देश की टॉप IT कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) इस वक्त मुश्किल दौर से गुजर रही है। पिछले आठ महीनों में कंपनी के 300 से अधिक सीनियर टैलेंट्स ने रिजाइन दे दिया है। इतनी बड़ी संख्या में सीनियर लोगों के जाने से कंपनी की स्टेबिलिटी पर सवाल खड़े हो गए हैं।

सीनियर लेवल पर बढ़ा नौकरी छोड़ने का ट्रेंड
TCS में सीनियर लेवल पर इस्तीफों देने वालों की संख्या में अचानक से बढ़ी है। बता दें कि 800 सीनियर अधिकारियों में से 300 से ज्यादा लोग नौकरी छोड़ चुके हैं। इसका मतलब है कि टॉप लेवल के करीब 16% अधिकारियों ने इस्तीफा दिया है।
पहले यह डेटा एनुअल सिर्फ 4 से 5% के बीच रहता था। नौकरी छोड़ने वालों में वाइस प्रेसिडेंट, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और प्रिंसिपल कंसलटेंट शामिल हैं। इनमें से कई लंबे समय से कंपनी के साथ जुड़े हुए थे।
AI के चलते बदला वर्किंग स्टाइल
माना जा रहा है कि TCS में इस्तीफों की वजह कंपनी की नई ‘AI स्ट्रेटेजी’ है। पिछले कुछ सालों में कंपनी ने पहली बार इतनी संख्या में ले-ऑफ किया है। इससे लगभग 12,000 कर्मचारी प्रभावित हुए हैं। यह वर्कफोर्स का लगभग 2% है। कंपनी अब AI के इस्तेमाल के साथ अपनी स्ट्रेटेजी बदल रही है।
मैनेजमेंट को छोटा और ज्यादा सरल बनाया जा रहा है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि ऑटोमेशन से अब हर लेवल पर चेकिंग की जरूरत कम हुई है।
वेरिएबल पे कटौती से सीनियर लीडर्स में नाराजगी
TCS में कर्मचारियों के इस्तीफों की बड़ी वजह सैलरी और बोनस में कटौती भी है। बताया जा रहा है कि पिछले दो सालों में सीनियर लीडर्स को उनके वेरिएबल पे का 10% से भी कम हिस्सा मिला है। जहां एक ओर काम लगातार बढ़ा है। तो वही काम से मिलने वाले फायदे कम होते गए। इस स्तिथि में, टॉप लेवल प्रोफेशनल का विश्वास कंपनी से उठ गया है। ऐसे में जो कंपनी जॉब सिक्योरिटी के लिए मशहूर थी। वहां अब एम्प्लॉयीज जॉब्स को लेकर को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
कर्मचारियों के जाने से प्रोजेक्ट हो रहे है प्रभावित
TCS में टॉप लेवल पर कर्मचारियों के जाने से गंभीर प्रभाव देखने को मिल रहे हैं। आमतौर पर सीनियर लीडर, कस्टमर रिलेशन और प्रोजेक्ट डिलीवरी संभालते हैं। ऐसे में इनके जाने से कंपनी के पुराने प्रोजेक्ट्स में रुकावट आ सकती है। इससे क्लाइंट्स का भरोसा भी कमजोर हो सकता हैं। एक्सपर्ट्स का कहना हैं कि इतने एक्सपीरिएंस्ड लोगों की भरपाई करना बहुत मुश्किल है।
कंपनी के शेयर्स और रेवेन्यू में गिरावट
TCS इस समय कई चुनौतियों का सामना कर रही है। कंपनी के रेवेन्यू में लगातार गिरावट आ रही है। इतना ही नहीं, कुछ बड़े कॉन्ट्रैक्ट गंवाने का भी डर है। जिसका सीधा असर कंपनी के शेयर्स पर पड़ा हैं। ऐसी स्थिति में, Infosys और HCL जैसी कंपनियों आगे निकल सकती है। कुल मिलाकर, कंपनी इस समय चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रही है।
60- Words Summary:
TCS इस समय बड़े बदलाव और चुनौतियों का सामना कर रही है। पिछले कुछ महीनों में कई सीनियर अधिकारियों ने कंपनी छोड़ी है। इससे कामकाज और प्रोजेक्ट्स पर असर पड़ सकता है। AI स्ट्रेटेजी और सैलरी से जुड़े मुद्दे इसकी बड़ी वजह माने जा रहे हैं। अनुभवी लोगों के जाने से कंपनी पर दबाव बढ़ा है। इसका असर कंपनी के शेयर्स और रेवेन्यू पर भी दिख रहा है।
