सड़क किनारे खाने-पीने का सामान बेचने वालों के लिए IIT खड़गपुर ने एक नई पहल की है। संस्थान ने सौर ऊर्जा से चलने वाली खास फूड वेंडिंग कार्ट विकसित की है। यह तीन पहियों वाली गाड़ी कई एडवांस्ड फीचर्स से लैस है। इसमें डिजिटल पेमेंट और वेस्ट मैनेजमेंट की सुविधा भी दी गई है।
इसका उद्देश्य स्ट्रीट वेंडर्स का काम आसान करना है। साथ ही, ट्रेडिशनल फूड कार्ट्स को एक आधुनिक स्वरूप देना है।

स्ट्रीट वेंडर्स को स्मार्ट एंटरप्रेन्योर बनाने की तैयारी
IIT खड़गपुर के परिसर में इस प्रोजेक्ट को लॉन्च किया गया। यह ‘नगर उद्यम – स्ट्रीट वेंडर से स्मार्ट उद्यमी तक’ (From Street Vendor to Smart Entrepreneur) पहल का हिस्सा है। इस पहल के जरिए तकनीक की मदद से छोटे कारोबारियों के लिए बेहतर कमाई के अवसर तैयार करने की कोशिश की जा रही है।
सोलर एनर्जी से चलेगी फूड कार्ट
IIT खड़गपुर की यह फूड कार्ट सोलर एनर्जी से चलती है। इसे आसानी से एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जा सकता है। इससे वेंडर्स ग्राहकों की मांग के हिसाब से अपनी जगह बदल सकते हैं। वे एक ही स्थान तक सीमित नहीं रहेंगे।
इस कार्ट में तीन पहिए दिए गए हैं। इससे काम खत्म होने के बाद इसे घर ले जाना आसान होगा। वेंडर्स को अपना सामान रातभर सड़क या किसी पब्लिक प्लेस पर छोड़ने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे वे अपने काम को ज्यादा आसानी से संभाल सकेंगे।
यह मोबाइल फूड कार्ट स्ट्रीट फूड वेंडर्स के लिए खास तौर पर उपयोगी हो सकती है। वे इसे ऑफिस, मार्केट और रेजिडेंशियल एरिया में ले जा सकते हैं। इन जगहों पर ग्राहकों की आवाजाही बनी रहती है।
फूड कार्ट में मिलेंगे कई मॉडर्न फीचर्स
बता दें कि इस फूड कार्ट में डिजिटल पेमेंट की सुविधा दी गई है। इससे कस्टमर कैश के अलावा ऑनलाइन पैमेंट भी कर सकते हैं। इतना ही नहीं, वेंडर्स के लिए भी लेनदेन का रिकॉर्ड रखना आसान होगा।
कार्ट में खाने-पीने की चीजों को दिखाने के लिए खास डिस्प्ले भी दिया गया है। इससे वेंडर्स अपने प्रोडक्ट्स को बेहतर तरीके से लॉन्च कर सकेंगे।
इसमें कचरे को तीन अलग-अलग केटेगरी में बांटने की सुविधा भी है। इससे कचरे को अलग रखना और उसका सही तरीके से प्रबंधन करना आसान हो सकता है।
कुल मिलाकर, इन सुविधाओं का उद्देश्य वेंडर्स और बायर्स दोनों के लिए सेल एक्सपीरियंस को बेहतर बनाना है। साथ ही अधिक बेहतर और इको-फ्रेंडली प्रैक्टिस को बढ़ावा देना है।
SETU प्लेटफॉर्म से जुड़ सकती है फूड कार्ट
IIT खड़गपुर अपनी फूड वेंडिंग कार्ट को ‘SETU क्लाउड किचन कनेक्ट’ प्लेटफॉर्म से जोड़ने की योजना बना रहा है। इसके लिए पहले टेस्टिंग की जाएगी। यह प्लेटफॉर्म वेंडर्स को डिजिटल पहचान और QR कोड की सुविधा देगा। इसके जरिए कैशलेस पेमेंट, ट्रेनिंग और बिजनेस रिकॉर्ड संभालना भी आसान हो सकता है।
इस कनेक्टिविटी से स्ट्रीट वेंडर्स को डिजिटल टूल्स का फायदा मिल सकता है। इससे स्ट्रीट वेंडर्स के लिए तकनीक का इस्तेमाल करना आसान होगा।
IIT खड़गपुर के डायरेक्टर सुमन चक्रवर्ती ने इस प्रोजेक्ट की पहल की है। इस प्रोजेक्ट का लक्ष्य टेक्नोलॉजी की मदद से स्ट्रीट वेंडर्स को बेहतर सुविधाएं देना है।
क्या कम होंगी स्ट्रीट वेंडर्स की मुश्किलें?
भारत के शहरों में स्ट्रीट वेंडर्स की अहम भूमिका है। वे सड़क किनारे खाने-पीने और दूसरी चीजों की बिक्री करते हैं। लेकिन उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इनमें सही जगह मिलना, पेमेंट लेना, साफ-सफाई और बिजनेस संभालना शामिल है।
सोलर एनर्जी से चलने वाली यह फूड कार्ट इन समस्याओं को कम करने की कोशिश है। हालांकि, इसकी सफलता कई बातों पर निर्भर करेगी। यह भी देखना होगा कि वेंडर्स इसे कम खर्च में अपना पाते हैं या नहीं।
अगर यह पहल सफल रहती है, तो स्ट्रीट वेंडिंग को नया रूप मिल सकता है। साथ ही, स्ट्रीट वेंडर्स को सोलर एनर्जी और डिजिटल टूल्स का फायदा मिल सकता है।
60-Words Summary:
IIT खड़गपुर ने स्ट्रीट वेंडर्स के लिए सोलर फूड कार्ट तैयार किया है। यह सौर ऊर्जा से चलेगी। इसमें डिजिटल पेमेंट और वेस्ट मैनेजमेंट की सुविधा मिलेगी। तीन पहियों वाली इस कार्ट को आसानी से कहीं भी ले जाया जा सकता है। इसे SETU डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की भी योजना है। इस पहल का मकसद स्ट्रीट वेंडर्स का काम आसान करना है।
