हाल ही में पंजाब सरकार ने प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ सख्त एक्शन लिया है। इस कड़ी में, दो सीनियर IAS अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया। इस लापरवाही के चलते आंगनवाड़ी वर्कर्स को तय समय पर स्मार्टफोन नहीं मिल पाया। सरकार ने मामले पर गंभीरता दिखाते हुए यह फैसला लिया।

किन अधिकारियों को किया सस्पेंड?
पंजाब सरकार ने दो सीनियर अधिकारीयों को तुरंत सस्पेंड कर दिया है। कमल किशोर यादव, एडमिनिस्ट्रेटिव सेक्रेटरी (इंडस्ट्रीज़, कॉमर्स, इन्वेस्टमेंट प्रमोशन और IT) और जसप्रीत सिंह, मैनेजिंग डायरेक्टर, पंजाब इन्फोटेक सस्पेंड हुए। सस्पेंशन के दौरान दोनों को चंडीगढ़ के राज्य हेडक्वार्टर से अटैच किया जाएगा। इस सस्पेंशन पीरियड के दौरान उन्हें केवल गुज़ारा भत्ता मिलेगा। जैसा कि ऑल इंडिया सर्विसेज़ (डिसिप्लिन एंड अपील) रूल्स, 1969 के रूल 3(1) में बताया गया है।
स्मार्टफोन खरीद में 6 साल की देरी
दरअसल यह कंट्रोवर्सी 4G से 5G डिवाइस पर शिफ्ट होने की वजह से शुरू हुई । प्रोजेक्ट की शुरुआत में 4G फोन के लिए फंड मिला था। जिसे बाद में 5G कर दिया गया। ऐसे में बजट बढ़ गया। वेंडर्स को पुराना ऑर्डर कैंसिल करना पड़ा। बिना सही प्रक्रिया के दोबारा टेंडर निकालने पर कई लोगों ने आपत्ति जताई। मामला कोर्ट तक पंहुचा। जिसके चलते स्मार्टफोन खरीदना और भी मुश्किल होता चला गया।
बाकी राज्यों से पीछे पंजाब और बंगाल
पोषण अभियान के तहत डिवाइस खरीदने के मामले में पंजाब और पश्चिम बंगाल का प्रदर्शन सबसे खराब रहा है। जहां एक ओर बाकी राज्यों ने अपने सिस्टम को अपडेट रखा है। वहीं ये दो राज्य अभी तक खरीद प्रक्रिया में ही उलझे हैं। बेनेफिशियरी ट्रैकिंग के लिए ये डिवाइस बेहद जरूरी थे।अन्य राज्यों के मुकाबले यहां की स्थिति चिंताजनक थी।
स्मार्टफोन डील में दो अफसरों पर कार्रवाई
स्मार्टफोन डील मामले में सरकार ने सस्पेंशन के साथ सरकार ने दो अन्य अधिकारियों का ट्रांसफर भी किया है। डिपार्टमेंट ऑफ सोशल सिक्योरिटी, वुमेन एंड चाइल्ड डेवलपमेंट के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी विकास प्रताप को उनके पद से हटा दिया गया है। फिलहाल उन्हें कोई पोस्टिंग नहीं मिली है। इसी डिपार्टमेंट में जॉइंट सेक्रेटरी आनंद सागर शर्मा का भी ट्रांसफर किया गया है। उन्हें गुरदासपुर के एडिशनल डिप्टी कमिश्नर के तौर पर नियुक्त किया गया।
कार्रवाई पर उठे विपक्ष के सवाल
सरकार के इस फैसले पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। विपक्षी नेताओं ने सस्पेंशन की टाइमिंग और वजह पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इस फैसले से ब्यूरोक्रेटिक इंडिपेंडेंस पर असर पड़ सकता है। कुछ नेताओं का दावा है कि अधिकारियों को गलत निर्देशों का विरोध करने पर सजा दी गई।
Summary:
पंजाब सरकार ने पोषण अभियान में छह साल की देरी पर सख्त कदम उठाते हुए दो वरिष्ठ IAS अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया। आंगनवाड़ी वर्कर्स को समय पर स्मार्टफोन नहीं मिल पाए। 4G से 5G शिफ्ट और टेंडर विवाद से लागत बढ़ी और मामला कोर्ट तक पहुंचा। पंजाब और पश्चिम बंगाल अभी पीछे हैं। सरकार ने दो और अधिकारियों का ट्रांसफर किया। विपक्ष ने कार्रवाई की टाइमिंग पर सवाल उठाए।
