IKEA ने लॉन्च किया सेकंड-हैंड मार्केटप्लेस, 60% तक कम कीमत में मिलेगा फर्नीचर!


Bhawna Mishra

Bhawna Mishra

Oct 08, 2026


IKEA ने लॉन्च किया सेकंड-हैंड मार्केटप्लेस, 60% तक कम कीमत में मिलेगा फर्नीचर!अब पुराना फर्नीचर बेचने या खरीदने के लिए अलग प्लेटफॉर्म खोजने की जरूरत नहीं होगी। IKEA ने हाल ही में अपना सेकंड-हैंड मार्केटप्लेस लॉन्च कर दिया है। यहां कंस्यूमर्स पहले से इस्तेमाल किए गए IKEA फर्नीचर और होम प्रोडक्ट्स को सीधे एक-दूसरे को बेच और खरीद सकेंगे। फिलहाल इस प्लेटफॉर्म का विस्तार यूरोप में किया जा रहा है। इसे हाल ही में UK और आयरलैंड में भी लॉन्च किया गया है।दरअसल IKEA का मकसद इस्तेमाल किए गए प्रोडक्ट्स को कम कीमत पर उपलब्ध कराना है। साथ ही, कंपनी ऐसे फर्नीचर की लाइफ बढ़ाना चाहती है, जिन्हें दोबारा इस्तेमाल न होने पर फेंक दिया जाता है।पुराने IKEA फर्नीचर पर 60% तक की सेविंग्स इस मार्केटप्लेस में कीमत सबसे बड़ा आकर्षण है। IKEA के मुताबिक, यहां मिलने वाले पुराने प्रोडक्ट्स की कीमत नए प्रोडक्ट्स की तुलना में लगभग 60% कम है।बता दें कि यह सुविधा IKEA फैमिली मेंबर्स के लिए उपलब्ध है। वे बिना किसी लिस्टिंग या कमीशन फीस के अपना सही प्रोडक्ट बिक्री के लिए लिस्ट कर सकते हैं। हालांकि, सभी प्रोडक्ट्स को मार्केटप्लेस पर बेचने की अनुमति नहीं है। इसमें मैट्रेस, अप्लायंसेज और खाने-पीने की चीजें शामिल नहीं होंगी।कुछ ही स्टेप्स में बेचें पुराना IKEA फर्नीचर  किसी भी तरह का पुराना IKEA फर्नीचर बेचने के लिए लंबे प्रोसेस से गुजरने की जरूरत नहीं है। कंपनी ने पूरी लिस्टिंग प्रोसेस को काफी आसान बनाया है।सेलर सही IKEA प्रोडक्ट को बस स्कैन कर सकते हैं। इसके बाद सिस्टम खुद प्रोडक्ट डिटेल्स, सजेस्टेड प्राइस, फोटो, मेजरमेंट, असेंबली इंस्ट्रक्शन और केयर डिटेल्स दिखा सकता है। हालांकि, प्रोडक्ट की फाइनल प्राइस तय करने का अधिकार सेलर के पास ही रहेगा।प्रोडक्ट बिकने के बाद पेमेंट बैंक ट्रांसफर या IKEA डिजिटल रिफंड कार्ड के जरिए लिया जा सकता है। रिफंड कार्ड चुनने पर 15% ज्यादा वैल्यू मिलती है।फर्नीचर खरीदने से पहले मिलेंगी ये डिटेल्स सेलर्स के लिए लिस्टिंग आसान है, तो खरीदारों के भी IKEA ने पूरी प्रक्रिया को आसान बनाने का प्रयास किया है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि यूजर्स  को खरीदने से पहले ही प्रोडक्ट के बारे में पूरी डिटेल्स मिल जाती है।लिस्टिंग में ओरिजिनल प्रोडक्ट डिटेल्स, साइज़, असेंबली इंस्ट्रक्शन्स और केयर डिटेल्स शामिल हो सकते हैं। ऐसे में बायर को पता रहता है कि वह क्या खरीद रहा है।