EaseMyTrip अब सिर्फ फ्लाइट और होटल बुक करने तक सीमित नहीं रहेगी। हाल ही में कंपनी ने इलेक्ट्रिक बसों के बिजनेस में भी कदम रखा है। इसकी शुरुआत भोपाल से हुई है। यहां EaseMyTrip ने अपनी पहली इलेक्ट्रिक बसें शुरू की हैं।
EaseMyTrip की इलेक्ट्रिक मोबिलिटी ब्रांच ‘Easy Green Mobility’ (EMTev) ने यह पहल की है। इसे कंपनी के ‘विज़न 2030’ रोडमैप के तहत लॉन्च किया गया है। कंपनी ने आगे के लिए बड़ा लक्ष्य रखा है।
वह भविष्य में हर साल 5,000 इलेक्ट्रिक बसों के निर्माण की क्षमता विकसित करना चाहती है।

भोपाल से शुरू हुआ EMTev का मोबिलिटी प्लान
भोपाल में इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत EMTev के प्लान का पहला कदम है। कंपनी मैन्युफैक्चरिंग से लेकर फ्लीट ऑपरेशन्स और सर्विस सपोर्ट तक एक पूरा इलेक्ट्रिक मोबिलिटी बिजनेस तैयार करना चाहती है।
इसके लिए कंपनी बसों में इस्तेमाल होने वाले पार्ट्स को धीरे-धीरे लोकल लेवल पर तैयार करने की योजना बना रही है।
इससे देश में इलेक्ट्रिक बसों की मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
EMTev की ऑपरेटिंग यूनिट YOLOBus को बस संचालन का पहले से अनुभव है। कंपनी दक्षिण भारत के कई बाजारों में ट्रडिशनल इंटरसिटी बसें चला चुकी है।
350 किमी रेंज वाली इलेक्ट्रिक बस लॉन्च
बता दें कि EMTev के शुरुआती इलेक्ट्रिक बस पोर्टफोलियो में 12-मीटर की सीटर कोच शामिल है। इसमें ड्राइवर के अलावा 45 पैसेंजर्स के बैठने की जगह है।
बस में 423.9 kWh की लिथियम आयरन फॉस्फेट बैटरी दी गई है। इसमें परमानेंट मैग्नेट सिंक्रोनस मोटर का इस्तेमाल किया गया है।
कंपनी के मुताबिक, यह बस एक बार फुल चार्ज होने पर 350 किमी तक चल सकती है। इसकी टॉप स्पीड 100 किमी प्रति घंटा तक है।
फीचर्स की बात करें तो इसमें एयर सस्पेंशन दिया गया है। साथ ही, इलेक्ट्रो-हाइड्रोलिक पावर स्टीयरिंग भी मिलती है।
फास्ट चार्जिंग के साथ एडवांस सेफ्टी सिस्टम
फीचर्स की बात करें तो इस इलेक्ट्रिक बस में लिक्विड-कूल्ड बैटरी टेक्नोलॉजी दी गई है। यह डुअल-गन कॉन्फिगरेशन के जरिए फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है।
सेफ्टी के लिए इसमें इलेक्ट्रॉनिक ब्रेकिंग और इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल सिस्टम दिया गया है। इससे ड्राइविंग के दौरान बेहतर कंट्रोल में मदद मिल सकती है।
इसके अलावा, बस और बैटरी से जुड़े डेटा पर नजर रखने के लिए कैमरा-बेस्ड मॉनिटरिंग का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। EMTev आगे AI-इनेबल्ड ड्राइवर मॉनिटरिंग और ब्लाइंड-स्पॉट डिटेक्शन जैसी टेक्नोलॉजी पर काम कर रही है।
कंपनी के लॉन्ग-टर्म टेक्नोलॉजी रोडमैप में एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम भी शामिल हैं।
हर साल 5,000 इलेक्ट्रिक बसें बनाने का लक्ष्य
EaseMyTrip अगले पांच सालों में हर साल 5,000 इलेक्ट्रिक बसें बनाने की क्षमता विकसित करना चाहती है। यह लक्ष्य कंपनी की ‘विज़न 2030′ स्ट्रेटेजी का हिस्सा है।
कंपनी का फोकस सिर्फ बस मैन्युफैक्चरिंग तक सीमित नहीं है। वह इलेक्ट्रिक बस मैन्युफैक्चरिंग के साथ फ्लीट ऑपरेशन्स और सर्विस सपोर्ट का नेटवर्क भी तैयार करने की योजना बना रहा है।
इसके साथ ही, EMTev इलेक्ट्रिक वाहनों में इस्तेमाल होने वाले पार्ट्स की सोर्सिंग और मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने पर भी काम कर रही है।
शहर और इंटरसिटी रूट्स पर फोकस
बताते चलें कि फिलहाल अब कंपनी इन इलेक्ट्रिक बसों को सिटी और इंटरसिटी रूट्स पर उतारने की तैयारी कर रही है। EMTev का फोकस लंबी रेंज वाली बैटरी पर है। कंपनी फास्ट चार्जिंग और सेफ्टी फीचर्स पर भी ध्यान दे रही है।
कंपनी ऑपरेटिंग कॉस्ट कम रखना चाहती है। इसके लिए, सामान्य बसों के मुकाबले कम खर्च वाली टेक्नोलॉजी पर काम किया जा रहा है।
YOLO Bus को बस ऑपरेशन्स का अच्छा-खासा एक्सपीरियंस है। ऐसे में कंपनी को उम्मीद है कि यह एक्सपीरियंस उसके इलेक्ट्रिक मोबिलिटी बिजनेस को आगे बढ़ाने में मदद करेगा।
EaseMyTrip का EV विस्तार
इलेक्ट्रिक बसों के साथ ‘EaseMyTrip’ अपने बिजनेस का दायरा बढ़ा रही है। कंपनी अब ट्रैवल बुकिंग से आगे इलेक्ट्रिक मोबिलिटी पर भी फोकस कर रही है। इस समय, कंपनी का फोकस भारत के बढ़ते इलेक्ट्रिक कमर्शियल मोबिलिटी मार्केट पर है।
शुरुआत में कंपनी इलेक्ट्रिक बसों की डिलीवरी पूरी करने पर ध्यान देगी। इसके साथ ही, मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस और ऑपरेशन्स के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर भी डिजाइन किया जाएगा।
