मशहूर टेक दिग्गज और वेंचर कैपिटलिस्ट Vinod Khosla ने भारत के लिए अहम चेतावनी दी है। उनका कहना है कि अगले पांच साल भारतीय जॉब मार्केट के लिए काफी मुश्किल होने वाले है। इसके पीछे का मुख्य कारण है- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)। उन्होंने बताया कि AI के कारण IT और BPO जॉब्स ‘लगभग पूरी तरह से गायब’ हो सकती हैं।

AI एजेंट्स से बदलेंगे पुराने बिज़नेस मॉडल
विनोद खोसला का यह बयान इंडिया ‘AI इम्पैक्ट समिट 2026’ (India AI Impact Summit 2026) से कुछ समय पहले आया है। Sun Microsystems के को-फाउंडर और खोसला वेंचर्स (Khosla Ventures) के फाउंडर खोसला ने कहा कि AI अब केवल ऑटोमेशन तक सीमित रहा। आने वाले समय में AI कई सेक्टर्स में इंसानों से बेहतर परफॉर्म कर सकता है। AI एजेंट्स मुश्किल से मुश्किल काम भी आसानी से कर सकेंगे। ऐसे में IT और BPO सेक्टर के पुराने बिज़नेस मॉडल पूरी तरह बदल सकते हैं।
AI से व्हाइट-कॉलर जॉब्स पर खतरा
इंडियन-अमेरिकन बिजनेसमैन विनोद खोसला का मानना है कि AI अब व्हाइट-कॉलर सर्विसेज में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। AI अब सिस्टम अकाउंटिंग, लीगल रिसर्च और मेडिकल डायग्नोसिस से लेकर चिप डिजाइनिंग जैसे काम भी आसानी से कर सकता हैं। इन सभी सेक्टर्स में दुनिया भर के कर्मचारियों से आउटसोर्स किया जाता है। ऐसे में AI के बढ़ते प्रयोग से IT और BPO सेक्टर प्रभावित हो सकते हैं।
उन्होंने रिपोर्टर्स से बात करते हुए बताया कि अगले पांच सालों में AI इंसानों से कई बेहतर काम कर सकेगा। ऐसे में ह्यूमन स्पेशलिस्ट्स की जॉब्स खतरे में आ सकती है।
AI के दौर में बदलता जॉब मार्केट
भारत के IT और BPO सेक्टर ने लाखों नौकरियां दी हैं। यह सेक्टर्स मुख्य रूप से ग्लोबल क्लाइंट्स के लिए सर्विस प्रोवाइडर के तौर पर काम करते है। ऐसे में विनोद खोसला ने सलाह दी है कि यूथ वर्कर्स को AI-ड्रिवन प्रोडक्ट्स बनाने पर ध्यान देना चाहिए।
AI से सस्ती शिक्षा और बेहतर इलाज
विनोद खोसला का अनुमान चिंताजनक जरूर है। हालांकि इसमें एक अच्छी खबर भी है। उम्मीद है कि AI की मदद से ज़रूरी सर्विसेज का खर्च काफी कम हो जाएगा। सबसे पहले तो कम खर्च में बेहतरीन इलाज संभव होगा। शिक्षा आम लोगों तक आसानी से पहुंच सकेगी। सभी लोग भी इसका फायदा उठा सकेंगे। सही नीतियां बनाना सबसे जरूरी है। ऐसी पॉलिसी जो लोगों की जॉब्स न छीनें। बल्कि उन्हें अपस्किलिंग में मदद करें। तभी AI से सभी के लिए फायदेमंद साबित होगा।
AI को लेकर बहस जारी
इस मुद्दे पर इंडस्ट्री लीडर्स और एनालिस्ट्स ने अलग-अलग राय दी है। जहां कुछ एक्सपर्ट्स का कहना है कि AI नौकरियां खत्म नहीं करेगा। बल्कि नई नौकरियां लाएगा। खासकर IT सेक्टर में जहां ह्यूमन क्रिएटिविटी अब भी जरूरी है। हालांकि इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता कि AI तेजी से ग्रो कर रहा है। ऐसे में क्रिएटिविटी और AI के बीच बैलेंस बनाना बहुत जरूरी है।
60 Word Summary:
टेक दिग्गज विनोद खोसला ने बड़ी चेतावनी दी है। उनका कहना है कि अगले पांच साल जॉब मार्केट के लिए कठिन होंगे। AI से IT और BPO सेक्टर प्रभावित हो सकते हैं। कई व्हाइट-कॉलर नौकरियां खतरे में हैं। बदलते दौर में युवाओं को नई स्किल सीखनी होंगी। AI से ट्रीटमेंट और एजुकेशन सस्ती हो सकती है। सही पॉलिसी और अपस्किलिंग बेहद जरूरी है।