वहीं, बायर्स प्लेटफॉर्म पर आइटम रिजर्व करने के बाद सेलर से सीधे जाकर उसे पिकअप कर सकते हैं। IKEA कुछ मार्केट्स में बड़े प्रोडक्ट्स की डिलीवरी के लिए पार्टनर्स के साथ भी टेस्टिंग कर रहा है।बताते चलें कि शुरुआती लॉन्च में बायर प्रोटेक्शन बिना किसी फीस के दी जा रही है। हालांकि, IKEA बाद में कुछ मार्केट्स में इसके लिए चार्ज लेना शुरू कर सकता है।IKEA ने पहले ही शुरू कर दी थी तैयारीIKEA का सेकंड-हैंड मार्केटप्लेस अचानक शुरू किया गया कोई नया आइडिया नहीं है। कंपनी पहले से ही पुराने प्रोडक्ट्स को दोबारा इस्तेमाल में लाने पर काम कर रही है।IKEA ने 2021 में ‘Buy-Back Program’ शुरू किया था। इसमें ग्राहक इस्तेमाल किए गए IKEA प्रोडक्ट्स को स्टोर क्रेडिट के बदले वापस कर सकते थे। इसके बाद इन प्रोडक्ट्स को दोबारा बेचा जा सकता था।इसे बड़े लेवल पर शुरू करने से पहले IKEA ने 2024 में मैड्रिड और ओस्लो में इसका टेस्ट किया था। इसके बाद स्पेन, नॉर्वे, पुर्तगाल, पोलैंड, स्वीडन और बेल्जियम जैसे मार्केट्स में इसका विस्तार किया गया।सेकंड-हैंड फर्नीचर मार्केट में IKEA की बड़ी एंट्रीपिछले कुछ समय से लोग पैसे बचाने के साथ-साथ पुराने सामान को दोबारा इस्तेमाल करने पर भी ध्यान दे रहे हैं। इसी वजह से सेकंड-हैंड प्रोडक्ट्स की डिमांड बढ़ रही है।IKEA के मुताबिक, सेकंड-हैंड होम फर्निशिंग मार्केट में उसके प्रोडक्ट्स की हिस्सेदारी पहले ही करीब 9% है। यानी कंपनी के पास इस मार्केट में इंटरेस्टेड बायर्स का एक बेस पहले से मौजूद है।नए मार्केटप्लेस के साथ IKEA अब सेकंड-हैंड प्रोडक्ट्स के रीसेल मार्केट में एंट्री कर रहा है। फर्नीचर लाइफ बढ़ाने पर IKEA का फोकसनए मार्केटप्लेस के पीछे IKEA की स्ट्रेटेजी सिर्फ  सेल बढ़ाने से आगे की है।  कंपनी चाहती है कि उसके फर्नीचर का इस्तेमाल ज्यादा समय तक हो।इसके लिए पुराने प्रोडक्ट्स को फेंकने के बजाय उन्हें एक घर से दूसरे घर तक पहुंचाने पर फोकस किया जा रहा है। यानी एक ही फर्नीचर को कई लोग अलग-अलग समय पर इस्तेमाल कर सकें।दुनिया भर के घरों में पहले से IKEA के लाखों प्रोडक्ट्स मौजूद हैं। ऐसे में रीसेल बढ़ने के साथ ब्रांड के आसपास सेकंड-हैंड प्रोडक्ट्स का एक बड़ा इकोसिस्टम तैयार हो सकता है।60-Words Summary:IKEA ने सेकंड-हैंड फर्नीचर के लिए नया मार्केटप्लेस लॉन्च किया है। यहां पुराने IKEA प्रोडक्ट्स 60% तक कम कीमत में मिल सकते हैं। IKEA Family मेंबर्स अपने इस्तेमाल किए सामान बेच सकेंगे। कोई लिस्टिंग या कमीशन फीस नहीं होगी। कंपनी ने सेलिंग प्रोसेस भी आसान रखा है। खरीदारों को प्रोडक्ट की कीमत और साइज जैसी जानकारी पहले मिलेगी। फिलहाल यह सुविधा यूरोप के कई देशों में उपलब्ध है।

