अब एक शहर से दूसरे राज्य में अपनी गाड़ी ले जाना बेहद आसान होने वाला है। केंद्र सरकार जल्द ही राज्यों के बीच वाहन ट्रांसफर के लिए एनओसी (NOC) की अनिवार्यता खत्म कर सकती है। बता दें कि यह सिफारिश नीति आयोग द्वारा गठित एक हाई-लेवल कमेटी ने की है। इस बदलाव से उन लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। जो जॉब या किसी और कारणों से दूसरे राज्यों में शिफ्ट होते हैं।
ऐसे में अब पुरानी कार या बाइक बेचने की जरूरत नहीं पड़ेगी। कागजी कार्रवाई कम होने से यह पूरी प्रक्रिया अब पहले से कहीं ज्यादा आसान हो जाएगी।

दूसरे राज्य में गाड़ी ले जाने से पहले NOC अनिवार्य
फिलहाल, एक स्टेट से दूसरे स्टेट में वाहन ट्रांसफर करना आसान नहीं है। किसी ही शहर में रजिस्ट्रेशन के लिए पुराने आरटीओ (RTO) से NOC लेना अनिवार्य है। यह NOC सर्टिफिकेट साबित करता है कि व्हीकल पर कोई टैक्स या चालान बकाया नहीं है।
कही भी री-रजिस्ट्रेशन के लिए कई डॉक्यूमेंट्स भी जमा करने होते हैं। इनमें रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, टैक्स रिसीप्ट और फिटनेस सर्टिफिकेट शामिल हैं। इस पूरी प्रक्रिया में RTO के बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं। कई बार तो इस प्रक्रिया को पूरा होने में हफ्तों का समय लग जाता हैं।
VAHAN डेटाबेस से मिलेगा डिजिटल क्लियरेंस
इस कमेटी ने NOC के मौजूदा सिस्टम में बदलाव का सुझाव दिया है। इसकी जगह ऑटोमैटिक डिजिटल क्लियरेंस सिस्टम लागू करने का प्रस्ताव दिया गया है। ऐसे में अब सब कुछ सेंट्रलाइज़्ड ‘VAHAN’ पोर्टल पर आधारित होगा। इस डेटाबेस में आपकी गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर और चालान रिकॉर्ड पहले से मौजूद होते हैं।
इसके जरिए देशभर के ट्रांसपोर्ट अधिकारी डेटा को आसानी से देख सकेंगे। ऐसे में अलग से NOC डॉक्यूमेंट की जरूरत नहीं पड़ेगी। सभी जरूरी जानकारी सीधे डिजिटली वेरिफाई की जा सकेगी। अगर इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो नया सिस्टम लागू होगा। नए सिस्टम में RTO ऑनलाइन स्टेटस देखकर तुरंत ट्रांसफर मंजूर कर सकेगा।
पेपरवर्क की टेंशन से मिलेगी राहत
इस बदलाव से व्हीकल ओनर्स को काफी राहत मिलेगी। यह खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद होगा, जो जॉब, एजुकेशन या बिजनेस के लिए शिफ्ट होते है। अक्सर देखा जाता है कि लोग पेपरवर्क के डर से गाड़ी ट्रांसफर नहीं करते है। ऐसे में अब नया डिजिटल सिस्टम इस पूरी ब्यूरोक्रेसी को खत्म कर देगा। बिना किसी पेपरवर्क के री-रजिस्ट्रेशन से प्रोसेस बेहद आसान हो जाएगा।
अब सिर्फ टेस्ट पास होने से मिलेगी मंजूरी
इन नए नियमों के तहत अब गाड़ी की उम्र मायने नहीं रखेगी। सड़क पर चलने का फैसला फिटनेस और सेफ्टी टेस्ट तय करेंगे। दरअसल कमेटी ने पुराने नियम बदलकर फिटनेस आधारित सिस्टम लागू करने की सिफारिश की है। इस नए बदलाव के तहत, अगर आपकी गाड़ी सेफ्टी और फिटनेस इंस्पेक्शन पास कर लेती है, तो उसे चलाने की मंजूरी मिलेगी।
मंत्रालय से फाइनल अप्रूवल का इंतजार
सड़क परिवहन और हाईवे मंत्रालय फिलहाल इस प्रस्ताव पर विचार कर रहा है। अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। ऐसे में अगर इसे मंजूरी मिलती है, तो देश के व्हीकल रजिस्ट्रेशन सिस्टम में बड़ा अपडेट देखने को मिल सकता है। जिसके चलते एक शहर से दूसरे शहर गाड़ी ट्रांसफर करना पूरी तरह से डिजिटल और बहुत आसान हो जाएगा।
60-Words Summary:
अब दो राज्यों के बीच व्हीकल ट्रांसफर करना बेहद आसान होगा। नीति आयोग ने पुरानी एनओसी (NOC) खत्म कर डिजिटल क्लियरेंस सिस्टम का प्रस्ताव दिया है। डेटा ‘वाहन’ पोर्टल के जरिए ऑनलाइन वेरिफाई होगा। इससे कागजी प्रक्रिया कम होगी। कमेटी द्वारा फिटनेस आधारित नियम लागू करने की सिफारिश की है। फिलहाल मंत्रालय इस बदलाव पर विचार कर रहा है।
