भारत के IPO बाजार में आज एक नया इतिहास रचा गया है। मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल और टेलीकॉम कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO 21 अक्टूबर 2026 को आम निवेशकों के लिए खुल गया है। कंपनी इस इश्यू के जरिए करीब 3.2 अरब डॉलर जुटाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा IPO है। साथ ही, करीब दो दशक बाद रिलायंस ग्रुप की यह पहली पब्लिक शेयर ऑफरिंग है।

Jio IPO का प्राइस बैंड और जरूरी डेट्स
जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO में निवेश के लिए प्रति शेयर ₹1,065 से ₹1,119 का प्राइस बैंड तय किया गया है। यह इश्यू 23 अक्टूबर तक खुला रहेगा। वहीं, कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग 28 अक्टूबर को होने की उम्मीद है।
IPO के बाद जियो प्लेटफॉर्म्स का वैल्यूएशन करीब 108.3 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। इससे कंपनी देश की सबसे वैल्यूएबल लिस्टेड कंपनियों में शामिल हो सकती है। इस इश्यू में करीब एक-तिहाई शेयर रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व हैं। इससे आम निवेशकों को भी जियो की लिस्टिंग में हिस्सा लेने का मौका मिलेगा।
बड़े निवेशकों ने भी दिखाई दिलचस्पी
IPO से पहले ही जियो प्लेटफॉर्म्स ने करीब 853 मिलियन डॉलर के शेयर इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स को अलॉट कर दिए हैं। एंकर इन्वेस्टर बुक में कई बड़े ग्लोबल और डोमेस्टिक फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस ने दिलचस्पी दिखाई है। इनमें ब्लैक रॉक और अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी जैसे प्रमुख नाम भी शामिल हैं।
कैसे Jio ने बदल दी भारत में इंटरनेट की तस्वीर?
जियो की शुरुआत ने भारत के मोबाइल इंटरनेट मार्केट को नई दिशा दी। कंपनी ने न केवल डेटा को किफायती बनाया। बल्कि हाई-स्पीड इंटरनेट की पहुंच भी बढ़ाई।
आज जियो प्लेटफॉर्म्स 500 मिलियन से अधिक यूजर्स के साथ देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी है। कंपनी के इन्वेस्टर्स में मेटा और गूगल जैसी दिग्गज टेक कंपनियां भी शामिल हैं। दोनों ही कंपनी ने 2020 में जियो प्लेटफॉर्म्स में निवेश किया था।
Jio ने कमाया 3.2 अरब डॉलर का प्रॉफिट
बता दें कि जियो ने वित्त वर्ष 2026 में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन किया। कंपनी का कुल रेवेन्यू करीब 15.5 अरब डॉलर रहा। वहीं, प्रॉफिट लगभग 3.2 अरब डॉलर तक पहुंच गया।
कंपनी के कुल कारोबार में टेलीकॉम क्षेत्र की हिस्सेदारी करीब 90% रही। इससे साफ है कि कनेक्टिविटी सेवाएं जियो के बिजनेस का सबसे अहम हिस्सा हैं।
Jio IPO फंड्स का इस्तेमाल कहां होगा?
बताते चलें कि IPO से मिलने वाले फंड्स का इस्तेमाल कंपनी की वित्तीय जरूरतों को पूरा करने में किया जाएगा। इसका एक बड़ा हिस्सा रिलायंस जियो इन्फोकॉम का कर्ज चुकाने में खर्च हो सकता है। वहीं, बाकी अमाउंट का इस्तेमाल सामान्य बिजनेस से जुड़े कामों के लिए किया जाएगा।
इस लिस्टिंग से आम इन्वेस्टर्स को जियो के डिजिटल बिजनेस में सीधे निवेश करने का मौका मिलेगा। कंपनी की सेवाओं में टेलीकॉम के साथ-साथ डिजिटल सर्विसेज भी शामिल हैं।
क्या Jio IPO पर भरोसा जताएंगे निवेशक?
जियो की लिस्टिंग ऐसे समय में हो रही है, जब निवेशक कंपनियों के वैल्यूएशन को लेकर सतर्क हैं। खासकर टेक्नोलॉजी कंपनियों में पैसा लगाने से पहले वे सोच-समझकर फैसला ले रहे हैं। ऐसे में जियो का IPO शेयर बाजार में बड़े टेक और टेलीकॉम कारोबार की मांग को परखेगा।
IPO से पहले बड़े निवेशकों के पॉजिटिव रिस्पांस ने ध्यान खींचा है। हालांकि, आम निवेशकों की भागीदारी और लिस्टिंग के बाद शेयरों का प्रदर्शन भी अहम होगा। इससे पता चलेगा कि जियो पर निवेशकों का भरोसा कितना मजबूत है।
60-Words Summary:
जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO देश में नया रिकॉर्ड बनाने जा रहा है। कंपनी का IPO 21 अक्टूबर को आम निवेशकों के लिए खुल गया है। इसके जरिए करीब 3.2 अरब डॉलर जुटाने का लक्ष्य है। IPO का प्राइस बैंड ₹1,065 से ₹1,119 तय किया गया है। कुछ दिग्गज निवेशकों ने भी इसमें दिलचस्पी दिखाई है। जियो की मजबूत बाजार पहुंच और करोड़ों यूजर्स इसे खास बनाते हैं। कंपनी का वैल्यूएशन 108.3 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।
