है कि या तो यह चार्ज पूरी तरह हटाया जाए। या बिना फीस वाले ट्रांजेक्शन की लिमिट को 2,000 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये किया जाए।

UPI पेमेंट पर चार्ज को लेकर क्यों बढ़ी चिंता?

डिजिटल पेमेंट के बीच मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर लगने वाली फीस को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। नए नियमों के अनुसार, 2,000 रुपये से अधिक के UPI मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 0.4% मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) शुल्क लग सकता है। लेकिन इसमें कुछ नियम और शर्तें लागू होंगी।

यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि हर UPI पेमेंट पर चार्ज नहीं लगेगा। यह केवल पर्सन टू मर्चेंट (P2M) ट्रांज़ैक्शन पर लागू होगा। वही पर्सन-टू-पर्सन  ट्रांसफर के लिए अलग नियम होंगे।

इस नए चार्ज से रेस्तरां और दूसरे मर्चेंट की चिंता बढ़ गई है। खासतौर पर, जो बड़ी संख्या में डिजिटल पेमेंट एक्सेप्ट हैं। उनके लिए यह एक अतिरिक्त खर्च बन सकता है। जितने ज्यादा ट्रांजैक्शन होंगे। उन्हें उतना ही ज्यादा चार्जेज पे करने होंगे। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस एक्स्ट्रा कॉस्ट का बोझ कौन उठाएगा।

₹2,000 से ज्यादा के बिल के लिए कैश जरूरी?

KHRA के फैसले के अनुसार, एसोसिएटेड होटल और रेस्तरां 15 अक्टूबर से ₹2,000 से ज्यादा के UPI पेमेंट लेना बंद करने वाले थे। ऐसे में, ग्राहकों को बड़ा बिल चुकाने के लिए कैश देना पड़ता।

हालांकि, MDR शुल्क लागू करने का फैसला फिलहाल टल गया है। अब ये चार्ज दिवाली के बाद लागू किए जा सकते हैं। इसे लागू करने की नई तारीख अभी तय नहीं हुई है।


क्या UPI चार्ज से फिर बढ़ेगा कैश का इस्तेमाल?

इस विवाद से भारत में डिजिटल पेमेंट पर पड़ने वाले असर को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

UPI अब होटल, शॉप्स, सुपरमार्केट और मर्चेंट पेमेंट का आम तरीका बन गया है। ऐसे में बिजनेस ओनर्स को डर है कि नए चार्ज से उनका खर्च बढ़ सकता है। ऐसे में, कुछ मर्चेंट्स बड़े बिलों के लिए UPI पेमेंट लेने से बच सकते हैं। यहां तक कस्टमर्स भी पेमेंट के लिए कैश का इस्तेमाल कर सकते हैं।

फिलहाल, नए चार्ज लागू करने का फैसला दिवाली तक टल गया है। इससे बिजनेस सेक्टर को तैयारी के लिए और समय मिल गया है। हालांकि, यह देखना बाकी है कि नए चार्ज लागू होने पर कारोबारियों पर कितना असर पड़ेगा।

60-Words Summary:


केरल में ₹2,000 से ज्यादा के UPI पेमेंट को लेकर विवाद बढ़ गया है। होटल और रेस्तरां एसोसिएशन ने 15 अक्टूबर से ऐसे पेमेंट लेना बंद करने का ऐलान किया था। यह फैसला चुनिंदा ट्रांजैक्शन पर 0.4% मर्चेंट फीस के विरोध में लिया गया। एसोसिएशन ने फीस हटाने या पेमेंट की सीमा ₹10,000 करने की मांग की है। फिलहाल, इस शुल्क को दिवाली के बाद तक टाल दिया गया है।


Bhawna Mishra
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She is a seasoned writer with a passion for Storytelling and a keen interest in diverse topics. With 2.5 years of experience, she excels in writing about Tech, Sports, Entertainment, and various Niche topics. Bhawna holds a Postgraduate Degree in Journalism and Mass Communication from St Wilfred’s College of Jaipur.

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