अमेरिका में फैमिली ट्रिप का सपना एक भारतीय कपल के लिए अधूरा रह गया। छोटे बच्चे के साथ यात्रा की तैयारी कर रहे इस कपल को कांसुलर इंटरव्यू के बाद अमेरिकी टूरिस्ट वीजा देने से इनकार कर दिया गया। हाल ही में, परिवार ने Reddit पर बताया कि एप्लीकेशन रिजेक्ट करने से पहले पति से उसकी पिछली चीन यात्रा के बारे में खास तौर पर सवाल किए।

आइये समझते है क्या है पूरा मामला-
इंटरव्यू में चीन यात्रा को लेकर सवाल
इस बारे में जानकारी देते हुए कपल ने बताया कि वीजा इंटरव्यू में उनसे नौकरी और ट्रेवल प्लान्स के बारे में पूछा गया। उनकी आर्थिक स्थिति और पिछली विदेश यात्राओं पर भी सवाल हुए। परिवार ने अमेरिका की छुट्टियों के लिए करीब ₹15 लाख का बजट रखा था। वे ट्रिप की बुकिंग के लिए ट्रैवल एजेंट की मदद लेने वाले थे।
दंपति ने बताया कि वे पहले ऑस्ट्रेलिया, थाईलैंड, मालदीव और बाली घूम चुके हैं। इंटरव्यू में पति से चीन यात्रा के बारे में भी सवाल किया गया। उन्होंने बताया कि वह काम के सिलसिले में चीन गए थे। उनकी कंपनी का हेडक्वार्टर वहीं स्थित है।
इन जवाबों के बावजूद कपल का वीजा आवेदन खारिज कर दिया गया। उनके मुताबिक, अमेरिका में उनका कोई रिश्तेदार नहीं था। वे वहां होटल में ठहरने की योजना बना रहे थे।
हालांकि, वीजा खारिज होने की सटीक वजह सामने नहीं आई है। Reddit पर साझा की गई जानकारी केवल परिवार का पक्ष बताती है। कांसुलर अधिकारी के पूरे इवैल्यूएशन की जानकारी सार्वजनिक नहीं है।
क्यों रिजेक्ट हो सकता है US टूरिस्ट वीज़ा ?
बता दें कि अमेरिकी B1/B2 वीज़ा बिज़नेस ट्रिप, पर्यटन और कुछ अन्य टेम्पोरी ट्रैवल के लिए जारी किए जाते हैं। एप्लीकेंट्स को यह साबित करना होता है कि वे वीज़ा की शर्तों को पूरा करते हैं और तय समय के बाद अमेरिका से लौट आएंगे।
अमेरिकी कानून की धारा 214(b) के तहत, ज्यादातर एप्लीकेंट्स को तब तक वीज़ा के लिए अयोग्य माना जाता है, जब तक वे यह साबित नहीं कर देते कि वे अस्थायी यात्रा के लिए योग्य हैं। कांसुलर अधिकारी हर आवेदन की अलग-अलग जांच करते हैं। इस दौरान यात्रा का उद्देश्य, आर्थिक स्थिति, नौकरी, पारिवारिक संबंध और अन्य परिस्थितियों पर विचार किया जाता है।
चीन की पिछली यात्रा अपने आप में अमेरिकी वीज़ा रिजेक्ट होने की वजह नहीं है। लेकिन, अधिकारी सभी कंडीशंस को समझने के लिए उसकी पिछली विदेश यात्राओं के बारे में पूछ सकते हैं।
ट्रैवल एजेंट पर निर्भर रहना कितना सही?
बताते चलें कि सिर्फ ट्रैवल एजेंट की मदद लेने से अमेरिकी टूरिस्ट वीज़ा रिजेक्ट नहीं होता। हालांकि, आवेदकों को अपनी ट्रेवल हिस्ट्री की पूरी जानकारी होनी चाहिए। इसमें इटिनररी, अकोमोडेशन और एस्टिमेटेड बजट शामिल हैं।
इंटरव्यू के दौरान आवेदकों को अपनी यात्रा का मकसद स्पष्ट रूप से बताना चाहिए। इसके लिए पूरी तरह ट्रैवल एजेंट पर निर्भर रहने के बजाय, उन्हें खुद सवालों के ईमानदार और सीधे जवाब देने चाहिए।
ऐसे में, अच्छा बजट होना या पहले विदेश यात्रा कर चुके होना भी वीज़ा अप्रूवल की गारंटी नहीं देता। अधिकारी हर आवेदन का आकलन उसकी परिस्थितियों के आधार पर करते हैं।
वीज़ा आवेदन से पहले इन बातों को समझें
कुल मिलाकर, यह मामला बताता है कि वीज़ा इंटरव्यू में कुछ भी तय नहीं होता। इंटरव्यू छोटा हो सकता है और अधिकारी कुछ ही बातों पर सवाल पूछ सकते हैं।
किसी एक व्यक्ति का वीज़ा रिजेक्ट होने का मतलब यह नहीं है कि दूसरे लोगों का वीज़ा भी उसी वजह से रिजेक्ट होगा।
सबसे पहले तो, व्यक्ति को अपने सभी ज़रूरी दस्तावेज़ तैयार रखने चाहिए। उन्हें अपनी इटिनेररी की पूरी जानकारी होनी चाहिए और इंटरव्यू में सच-सच जवाब देने चाहिए।
साथ ही, इंटरनेट पर मिलने वाली हर इनफार्मेशन को वीज़ा नियमों की सही जानकारी नहीं मानना चाहिए।
60-Words Summary:
अमेरिका घूमने का प्लान बना रहे भारतीय कपल को टूरिस्ट वीजा नहीं मिला। छोटे बच्चे के साथ ट्रिप की तैयारी कर रहे इस दंपति का टूरिस्ट वीजा खारिज हो गया। कपल के मुताबिक, इंटरव्यू में पति से चीन यात्रा के बारे में सवाल किए गए। वीजा रिजेक्ट होने की असली वजह सामने नहीं आई है। इस मामले ने अमेरिकी वीजा प्रक्रिया पर फिर चर्चा छेड़ दी है।