अब पुराना फर्नीचर बेचने या खरीदने के लिए अलग प्लेटफॉर्म खोजने की जरूरत नहीं होगी। IKEA ने हाल ही में अपना सेकंड-हैंड मार्केटप्लेस लॉन्च कर दिया है। यहां कंस्यूमर्स पहले से इस्तेमाल किए गए IKEA फर्नीचर और होम प्रोडक्ट्स को सीधे एक-दूसरे को बेच और खरीद सकेंगे। फिलहाल इस प्लेटफॉर्म का विस्तार यूरोप में किया जा रहा है। इसे हाल ही में UK और आयरलैंड में भी लॉन्च किया गया है।

दरअसल IKEA का मकसद इस्तेमाल किए गए प्रोडक्ट्स को कम कीमत पर उपलब्ध कराना है। साथ ही, कंपनी ऐसे फर्नीचर की लाइफ बढ़ाना चाहती है, जिन्हें दोबारा इस्तेमाल न होने पर फेंक दिया जाता है।

पुराने IKEA फर्नीचर पर 60% तक की सेविंग्स 

इस मार्केटप्लेस में कीमत सबसे बड़ा आकर्षण है। IKEA के मुताबिक, यहां मिलने वाले पुराने प्रोडक्ट्स की कीमत नए प्रोडक्ट्स की तुलना में लगभग 60% कम है।

बता दें कि यह सुविधा IKEA फैमिली मेंबर्स के लिए उपलब्ध है। वे बिना किसी लिस्टिंग या कमीशन फीस के अपना सही प्रोडक्ट बिक्री के लिए लिस्ट कर सकते हैं। हालांकि, सभी प्रोडक्ट्स को मार्केटप्लेस पर बेचने की अनुमति नहीं है। इसमें मैट्रेस, अप्लायंसेज और खाने-पीने की चीजें शामिल नहीं होंगी।

कुछ ही स्टेप्स में बेचें पुराना IKEA फर्नीचर  

किसी भी तरह का पुराना IKEA फर्नीचर बेचने के लिए लंबे प्रोसेस से गुजरने की जरूरत नहीं है। कंपनी ने पूरी लिस्टिंग प्रोसेस को काफी आसान बनाया है।

सेलर सही IKEA प्रोडक्ट को बस स्कैन कर सकते हैं। इसके बाद सिस्टम खुद प्रोडक्ट डिटेल्स, सजेस्टेड प्राइस, फोटो, मेजरमेंट, असेंबली इंस्ट्रक्शन और केयर डिटेल्स दिखा सकता है। हालांकि, प्रोडक्ट की फाइनल प्राइस तय करने का अधिकार सेलर के पास ही रहेगा।

प्रोडक्ट बिकने के बाद पेमेंट बैंक ट्रांसफर या IKEA डिजिटल रिफंड कार्ड के जरिए लिया जा सकता है। रिफंड कार्ड चुनने पर 15% ज्यादा वैल्यू मिलती है।

फर्नीचर खरीदने से पहले मिलेंगी ये डिटेल्स 

सेलर्स के लिए लिस्टिंग आसान है, तो खरीदारों के भी IKEA ने पूरी प्रक्रिया को आसान बनाने का प्रयास किया है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि यूजर्स  को खरीदने से पहले ही प्रोडक्ट के बारे में पूरी डिटेल्स मिल जाती है।

लिस्टिंग में ओरिजिनल प्रोडक्ट डिटेल्स, साइज़, असेंबली इंस्ट्रक्शन्स और केयर डिटेल्स शामिल हो सकते हैं। ऐसे में बायर को पता रहता है कि वह क्या खरीद रहा है।

वहीं, बायर्स प्लेटफॉर्म पर आइटम रिजर्व करने के बाद सेलर से सीधे जाकर उसे पिकअप कर सकते हैं। IKEA कुछ मार्केट्स में बड़े प्रोडक्ट्स की डिलीवरी के लिए पार्टनर्स के साथ भी टेस्टिंग कर रहा है।

