राजस्थान के वरिष्ठ IAS अधिकारी शिखर अग्रवाल और उनकी IPS अधिकारी पत्नी प्रशाखा माथुर से जुड़ा एक संपत्ति सौदा चर्चा में है। दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट के बाद यह लेनदेन जांच के दायरे में आ गया है। रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर 2023 में उदयपुर के बुझड़ा स्थित अनंता रिसॉर्ट में 20 कॉटेज खरीदे गए थे। इसके बाद संपत्ति बेचने वाली कंपनी के साथ लीज एग्रीमेंट भी किया गया।
पिछले कुछ समय से यह प्रॉपर्टी डील चर्चा में है। रिपोर्ट के अनुसार, परिवार ने करीब ढाई साल में कई रिसॉर्ट संपत्तियां खरीदीं। फिर इन्हें उसी कंपनी को लीज पर दे दिया। इससे परिवार को हर साल अच्छी-खासी किराये की आय होने लगी। आइए समझते है क्या है पूरा मामला-

सितंबर 2023 में 20 कॉटेज का रजिस्ट्रेशन
रिपोर्ट के अनुसार, उदयपुर के बुझड़ा स्थित अनंता रिसॉर्ट में 20 कॉटेज का रजिस्ट्रेशन 29 सितंबर 2023 को हुआ था। यह प्रक्रिया बारापाल सब-रजिस्ट्रार ऑफिस में पूरी की गई।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि IAS अधिकारी शिखर अग्रवाल और उनकी पत्नी, IPS अधिकारी प्रशाखा माथुर ने इनमें से 10 कॉटेज खरीदे। हर कॉटेज की कीमत करीब ₹15 लाख बताई गई है। वहीं, सभी 20 कॉटेज की टोटल वैल्यू लगभग ₹3 करोड़ थी।
बता दें कि ये प्रॉपर्टीज गोयल फैशन प्राइवेट लिमिटेड से खरीदी गई थीं। यह कंपनी अनंता हॉस्पिटैलिटी ब्रांड से जुड़ी है।
कॉटेज से हर साल ₹80 लाख की इनकम
रिपोर्ट के आगे बताया गया कि परिवार ने 20 कॉटेज खरीदने के बाद उन्हें वापस गोयल फैशन प्राइवेट लिमिटेड को लीज पर दे दिया। हर कॉटेज का सालाना किराया करीब ₹4 लाख बताया गया है।
इस हिसाब से 20 कॉटेज से हर साल कुल ₹80 लाख की किराये की आय हो सकती है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि खरीद और लीज से जुड़े डाक्यूमेंट्स एक ही दिन रजिस्टर किए गए थे। इस तरह की व्यवस्था को सेल-एंड-लीजबैक कहा जाता है। इसमें बायर प्रॉपर्टी का ओनर बन जाता है। जबकि सेलर उसे लीज पर लेकर अपने बिजनेस में इस्तेमाल जारी रख सकता है।
परिवार ने खरीदे 40 विला और कॉटेज
उदयपुर में हुई खरीद परिवार के प्रॉपर्टी निवेश का इकलौता मामला नहीं है। बताया जा रहा है कि मार्च 2026 में परिवार के सदस्यों ने अलवर के अजबगढ़ स्थित अनंता रिसॉर्ट में 20 और विला खरीदे।
रिपोर्ट के मुताबिक, ये विला भी गोयल फैशन प्राइवेट लिमिटेड से खरीदे गए। बाद में इन्हें वापस उसी कंपनी को लीज पर दे दिया गया। हर विला का सालाना किराया करीब ₹5 लाख बताया गया है।
उदयपुर और अलवर की खरीद को मिलाकर परिवार ने कुल 40 विला और कॉटेज खरीदे। इनकी कुल कीमत करीब ₹6.16 करोड़ बताई गई है। वहीं, इन संपत्तियों से हर साल लगभग ₹1.80 करोड़ की लीज आय होने का दावा किया गया है।
प्रॉपर्टी रिटर्न में गड़बड़ी पर क्या बोले अग्रवाल
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट में अधिकारियों के इम्मूवेबल प्रॉपर्टी रिटर्न (IPR) में संपत्तियों की जानकारी दर्ज होने को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, शिखर अग्रवाल ने अपने रिटर्न में 14 संपत्तियों का जिक्र किया है। वहीं, प्रशाखा माथुर के दाखिल रिटर्न में किसी संपत्ति का विवरण नहीं मिला। ऐसा तब है, जब रिपोर्ट में उनके नाम पर प्रॉपर्टी खरीदे जाने की बात कही गई है।
इस पर अग्रवाल ने बताया कि उनके परिवार ने अपने रिटर्न में इन खरीदारी की जानकारी दी थी। उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी की संपत्तियों से जुड़ी जानकारी गलती से किसी दूसरे हिस्से में दर्ज हो गई थी। उनके मुताबिक, बच्चों ने अपनी संपत्तियां स्वतंत्र रूप से खरीदी थीं।
हालांकि, रिटर्न में जानकारी का अंतर होना नियमों के उल्लंघन का सबूत नहीं है। इसकी पुष्टि के लिए डाक्यूमेंट्स और सरकारी रिकॉर्ड की जांच जरूरी है।
रिसॉर्ट डील में किन बातों पर उठे सवाल?
कुल मिलाकर, यह मामला रिसॉर्ट प्रॉपर्टी खरीदने और उन्हें लीज पर देने की व्यवस्था को सामने लाता है। इसमें मालिक संपत्ति से किराये की आय हासिल करते हैं। वहीं, हॉस्पिटैलिटी कंपनी उन संपत्तियों का इस्तेमाल अपना कारोबार चलाने के लिए जारी रख सकती है।
इस मामले में रिपोर्ट ने तीन अहम पहलुओं पर सवाल उठाए हैं। इनमें कितनी संपत्तियां खरीदी गई, उनसे कितना रेवेन्यू हुआ और IPR में क्या जानकारी दी गई, जैसे सवाल शामिल हैं।
हालांकि, इन सवालों के आधार पर किसी नियम के उल्लंघन की पुष्टि नहीं की जा सकती। इसकी पुष्टि के लिए संबंधित दस्तावेजों और सरकारी रिकॉर्ड की जांच जरूरी है।
60-Words Summary:
IAS अधिकारी शिखर अग्रवाल और उनकी IPS पत्नी प्रशाखा माथुर की प्रॉपर्टी डील चर्चा में है। रिपोर्ट के अनुसार, परिवार ने उदयपुर और अलवर में 40 कॉटेज और विला खरीदे। इनकी कीमत करीब ₹6.16 करोड़ बताई गई है। बाद में इन्हें उसी कंपनी को लीज पर दे दिया गया। इससे सालाना ₹1.80 करोड़ की किराये की आय का दावा है। IPR में संपत्तियों की जानकारी को लेकर भी सवाल उठे हैं।
