हाल ही में भारत और अमेरिका के बीच नया ट्रेड एग्रीमेंट हुआ है। यह डील इंडियन एक्सपोर्टर्स के लिए बेहद फायदेमंद साबित होने वाली है। इसके तहत अमेरिका ने इंडियन गुड्स पर टैरिफ कम किया गया है। जिससे एक्सपोर्टर्स को सीधा फायदा मिलेगा।

इतना ही नहीं, इस समझौते से भारत अब कई देशों की तुलना में आगे निकल गया है। इसमें पाकिस्तान, चीन और बांग्लादेश जैसे पड़ोसी देश शामिल हैं। इसके पीछे तीन बड़े कारण हैं। आइए जानते हैं-
1. अमेरिका में कम टैरिफ से भारत को फायदा
इस ट्रेड डील के तहत, अमेरिका में भारत पर टैरिफ घटकर करीब 18% रह गया है। यह टैरिफ रेट कई पड़ोसी देशों से कम है। रॉयटर्स के मुताबिक पाकिस्तान और चीन पर टैरिफ 19 से 20% या उससे ज्यादा है। कम टैरिफ का मतलब है- किफायती इंडियन गुड्स। इससे अमेरिका जैसे बड़े कंज्यूमर मार्केट में भारत की पकड़ मजबूत होगी।
अमेरिकी टैरिफ कम होने से भारतीय सामान सस्ते होंगे। ये प्रोडक्ट पाकिस्तान, चीन और बांग्लादेश से सस्ते पड़ेंगे। अमेरिकन बायर्स के लिए भारत ज्यादा आकर्षक बनेगा। एक्सपोर्ट बढ़ने की उम्मीद है। भारत का मार्केट शेयर मजबूत हो सकता है। टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग और केमिकल सेक्टर को फायदा मिलेगा।
2. इंडियन एक्सपोर्ट को मिलेगी नई रफ़्तार
इस फैसले के बाद भारत के निर्यातकों के लिए व्यापार के नए अवसर खुलेंगे। अन्य विकासशील देशों की तुलना में कम टैरिफ रेट भारत में विदेशी निवेश (FDI) लाने में मदद करेंगी। इससे ग्लोबल बायर्स के साथ संबंध मजबूत होंगे। लो ट्रेड बैरियर के कारण मल्टीनेशनल कंपनियों के लिए प्रॉफिट का अनुमान लगाना आसान हो गया है। यही वजह है कि बड़ी कंपनियां भारत को ज्यादा ऑर्डर दे रही हैं। इससे भारत ग्लोबल सप्लाई चेन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन रहा है।
देखा जाए तो यह बदलाव ऐसे समय में आया है, जब बड़ी कंपनियां अपनी सप्लाई चेन बदल रही हैं। कई कंपनियां अब चीन पर कम निर्भर रहना चाहती हैं। ऐसे में भारत एक बेहतर विकल्प बनकर उभरा है। कम टैरिफ से भारत को फायदा मिला है। अमेरिकी कंपनियां अब भारत से ज्यादा प्रोडक्ट्स इम्पोर्ट कर रही हैं। ऐसे में भारत एशिया में एक मजबूत एक्सपोर्ट सेंटर बनकर सामने आ रहा है।
3. भारत-अमेरिका रिश्ते होंगे मजबूत
यह ट्रेड डील सिर्फ टैरिफ तक ही सीमित नहीं है। यह भारत और अमेरिका के मजबूत रिश्तों को दिखाती है। दोनों देशों के बीच भरोसा बढ़ रहा है। आर्थिक सहयोग भी मजबूत हो रहा है। इससे भविष्य में अमेरिकी कंपनियों का भरोसा भारत पर बढ़ेगा। वे भारतीय सप्लायर्स को प्राथमिकता दे सकती हैं। यह भारत को पाकिस्तान और बांग्लादेश की तुलना में अलग बनाता है।
इसके अलावा, भारत ने US इम्पोर्ट्स के लिए भी नियम आसान किए हैं। जिससे दोनों देशों को मार्केट में बराबर फायदा मिलेगा। फिलहाल चीन, पाकिस्तान और अन्य पड़ोसी देशों के साथ ऐसी साझेदारी नहीं है। इंडिया के साथ अमेरिका का तालमेल अलग और मजबूत है। जिससे इससे निर्यात बढ़ेगा। निवेश भी बढ़ने की उम्मीद है।
Summary:
भारत और अमेरिका के नए ट्रेड एग्रीमेंट से भारतीय निर्यातकों को बड़ा फायदा मिलेगा। अमेरिका ने भारतीय सामान पर टैरिफ कम हैं। इससे भारत की स्थिति चीन, पाकिस्तान और बांग्लादेश से बेहतर हुई है। कम टैरिफ से निर्यात बढ़ेगा। विदेशी निवेश को बढ़ावा मिलेगा। ग्लोबल कंपनियां भारत को सप्लाई चेन का अहम हिस्सा बना रही हैं। इससे भविष्य में भारत-अमेरिका के रिश्ते और भी मजबूत होंगे।