बताते चलें कि शुरुआती लॉन्च में बायर प्रोटेक्शन बिना किसी फीस के दी जा रही है। हालांकि, IKEA बाद में कुछ मार्केट्स में इसके लिए चार्ज लेना शुरू कर सकता है।

IKEA ने पहले ही शुरू कर दी थी तैयारी

IKEA का सेकंड-हैंड मार्केटप्लेस अचानक शुरू किया गया कोई नया आइडिया नहीं है। कंपनी पहले से ही पुराने प्रोडक्ट्स को दोबारा इस्तेमाल में लाने पर काम कर रही है।

IKEA ने 2021 में ‘Buy-Back Program’ शुरू किया था। इसमें ग्राहक इस्तेमाल किए गए IKEA प्रोडक्ट्स को स्टोर क्रेडिट के बदले वापस कर सकते थे। इसके बाद इन प्रोडक्ट्स को दोबारा बेचा जा सकता था।

इसे बड़े लेवल पर शुरू करने से पहले IKEA ने 2024 में मैड्रिड और ओस्लो में इसका टेस्ट किया था। इसके बाद स्पेन, नॉर्वे, पुर्तगाल, पोलैंड, स्वीडन और बेल्जियम जैसे मार्केट्स में इसका विस्तार किया गया।

सेकंड-हैंड फर्नीचर मार्केट में IKEA की बड़ी एंट्री

पिछले कुछ समय से लोग पैसे बचाने के साथ-साथ पुराने सामान को दोबारा इस्तेमाल करने पर भी ध्यान दे रहे हैं। इसी वजह से सेकंड-हैंड प्रोडक्ट्स की डिमांड बढ़ रही है।

IKEA के मुताबिक, सेकंड-हैंड होम फर्निशिंग मार्केट में उसके प्रोडक्ट्स की हिस्सेदारी पहले ही करीब 9% है। यानी कंपनी के पास इस मार्केट में इंटरेस्टेड बायर्स का एक बेस पहले से मौजूद है।

नए मार्केटप्लेस के साथ IKEA अब सेकंड-हैंड प्रोडक्ट्स के रीसेल मार्केट में एंट्री कर रहा है। 

फर्नीचर लाइफ बढ़ाने पर IKEA का फोकस

नए मार्केटप्लेस के पीछे IKEA की स्ट्रेटेजी सिर्फ  सेल बढ़ाने से आगे की है।  कंपनी चाहती है कि उसके फर्नीचर का इस्तेमाल ज्यादा समय तक हो।

इसके लिए पुराने प्रोडक्ट्स को फेंकने के बजाय उन्हें एक घर से दूसरे घर तक पहुंचाने पर फोकस किया जा रहा है। यानी एक ही फर्नीचर को कई लोग अलग-अलग समय पर इस्तेमाल कर सकें।

दुनिया भर के घरों में पहले से IKEA के लाखों प्रोडक्ट्स मौजूद हैं। ऐसे में रीसेल बढ़ने के साथ ब्रांड के आसपास सेकंड-हैंड प्रोडक्ट्स का एक बड़ा इकोसिस्टम तैयार हो सकता है।

60-Words Summary:

IKEA ने सेकंड-हैंड फर्नीचर के लिए नया मार्केटप्लेस लॉन्च किया है। यहां पुराने IKEA प्रोडक्ट्स 60% तक कम कीमत में मिल सकते हैं। IKEA Family मेंबर्स अपने इस्तेमाल किए सामान बेच सकेंगे। कोई लिस्टिंग या कमीशन फीस नहीं होगी। कंपनी ने सेलिंग प्रोसेस भी आसान रखा है। खरीदारों को प्रोडक्ट की कीमत और साइज जैसी जानकारी पहले मिलेगी। फिलहाल यह सुविधा यूरोप के कई देशों में उपलब्ध है।


Bhawna Mishra
Bhawna Mishra
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She is a seasoned writer with a passion for Storytelling and a keen interest in diverse topics. With 2.5 years of experience, she excels in writing about Tech, Sports, Entertainment, and various Niche topics. Bhawna holds a Postgraduate Degree in Journalism and Mass Communication from St Wilfred’s College of Jaipur.

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