रेडिट यूजर्स के लिए जल्द नए नियम लागू हो सकते हैं।अब पोस्ट और कंटेंट देखने के लिए लॉग-इन करना जरूरी होगा। कंपनी के इस फैसले की दो बड़ी वजहें हैं। पहली, सर्च इंजन से रेडिट पर आने वाला ट्रैफिक घट रहा है। दूसरी, बिना अनुमति प्लेटफॉर्म का डेटा इस्तेमाल किया जा रहा है।
रेडिट के CEO स्टीव हफ़मैन ने 29 अक्टूबर 2026 को इस बदलाव की घोषणा की। यह ऐलान कंपनी के तीसरे क्वार्टर की अर्निंग अपडेट के दौरान हुआ।

रेडिट के सर्च ट्रैफिक में हर हफ्ते 10 लाख की कमी
रेडिट को सर्च इंजन से मिलने वाले ट्रैफिक में बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। कंपनी के मुताबिक, अक्टूबर में हर हफ्ते एवरेज 10 लाख से ज्यादा सर्च रेफरल कम हुए।
इसकी एक बड़ी वजह AI-बेस्ड सर्च रिजल्ट हैं। ये यूजर्स को वेबसाइट पर भेजने के बजाय सीधे उनके सवालों के जवाब देते हैं।
रेडिट ने चेतावनी दी है कि अगर ट्रैफिक में गिरावट का यह सिलसिला जारी रहा, तो अगले क्वार्टर में डेली एक्टिव यूनिक विजिटर्स की संख्या भी कम हो सकती है।
जहां तीसरे क्वार्टर में रेडिट के डेली एक्टिव यूजर्स 130.3 मिलियन थे। वहीं, कंपनी को चौथे क्वार्टर में इस संख्या में दो अंकों की गिरावट की आशंका है।
अमेरिका में कमजोर पड़ा रेडिट का यूजर बेस
बता दें कि अमेरिका में भी रेडिट के डेली एक्टिव यूजर्स कम हुए हैं। दूसरे क्वार्टर में यह डेटा 53.2 मिलियन था। वही तीसरे क्वार्टर में यह घटकर 50.7 मिलियन रह गया।
पिछले साल की तुलना में इसमें 2% की गिरावट आई। हालांकि, दुनियाभर में रेडिट के डेली एक्टिव यूजर्स का आंकड़ा 130.3 मिलियन पर स्थिर रहा।
ट्रैफिक में कमी के बावजूद कंपनी की कमाई में अच्छी बढ़ोतरी हुई। तीसरी तिमाही में रेडिट का रेवेन्यू 53% बढ़कर 895 मिलियन डॉलर पहुंच गया।
ऐड से होने वाली कमाई 54% बढ़कर 847 मिलियन डॉलर रही। वहीं, डेटा लाइसेंसिंग और अन्य सोर्स से 48 मिलियन डॉलर का रेवेन्यू मिला। इसमें पिछले साल की तुलना में 35% की बढ़त दर्ज की गई है।
लॉग-इन से रेडिट को होंगे ये दो फायदे
रेडिट के मुताबिक, लॉग-इन यूजर्स प्लेटफॉर्म पर ज्यादा एक्टिव रहते हैं। उनकी एक्टिविटी से कंपनी को उनकी पसंद समझने में मदद मिलती है। इससे यूजर्स की फीड को बेहतर बनाया जा सकता है। साथ ही, ऐड भी उनके इंटरेस्ट के अनुसार दिखाए जा सकते हैं।
कंपनी अपने पोस्ट और डिस्कशन की अनधिकृत डेटा स्क्रैपिंग पर भी रोक लगाना चाहती है। रेडिट का डेटा AI डेवलपर्स के लिए काफी उपयोगी है। ऐसे में कंपनी इसके गलत इस्तेमाल को रोकने पर जोर दे रही है।
हालांकि, रेडिट अपने डेटा की लाइसेंसिंग जारी रखेगा। इसके तहत कंपनी दूसरी कंपनियों के साथ बिजनेस एग्रीमेंट करेगी। रेडिट का कहना है कि इन डील्स में यूजर्स और कंपनी, दोनों की सुरक्षा का ध्यान रखा जाएगा।
बिना लॉग-इन भी जारी रहेगी कुछ सुविधाएं
रेडिट ने फिलहाल ये तय नहीं किया है कि लॉग-इन और बिना लॉग-इन यूजर्स को क्या फीचर्स मिलेंगे। कंपनी के मुताबिक, बिना अकाउंट के भी होम पेज देखने की सुविधा जारी रहेगी।
सबसे पहले तो, यूजर्स सर्च रिजल्ट या शेयर किए गए लिंक के जरिए भी पोस्ट देख सकेंगे।
रेडिट के CEO स्टीव हफ़मैन ने बताया कि कंपनी अपने इन-ऐप ‘इनकॉग्निटो मोड’ को भी नया रूप दे रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस अपडेट का उद्देश्य यूजर्स की रियल आइडेंटिटी को रिवील करना बिल्कुल नहीं है।
यह रेडिट के लिए एक बड़ा बदलाव होगा। अब तक कंपनी सर्च इंजन के जरिए आने वाले विजिटर्स पर काफी हद तक निर्भर रही है।
इन शुरुआती टेस्ट्स से रेडिट को यह समझ आएगा कि लॉग-इन बेस्ड सिस्टम को ग्लोबली कैसे लागू किया जाए।
60-Words Summary:
रेडिट जल्द पोस्ट और कंटेंट देखने के लिए लॉग-इन अनिवार्य कर सकता है। कंपनी के CEO स्टीव हफ़मैन ने इसकी घोषणा की है। इस बदलाव की दो बड़ी वजहें हैं। पहली, सर्च इंजन से मिलने वाले ट्रैफिक में गिरावट और दूसरी, डेटा की अनधिकृत स्क्रैपिंग। नए नियमों से रेडिट को यूजर्स की पसंद समझने और ऐड टारगेट करने में मदद मिलेगी। बिना अकाउंट के भी कुछ सुविधाएं मिलती रहेंगी।
